SGB रिडेम्पशन अलर्ट: 31 अगस्त है आखिरी मौका, समय रहते ऐसे करें आवेदन
अगर आप सितंबर महीने में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) का समय से पहले भुगतान (प्री-मैच्योर रिडेम्पशन) पाना चाहते हैं, तो सोमवार, 31 अगस्त 2026 इसके लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) हर सीरीज (ट्रेंच) के हिसाब से अलग-अलग विंडो तय करता है। ऐसे में आपकी रिक्वेस्ट तय कट-ऑफ समय से पहले रिसीविंग ऑफिस, डिमैट डिपॉजिटरी या डाकघर तक पहुंच जानी चाहिए। अगर आप यह डेडलाइन चूक जाते हैं, तो आपकी रिडेम्पशन अगली छमाही की तारीख तक टल जाएगी—भले ही आपकी सीरीज का ब्याज सितंबर में ही क्यों न मिलना हो।
फिलहाल RBI के कैलेंडर में केवल उन्हीं सीरीज को रिडेम्पशन की मंजूरी मिली है, जिनकी कूपन (ब्याज) डेट सितंबर में है। उदाहरण के लिए, 2020-21 सीरीज XII का रिडेम्पशन 9 सितंबर को होना है, जिसके लिए 31 अगस्त तक रिक्वेस्ट दी जा सकती है। 2019-20 सीरीज X की रिडेम्पशन डेट 11 सितंबर है, और इसके लिए आवेदन 1 सितंबर तक खुले हैं। वहीं, 2020-21 सीरीज VI का रिडेम्पशन 8 सितंबर को है, लेकिन इसकी विंडो 29 अगस्त को ही बंद हो चुकी है। इसलिए आवेदन करने से पहले अपने अकाउंट स्टेटमेंट से अपनी बॉन्ड सीरीज और ब्याज की तारीख जरूर मिला लें।

SGB अर्ली रिडेम्पशन: अपनी बॉन्ड सीरीज कैसे चेक करें?
सबसे पहले अपना डिमैट स्टेटमेंट या बॉन्ड लेजर खोलें और सीरीज का सही नाम व ब्याज मिलने की तारीख नोट करें। पात्रता (एलिजिबिलिटी) पक्की करने के लिए दोनों की तुलना RBI की सबमिशन विंडो से करें। अगर आपके पास ‘RBI रिटेल डायरेक्ट’ के जरिए यूनिट्स हैं, तो वहीं अपनी होल्डिंग चेक करें। ध्यान रखें कि डिमैट यूनिट्स का काम डिपॉजिटरी संभालती है, जबकि रिटेल डायरेक्ट यूनिट्स को RBI खुद मैनेज करता है। इसलिए आप जिस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं, आवेदन भी वहीं से जमा करें।
| होल्डिंग का तरीका | सीरीज और ब्याज की तारीख कहां देखें? | आज ही क्या करें? |
|---|---|---|
| डिमैट (NSDL/CDSL) | डिमैट स्टेटमेंट या ब्रोकर कंसोल में | अपने डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट (DP) या ब्रोकर सपोर्ट को री-परचेज फॉर्म सबमिट करें |
| बॉन्ड लेजर (बैंक/डाकघर/SHCIL) | ई-सर्टिफिकेट, ब्रांच प्रिंट या ईमेल में | फॉर्म, पैन कार्ड और बैंक प्रूफ के साथ बैंक या डाकघर की शाखा जाएं |
| RBI रिटेल डायरेक्ट | रिटेल डायरेक्ट होल्डिंग्स डैशबोर्ड पर | ऑनलाइन ही प्री-मैच्योर रिडेम्पशन रिक्वेस्ट दर्ज करें |
बैंक, डिमैट या पोस्ट ऑफिस से SGB प्री-मैच्योर रिडेम्पशन के लिए आवेदन कैसे करें?
इसके लिए सबसे पहले री-परचेज फॉर्म (Repurchase Form) डाउनलोड करें। इसमें होल्डर का नाम, फोलियो या DP ID, पैन नंबर (PAN) और बैंक डिटेल्स सही-सही भरें। अगर मांगा जाए, तो साथ में एक कैंसिल्ड चेक भी लगाएं। इसके बाद इसे अपने बैंक, तय डाकघर, स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (SHCIL), DP या ब्रोकर के पास जमा कर दें। वहीं, रिटेल डायरेक्ट से जुड़े निवेशक इसे ऑनलाइन सबमिट कर सकते हैं। RBI के नियमों के मुताबिक, “इश्यू डेट से 5 साल पूरे होने के बाद ही प्री-मैच्योर रिडेम्पशन की अनुमति मिलती है,” और वह भी केवल ब्याज भुगतान की तारीखों पर।
ध्यान दें कि ब्रोकर या बैंकों की अंदरूनी डेडलाइन RBI की तारीख से पहले हो सकती है। उदाहरण के तौर पर, ज़ेरोधा (Zerodha) जैसे प्लेटफॉर्म्स RBI की आखिरी तारीख से 10 वर्किंग डेज पहले ही फॉर्म मांग लेते हैं। NSDL की गाइडलाइन्स के मुताबिक भी ब्याज की तारीख से कम से कम 10 दिन पहले आवेदन जमा हो जाना चाहिए। अगर आप सोमवार को ब्रांच जा रहे हैं, तो वर्किंग ऑवर्स का ध्यान रखें। वहीं, अगर आप RBI के जरिए रिडेम्पशन का विकल्प चुन रहे हैं, तो शेयर बाजार (एक्सचेंज) पर इसे बेचने से बचें। रिडेम्पशन का पैसा ब्याज भुगतान की तारीख पर ही आपके खाते में क्रेडिट होगा। इसके लिए सोने की कीमत का हिसाब इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के तीन दिनों के औसत मूल्य के आधार पर तय किया जाता है।