SGB 2020-21 सीरीज I: पैसा निकालने का मौका खुल गया, चूक गए तो करना होगा अप्रैल 2027 तक इंतजार | SGB 2020-21 Series I Premature Redemption: How To Apply, Important Dates, And Tax Rules For Investors


SGB 2020-21 सीरीज I: पैसा निकालने का मौका खुल गया, चूक गए तो करना होगा अप्रैल 2027 तक इंतजार

सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) 2020–21 सीरीज I में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए आज, 26 सितंबर 2026 से समय से पहले पैसे निकालने (प्री-मैच्योर रिडेम्प्शन) का मौका खुल गया है। इसके लिए 19 अक्टूबर तक रिडेम्प्शन विंडो खुली रहेगी और 28 अक्टूबर तक आपके रजिस्टर्ड बैंक खाते में पैसे क्रेडिट कर दिए जाएंगे। आप NSDL या CDSL के अपने डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट (DP), ब्रोकर या फिर RBI रिटेल डायरेक्ट के जरिए आवेदन कर सकते हैं। ध्यान रखें, अगर यह मौका चूक गए तो अगला चांस अप्रैल 2027 में ही मिलेगा। इस संबंध में जरूरी तारीखों और माध्यमों की आधिकारिक सूचना जारी कर दी गई है।

बाजार में सही समय के इंतजार (टाइमिंग) के चक्कर में न पड़ें। इस किश्त के लिए रिडेम्प्शन प्राइस तय करने के वास्ते RBI पिछले तीन कारोबारी दिनों में 999 शुद्धता वाले सोने के क्लोजिंग प्राइस के सिंपल एवरेज का इस्तेमाल करता है। शुरुआती सालों के बाद जारी हुई किश्तों और 2020–21 की सीरीज पर यही नियम लागू होता है। चूंकि सीरीज I को 28 अप्रैल 2020 को जारी किया गया था, इसलिए 28 अक्टूबर वाले रीपेमेंट पर भी यही तीन दिन वाला फॉर्मूला लागू होगा।

SGB 2020-21 Series I Premature Redemption: How to Apply, Important Dates, and Tax Rules for Investors

SGB प्री-मैच्योर रिडेम्प्शन: विंडो, तारीखें और पूरी प्रक्रिया

आवेदन कैसे करें, आसान स्टेप्स में समझें: अगर आपकी यूनिट्स डीमैट में हैं, तो इस विंडो के दौरान अपने DP या ब्रोकर के पास ‘Request for Premature Redemption’ फॉर्म जमा करें। डिपॉजिटरी इन सभी आवेदनों को मिलाकर RBI को भेजती हैं। वहीं, रिटेल डायरेक्ट यूजर्स पोर्टल पर लॉगिन करके रिडेम्प्शन रिक्वेस्ट दर्ज कर सकते हैं। रिसीविंग ऑफिस और डिपॉजिटरी को RBI की विंडो के भीतर ही आवेदन चाहिए होते हैं, जो आमतौर पर कूपन की तारीख से कम से कम 10 दिन पहले होना जरूरी है। अप्लाई करने से पहले अपनी किश्त की जांच “2020–21 Series I, इश्यू डेट 28-अप्रैल-2020” के रूप में जरूर कर लें।

SGB पर टैक्स के नियम, प्रैक्टिकल बातें और प्राइसिंग का गणित

टैक्स नियमों की बात करें तो आयकर अधिनियम की धारा 47(viic) के तहत RBI द्वारा रिडेम्प्शन पर मिलने वाले कैपिटल गेंस से व्यक्तिगत निवेशकों को पूरी छूट मिलती है। हालांकि, इस पर मिलने वाला 2.5% का सालाना कूपन ब्याज आपकी टैक्स स्लैब के हिसाब से पूरी तरह से टैक्सेबल रहेगा। अगर आप इसे RBI के पास रिडीम करने के बजाय एक्सचेंज पर बेचते हैं, तो मुनाफे पर टैक्स लगेगा। लिस्टेड बॉन्ड्स पर लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेंस इंडक्सेशन के साथ 20% या बिना इंडक्सेशन के 10% हो सकता है, जबकि शॉर्ट-टर्म गेंस पर स्लैब रेट से टैक्स लगता है। आवेदन करने से पहले अपना PAN, KYC और सही बैंक मैंडेट रिकॉर्ड में अपडेट होना सुनिश्चित कर लें।

इन्वेस्टमेंट ऑप्शन मानकर चला गया प्री-टैक्स सालाना ब्याज 5 साल 10 साल 15 साल
SGB कूपन (केवल ब्याज) 2.5% सिंपल ₹12,500 ₹25,000 ₹37,500
बैंक FD (उदाहरण के लिए) 6.5% कम्पाउंडिंग ₹37,009 ₹87,700 ₹157,300

याद रखें, SGB में आपका मूलधन (प्रिंसिपल) सोने की कीमतों से जुड़ा होता है; ऊपर दी गई तालिका स्पष्टता के लिए केवल ब्याज को अलग करके दिखाती है। बिना किसी रुकावट के रिडेम्प्शन प्रोसेस के लिए जॉइंट-होल्डर की सहमति लें, पूरे ग्राम (whole-gram) के मल्टीपल में आंशिक रिडेम्प्शन का अनुरोध करें और अपने बैंक विवरण की पुष्टि करें। डीमैट में ऑड-लॉट यूनिट्स भी स्वीकार्य हैं। अपने DP या रिटेल डायरेक्ट पोर्टल में स्टेटस ट्रैक करते रहें। यदि आप 19 अक्टूबर की कट-ऑफ तारीख तक आवेदन कर देते हैं, तो 28 अक्टूबर को राशि आपके खाते में आ जाएगी। बैंक FD की ब्याज दर का अनुमान SBI की वर्तमान दरों पर आधारित है।



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