Share Market में जोरदार तेजी, निफ्टी 24,200 के पार; सबसे अधिक किस शेयर में तेजी?
Share Market में शुक्रवार, 10 जुलाई को लगातार दूसरे कारोबारी दिन जोरदार तेजी देखने को मिली। बाजार खुलते ही निवेशकों की झोली में लाखों करोड़ रुपये जुड़ गए। सेंसेक्स ने शुरुआती कारोबार में 785 अंकों तक की छलांग लगाई, जबकि निफ्टी भी 24,200 के पार पहुंच गया। ऐसे में सवाल है कि आखिर बाजार में इस दमदार रैली की वजह क्या है और किन शेयरों ने सबसे ज्यादा चमक दिखाई? आइए जानते हैं।

दरअसल, शुक्रवार को बीएसई सेंसेक्स 77,395.63 के स्तर पर हरे निशान में खुला और कुछ ही देर में 785 अंक से ज्यादा उछलकर 77,526.85 के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया। वहीं, निफ्टी 24,124.70 पर खुला और 225 अंकों से ज्यादा की तेजी के साथ 24,187.90 के हाई तक पहुंच गया।
बाजार में आई इस तेजी का सबसे बड़ा फायदा निवेशकों को हुआ। गुरुवार को बाजार बंद होने पर बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप 4,75,47,031 करोड़ रुपये था, जो शुक्रवार सुबह बढ़कर 4,80,08,188 करोड़ रुपये से अधिक हो गया। यानी कुछ ही मिनटों में निवेशकों की संपत्ति में करीब 4.61 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हो गया।
निफ्टी के टॉप गेनर्स की बात करें तो सबसे ज्यादा तेजी Jio Financial में 3.77% की रही। इसके बाद Adani Enterprises 2.56%, Adani Ports 2.51%, JSW Steel 2.40% और Hindalco 2.35% की बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। इन शेयरों में खरीदारी ने निफ्टी की तेजी को मजबूत समर्थन दिया।
वहीं, गिरावट वाले शेयरों में Dr. Reddy’s Laboratories सबसे ज्यादा 1.28% टूटा। इसके अलावा Eternal में 1.35%, Bharti Airtel में 0.88%, Max Healthcare में 0.31% और Apollo Hospitals में 0.11% की कमजोरी देखने को मिली। हालांकि, इन चुनिंदा शेयरों में गिरावट के बावजूद बाजार का ओवरऑल सेंटीमेंट सकारात्मक बना रहा।
इससे पहले गुरुवार को भी शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ था। सेंसेक्स 238 अंक चढ़कर 76,741.82 पर और निफ्टी 80 अंक की तेजी के साथ 23,962.80 पर बंद हुआ था। बाजार की इस लगातार तेजी के पीछे विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII की खरीदारी को प्रमुख वजह माना जा रहा है। इसके अलावा बैंकिंग, आईटी, मेटल और ऑटो शेयरों में खरीदारी ने भी बाजार को मजबूत समर्थन दिया।
अब निवेशकों की नजर आने वाले कारोबारी सत्रों पर रहेगी। अगर विदेशी निवेशकों की खरीदारी जारी रहती है और वैश्विक बाजारों से सकारात्मक संकेत मिलते हैं, तो बाजार में तेजी का यह सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है। वहीं, किसी भी वैश्विक आर्थिक या भू-राजनीतिक घटनाक्रम का असर बाजार की दिशा पर पड़ सकता है। इसलिए निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय सोच-समझकर निवेश की रणनीति अपनानी चाहिए।
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