SCSS ब्याज अपडेट: 1 अक्टूबर को खाते में पैसा नहीं आया? घबराएं नहीं, तुरंत करें ये काम | SCSS Interest Credit Rules 2026: What To Do If Your Payment Fails On October 1st And TDS Issues


SCSS ब्याज अपडेट: 1 अक्टूबर को खाते में पैसा नहीं आया? घबराएं नहीं, तुरंत करें ये काम

सीनियर सिटीजंस सेविंग्स स्कीम (SCSS) की जुलाई से सितंबर तिमाही का ब्याज बुधवार, 30 सितंबर को आपके खाते में नहीं आएगा। नियमों के मुताबिक, ब्याज की रकम अगली तिमाही के पहले वर्किंग डे पर क्रेडिट होती है। ज्यादातर जमाकर्ताओं के लिए यह तारीख गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026 रहेगी। अगर आप चाहते हैं कि आपका ब्याज बिना किसी रुकावट के खाते में आ जाए और बेवजह टीडीएस भी न कटे, तो तुरंत कुछ जरूरी काम निपटा लें। आइए जानते हैं कि आपको किन बातों का ध्यान रखना है।

ब्याज का यह पैसा आपके पोस्ट ऑफिस सेविंग्स बैंक (POSB) अकाउंट में या फिर ईसीएस (ECS) के जरिए आपके लिंक्ड बैंक खाते में भेजा जाता है। अक्सर ब्याज का पैसा तय तारीख की शाम तक खाते में रिफ्लेक्ट होता है, न कि आधी रात को। इसलिए अगर 30 सितंबर तक खाते में कोई एंट्री न दिखे, तो घबराने की जरूरत नहीं है, यह पूरी तरह सामान्य है। बस यह सुनिश्चित कर लें कि आपका मैंडेट सही डिटेल्स के साथ एक एक्टिव खाते से जुड़ा हो। बचत खाते में ऑथराइज्ड क्रेडिट की पूरी अनुमति होती है।

SCSS Interest Credit Rules 2026: What to Do If Your Payment Fails on October 1st and TDS Issues

SCSS पर टीडीएस के नियम और फॉर्म 15H

इनकम टैक्स के सेक्शन 194A के तहत, वरिष्ठ नागरिकों का टीडीएस (TDS) तभी कटता है जब एक वित्त वर्ष में कुल ब्याज ₹1,00,000 से ज्यादा हो। अगर आपका पैन (PAN) अपडेट है तो 10 फीसदी टीडीएस कटेगा, वहीं पैन न होने पर 20 फीसदी तक कटौती हो सकती है। अगर पूरे साल में आपकी कुल अनुमानित टैक्स देनदारी शून्य (Nil) है, तभी फॉर्म 15H भरें। टीडीएस कटौती से बचने के लिए इसे ब्याज क्रेडिट होने से पहले ही जमा कर दें।

SCSS क्रेडिट मैपिंग के लिए ये चेक करें

यह जरूर जांच लें कि आपका SCSS अकाउंट किसी चालू POSB या बैंक खाते से सही तरीके से मैप (लिंक) है या नहीं। अगर आप बैंक खाते का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो कैंसिल चेक के साथ ECS-1 मैंडेट जमा करें। वहीं POSB में ऑटो-क्रेडिट के लिए फॉर्म SB-83 जमा करना होता है। पोस्ट ऑफिस काउंटर पर जाकर अपना अकाउंट नंबर, IFSC या MICR कोड और नाम का मिलान जरूर वेरीफाई करवा लें। डिफ़ॉल्ट नियमों के तहत ज्यादा टीडीएस कटने से बचने के लिए अपना पैन भी लिंक करा लें।

1 अक्टूबर तक ब्याज न मिले तो क्या करें?

अगर 1 अक्टूबर तक पैसा न आए तो सबसे पहले अपनी पासबुक, एसएमएस अलर्ट और नेट बैंकिंग चेक करें। इसके बाद भी समस्या हल न हो, तो अपनी होम ब्रांच या हेड पोस्ट ऑफिस से ट्रांजैक्शन फेल होने का कोड मांगें और एक तय समय-सीमा के साथ लिखित पावती (एकनॉलेजमेंट) लें। अगर बैंक से जुड़ी शिकायत 30 दिनों में हल नहीं होती है, तो आप आरबीआई लोकपाल (RBI Ombudsman) के पास जा सकते हैं। वहीं पोस्ट ऑफिस से जुड़ी शिकायतों को इंडिया पोस्ट के पोर्टल पर दर्ज कराया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर CPGRAMS पर भी एस्केलेट किया जा सकता है।



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