Share Market Recovery: बाजार में लौटी रौनक! सेंसेक्स 850 अंक उछला, निफ्टी 22,500 के पार, तेजी की 3 बड़ी वजहें | Share Market Recovery: Markets Rebound! Sensex Surges 850 Points, Nifty Crosses 22,500 — 3 Key Reasons Behind the Rally


Share Market Recovery: बाजार में लौटी रौनक! सेंसेक्स 850 अंक उछला, निफ्टी 22,500 के पार, तेजी की 3 बड़ी वजहें

गुरुवार की भारी गिरावट के बाद शुक्रवार, 9 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार रिकवरी देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी ने तेजी के साथ कारोबार किया। सुबह के कारोबार में सेंसेक्स करीब 850 अंक उछलकर 72,430 के स्तर तक पहुंच गया, जबकि निफ्टी करीब 270 अंक चढ़कर 22,502 के आसपास पहुंच गया।

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आईटी शेयरों में खरीदारी, निचले स्तरों पर हुई वैल्यू बाइंग और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने बाजार को सहारा दिया। इस तेजी के पीछे तीन प्रमुख कारण रहे, जिनमें आईटी शेयरों में खरीदारी, पिछली गिरावट के बाद निचले स्तरों पर खरीदारी और वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत शामिल हैं। हालांकि, एक दिन की तेजी को बाजार में स्थायी रिकवरी का संकेत मानने से पहले आगे के कारोबारी रुझान पर नजर रखना जरूरी होगा।

IT सेक्टर में तेजी से मार्केट को सपोर्ट-

शेयर बाजार में रिकवरी की पहली और सबसे बड़ी वजह आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी रही। दिग्गज आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी TCS के दूसरी तिमाही के नतीजों ने निवेशकों का ध्यान खींचा। कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर करीब 15 फीसदी बढ़कर 13,884 करोड़ रुपये पहुंच गया। इसके साथ ही कंपनी ने 12 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान किया। नतीजों से उत्साहित निवेशकों ने टीसीएस के शेयरों में खरीदारी की, जिसका असर पूरे आईटी सेक्टर पर दिखा। निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 3.45 फीसदी चढ़ा गया।

तकनीकी उछाल यानी टेक्निकल बाउंस-बैक:-

दूसरी वजह तकनीकी उछाल यानी टेक्निकल बाउंस-बैक रही। पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी में 1,000 अंकों से ज्यादा की गिरावट आई थी। लगातार बिकवाली के बाद बाजार के कई शेयर निचले स्तरों पर पहुंच गए। ऐसे में कुछ निवेशकों और संस्थागत खरीदारों ने इन स्तरों पर खरीदारी की। इसे वैल्यू बाइंग कहा जाता है। हालांकि, केवल एक दिन की तेजी से यह निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी कि बाजार में गिरावट पूरी तरह खत्म हो गई है।

वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत:-

तीसरी वजह वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत रहे। अमेरिकी वायदा बाजारों में बढ़त ने घरेलू निवेशकों के सेंटीमेंट को सहारा दिया। जब वैश्विक बाजारों का रुख सकारात्मक होता है, तो भारतीय बाजार में भी खरीदारी बढ़ सकती है। हालांकि, विदेशी बाजारों की चाल और वैश्विक घटनाक्रम आगे भी बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।

निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट-रेजिस्टेंस:-

अब बात निफ्टी के अहम स्तरों की, तो एक्सपर्ट के मुताबिक, 22,290 से 22,350 का दायरा अहम रेजिस्टेंस है। निफ्टी इस स्तर के ऊपर टिकता है, तो 22,440 से 22,600 की ओर बढ़ने की संभावना बन सकती है। वहीं, 22,140 के आसपास का स्तर गिरावट के दौरान महत्वपूर्ण माना गया है। कुल मिलाकर, बाजार में आई तेजी ने निवेशकों को राहत जरूर दी है, लेकिन इसे नई तेजी की पक्की शुरुआत मानना सही नहीं होगा।

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