Shiprocket Listing Today: शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री! क्या ₹120 के पार खुलेगा भाव? | Shiprocket Share Listing Today: IPO Price, GMP, And Expected Opening Price Analysis For 2026


Shiprocket Listing Today: शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री! क्या ₹120 के पार खुलेगा भाव?

शिपरॉकेट (Shiprocket) के शेयर आज, यानी बुधवार 19 अगस्त 2026 को शेयर बाजार (NSE और BSE) में एंट्री कर रहे हैं। कंपनी ने अपने आईपीओ का प्राइस बैंड ₹92 से ₹97 प्रति शेयर तय किया था। सुबह 9:45 से 9:55 बजे के बीच प्री-ओपन डिस्कवरी सेशन चलेगा, जिसके बाद 10:00 बजे से नॉर्मल ट्रेडिंग की शुरुआत होगी। सोमवार को अलॉटमेंट प्रक्रिया पूरी होने के बाद आज दोनों एक्सचेंजों पर इसकी लिस्टिंग तय की गई थी। बाजार विश्लेषकों की नजर इस बात पर है कि शेयर किस भाव पर लिस्ट होता है और शुरुआती ऑर्डर्स का रुख कैसा रहता है।

यह लिस्टिंग बाजार के लिए इतनी अहम क्यों है? दरअसल, यह पूरा आईपीओ करीब ₹1,617.5 करोड़ का है। इसके लिए 12 से 14 अगस्त तक बोलियां मंगाई गई थीं। SEBI के T+3 नियमों के तहत 17 अगस्त को अलॉटमेंट फाइनल किया गया था। इस व्यवस्था से रिफंड और डिमैट खाते में शेयर क्रेडिट होने का समय काफी घट गया है, हालांकि कुछ बैंकों की तरफ से फंड अनब्लॉक (revoke) होने में थोड़ा समय लग सकता है।

Shiprocket Share Listing Today: IPO Price, GMP, and Expected Opening Price Analysis for 2026

Shiprocket Live Listing: प्री-ओपन सेशन और लिस्टिंग प्राइस

बाजार का पहला रुझान समझने के लिए प्री-ओपन सेशन के इक्विलिब्रियम (डिस्कवर्ड) प्राइस पर नजर रखें। लिस्टिंग के पहले दिन एक्सचेंज डिस्कवर्ड प्राइस के आधार पर 5 फीसदी का सर्किट फिल्टर लागू करते हैं और केवल अन-एक्जीक्यूटेड ऑर्डर्स ही नॉर्मल सेशन में जाते हैं। शेयर में वास्तविक मजबूती है या केवल शुरुआती उछाल, यह जानने के लिए VWAP (वॉल्यूम वेटेड एवरेज प्राइस), ओपनिंग डेप्थ और शुरुआती डिलीवरी आंकड़ों को जरूर देखें।

मैट्रिक आंकड़े
प्राइस बैंड ₹92–₹97
लॉट साइज 154 शेयर
इश्यू साइज ~₹1,617.5 करोड़
लिस्टिंग की तारीख 19 अगस्त 2026
GMP रेंज ₹14–₹23.5
₹97 के अपर प्राइस पर अनुमानित लिस्टिंग ₹111–₹120.5

Shiprocket GMP vs रियलिटी: ग्रे मार्केट का क्या है इशारा?

अनऑफिशियल ग्रे मार्केट में कंपनी का जीएमपी ₹14 से ₹23.5 प्रति शेयर के दायरे में देखा गया। अगर कट-ऑफ प्राइस ₹97 मानकर चलें, तो इसका मतलब है कि शेयर ₹111 से ₹120.5 के आसपास लिस्ट हो सकता है। हालांकि, जीएमपी को बाजार के केवल एक संकेत के रूप में देखें, इसे सटीक अनुमान न मानें। लिस्टिंग के बाद शेयर की चाल इस बात पर निर्भर करेगी कि VWAP किस स्तर पर सेटल होता है और क्या डिलीवरी वॉल्यूम से मजबूती को समर्थन मिलता है।

Shiprocket Refund: शेयर नहीं मिले तो क्या करें?

अगर आपको शेयर अलॉट नहीं हुए हैं, तो सबसे पहले अपने यूपीआई (UPI) ऐप में मैंडेट रिवोक का स्टेटस चेक करें और बैंक से फंड अनब्लॉक होने की पुष्टि करें। रजिस्ट्रार T+3 की शाम तक बैंकों को फाइल भेज देते हैं, लेकिन कुछ बैंक इसे प्रोसेस करने में थोड़ा वक्त लेते हैं। यदि देरी ज्यादा हो, तो ASBA या UPI ग्रीवेंस सेल के जरिए शिकायत दर्ज कराएं। जब तक पैसा पूरी तरह रिलीज न हो जाए, तब तक हड़बड़ी में कोई ट्रेडिंग निर्णय न लें।

कंपटीटर शेयर्स और लॉक-इन पीरियड पर रखें नजर

लॉजिस्टिक्स क्षेत्र की लिस्टेड कंपनियों जैसे दिल्लीवरी (Delhivery) और ब्लू डार्ट (Blue Dart) के शेयरों के प्रदर्शन का असर शिपरॉकेट के सेंटिमेंट पर भी देखा जा सकता है। एंकर निवेशकों के लिए 30 और 90 दिनों का चरणबद्ध लॉक-इन पीरियड लागू होगा, जबकि प्री-इश्यू कैपिटल का बड़ा हिस्सा 6 महीने के लिए लॉक रहेगा, जो बाजार में फ्री-फ्लोट को प्रभावित करेगा। खुदरा निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे कयासों के बजाय VWAP और सर्किट के व्यवहार को देखकर ही शेयर बेचने या होल्ड करने का फैसला लें। (डिस्कलेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है।)



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