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दक्षिण दिल्ली के साकेत के पास सैदुल्लाजाब सिस्टम का भ्रष्टाचार फिर सामने आया है। साकेत मेट्रो स्टेशन से कुछ दूरी पर वेस्टर्न मार्ग की गली नंबर-5 में स्थित ग्राउंड समेत तीन मंजिला इमारत शनिवार रात भराभरा कर ढह गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि तीसरी मंजिल पर निर्माण कार्य चल रहा था। इमारत अवैध निर्माण का बोझ नहीं सह पाई और जमींदोज हो गई। सवाल ये है कि आखिर इमारत पर चौथी मंजिल का निर्माण किसकी अनुमति से चल रही थी। क्या कोई सरकारी एजेंसी ने मौके पर जाकर चेक किया था। घायलों में ज्यादातर छात्र बताए जा रहे हैं।

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घायलों को लेकर जाती एंबुलेंस
– फोटो : अमर उजाला
ग्राउंड फ्लोर पर चलती थी कैंटीन
दमकल विभाग के अधिकारियों के अनुसार साकेत मेट्रो स्टेशन के पास वेस्टर्न मार्ग पर गली नंबर-5 में स्थित ये इमारत थी। शनिवार की शाम 7.45 बजे दमकल विभाग को इमारत के दहने की सूचना मिली। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस इमारत में ग्राउंड फ्लोर पर कैंटीन चलती थी। साथ ही इमारत में कैफे, कोचिंग सेंटर व पीजी चलता है। कॉफी हाउस भी चलता था। इस इमारत में व्यवसायिक गतिविधियां ही चलती थीं।

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बचाव टीम
– फोटो : अमर उजाला
विदेश जाने के लिए पढ़ाई कर रहे थे
स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां पर विदेश में पढ़ाई के लिए जाने वाले छात्र यहां एफएसएमजी की पढ़ाई कर रहे थे। ज्यादातर छात्र यहीं कोचिंग ले रहे थे और यहीं पीजी में रहते थे। ऐसे में इस हादसे में छात्रों के ज्यादा मौत होने की संभावना है।

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बचाव टीम
– फोटो : अमर उजाला
शाम के समय होने के कारण मौत का आंकड़ा बढ़ सकता है
सैदुल्लाजाब गांव समेत चार गांवों की कमेटी के प्रधान रविंद्र सिंह गुलालिया ने बताया कि इस इमारत में पीजी, कॉफी हाउस, कैंटीन व व्यवसायिक गतिविधियां चल रही थीं। उन्होंने बताया कि आज वीकेंड है। गार्डन ऑफ फाइवसेंस पास में है। वहां ट्यूस्टि आते हैं। उन्होंने संभावना जताई कि ट्यूस्टि व अन्य लोग यहां कॉफी हाउस में आए हों। परिवार के साथ लोग आते हैं। ये जानकारी सामने आई है कि हो सकता है 100 लोग इसमें दबे हों। सभी एजेंसियां घायलों को निकालने के लिए कड़ी मशक्कत कर रही हैं। गांव के लोग भी मदद कर रहे हैं।

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घायलों को लेकर जाती एंबुलेंस
– फोटो : अमर उजाला
मलबे से जीवित निकले लोग
शनिवार रात मकान गिरने की सूचना मिलते ही कुछ ही देर में घटनास्थल पर स्थानीय लोगों का जमावड़ा लग गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत इमारत के मलबे में फंसे हुए लोगों की तलाश करने में जुट गए। लोगों ने मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए आवाज लगाने लगे। कुछ घायलों ने आवाज लगाकर लोगों को फंसे होने की जानकारी दी। जहां पहुंचकर लोगों ने देखते ही देखते तीन लोगों को जीवित हालत में बाहर निकाल दिया।