SSC CGL 2026: कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा (SSC CGL) 2026 इस बार पहले से कहीं ज्यादा कॉम्पटेटिव हो गई है. केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में 12,256 पदों पर भर्ती के लिए देशभर से 30 लाख 66 हजार से अधिक उम्मीदवारों ने आवेदन किया है. इनमें अकेले बिहार से 7 लाख से ज्यादा आवेदन पहुंचे हैं यानी औसतन एक पद के लिए करीब 250 उम्मीदवार मैदान में हैं. इस बीच आयोग ने परीक्षा पैटर्न में भी बड़ा बदलाव किया है. पहली बार सेक्शनल टाइमिंग लागू की गई है और आवेदन फॉर्म में सुधार (Correction Window) की प्रक्रिया भी 1 जुलाई से शुरू होने जा रही है.
30 लाख से ज्यादा आवेदन,बिहार सबसे आगे
SSC CGL 2026 भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 21 मई से 22 जून 2026 तक चली. इस दौरान पूरे देश से 30.66 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने आवेदन किया. सबसे ज्यादा आवेदन बिहार से आए हैं जहां 7 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने फॉर्म भरा है.अगर पिछले वर्षों की बात करें तो SSC CGL 2025 के लिए करीब 28.15 लाख और 2024 भर्ती के लिए लगभग 36.73 लाख आवेदन आए थे. इस बार कुल 12,256 रिक्तियों के मुकाबले आवेदन संख्या को देखते हुए प्रतियोगिता बेहद कड़ी रहने वाली है.
किन पदों पर होगी भर्ती?
SSC CGL के जरिए केंद्र सरकार के कई मंत्रालयों, विभागों और संस्थानों में महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी. इनमें असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर (ASO), आयकर निरीक्षक (Income Tax Inspector), जीएसटी इंस्पेक्टर, सहायक प्रवर्तन अधिकारी (Assistant Enforcement Officer),सांख्यिकी विभाग के पद और अन्य कई ग्रुप-बी एवं ग्रुप-सी पद शामिल हैं.
1 जुलाई से खुलेगी करेक्शन विंडो
जिन उम्मीदवारों से आवेदन भरते समय किसी प्रकार की गलती हो गई है.उन्हें फॉर्म सुधारने का एक और मौका मिलेगा. SSC ने 1 जुलाई से 7 जुलाई 2026 तक करेक्शन विंडो खोलने का फैसला किया है.इस दौरान उम्मीदवार अपने आवेदन में जरूरी बदलाव कर सकेंगे. आयोग ने सलाह दी है कि संशोधन करने से पहले पूरी जानकारी अच्छी तरह जांच लें क्योंकि बाद में दोबारा सुधार का मौका नहीं मिलेगा.
परीक्षा पैटर्न में पहली बार बड़ा बदलाव
SSC CGL 2026 की सबसे बड़ी खासियत इसका नया परीक्षा पैटर्न है. आयोग ने पहली बार सेक्शनल टाइमिंग लागू कर दी है. अब उम्मीदवार अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी सेक्शन में ज्यादा समय नहीं दे पाएंगे.टियर-1 परीक्षा में कुल 100 प्रश्न होंगे और परीक्षा की अवधि 60 मिनट रहेगी. चारों सेक्शन में 25-25 प्रश्न होंगे और प्रत्येक सेक्शन के लिए केवल 15 मिनट का समय मिलेगा. निर्धारित समय पूरा होते ही स्क्रीन अपने आप अगले सेक्शन पर चली जाएगी.इस बदलाव का उद्देश्य सभी विषयों में उम्मीदवारों की समान तैयारी और क्षमता का मूल्यांकन करना है.
टियर-1 में किन विषयों से आएंगे सवाल?
टियर-1 परीक्षा पूरी तरह कंप्यूटर आधारित (CBT)होगी. इसमें जनरल इंटेलिजेंस एंड रीजनिंग, जनरल अवेयरनेस, क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड (गणित) और इंग्लिश कॉम्प्रिहेंशन से कुल 100 प्रश्न पूछे जाएंगे.हर सेक्शन के लिए 15 मिनट का समय मिलेगा. प्रत्येक गलत उत्तर पर आधा अंक (0.50) की नेगेटिव मार्किंग भी लागू रहेगी.
टियर-2 में भी लागू होगी सेक्शनल टाइमिंग
SSC ने केवल प्रारंभिक परीक्षा ही नहीं बल्कि टियर-2 परीक्षा में भी समय सीमा तय कर दी है.पेपर-1 के सेक्शन-1 में गणित के 30 प्रश्न हल करने के लिए 30 मिनट और रीजनिंग के 30 प्रश्नों के लिए अलग से 30 मिनट मिलेंगे.इंग्लिश लैंग्वेज एंड कॉम्प्रिहेंशन के 45 प्रश्नों के लिए 40 मिनट निर्धारित किए गए हैं. वहीं जनरल अवेयरनेस के 25 प्रश्न हल करने के लिए 20 मिनट का समय मिलेगा. कंप्यूटर नॉलेज सेक्शन के 20 प्रश्नों के लिए 15 मिनट दिए जाएंगे.पहले उम्मीदवार किसी भी सेक्शन में अपनी सुविधा के अनुसार समय खर्च कर सकते थे लेकिन अब ऐसा संभव नहीं होगा.
कब होगी परीक्षा?
SSC की ओर से जारी संभावित कार्यक्रम के अनुसार टियर-1 कंप्यूटर आधारित परीक्षा अगस्त-सितंबर 2026 में आयोजित की जाएगी. इसके बाद सफल उम्मीदवारों के लिए टियर-2 परीक्षा दिसंबर 2026 में कराई जाएगी.
चयन प्रक्रिया कैसे होगी?
भर्ती प्रक्रिया दो चरणों में पूरी होगी. सबसे पहले उम्मीदवारों को टियर-1 परीक्षा देनी होगी. इसमें प्राप्त अंकों के आधार पर श्रेणीवार उम्मीदवारों को टियर-2 के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा.टियर-2 में सफल उम्मीदवारों के प्रदर्शन के आधार पर अंतिम मेरिट तैयार होगी.
अंतिम मेरिट कैसे बनेगी?
SSC ने स्पष्ट किया है कि अंतिम चयन केवल टियर-2 परीक्षा के प्रदर्शन के आधार पर होगा.सामान्य पदों के लिए पेपर-1 के सेक्शन-1 और सेक्शन-2 में प्राप्त अंक मेरिट का आधार बनेंगे हालांकि उम्मीदवारों को कंप्यूटर नॉलेज टेस्ट और डेटा एंट्री स्पीड टेस्ट क्वालिफाई करना अनिवार्य होगा.जूनियर स्टैटिस्टिकल असिस्टेंट (JSA) और स्टैटिस्टिकल इंस्पेक्टर जैसे पदों के लिए पेपर-2 (स्टैटिस्टिक्स) के अंक भी जोड़े जाएंगे.वहीं असिस्टेंट ऑडिट ऑफिसर (AAO) और असिस्टेंट अकाउंट्स ऑफिसर (AAO) पदों के लिए पेपर-3 (जनरल अकाउंट्स, फाइनेंस एवं अकाउंटिंग) के अंक भी अंतिम मेरिट में शामिल किए जाएंगे.
पदों की प्राथमिकता भी होगी अहम
अंतिम परिणाम घोषित होने से पहले आयोग उम्मीदवारों से ऑनलाइन माध्यम से विभिन्न विभागों और पदों के लिए अपनी प्राथमिकता मांगेगा.उम्मीदवार द्वारा एक बार दर्ज की गई पदों की प्राथमिकता अंतिम मानी जाएगी. इसके बाद उसमें किसी तरह का बदलाव करने की अनुमति नहीं होगी. इसलिए अभ्यर्थियों को प्राथमिकता भरते समय पूरी सावधानी बरतनी होगी.
दस्तावेज सत्यापन के बाद होगी नियुक्ति
अंतिम मेरिट सूची जारी होने के बाद जिन उम्मीदवारों का चयन होगा उनका दस्तावेज सत्यापन (Document Verification) संबंधित मंत्रालय या विभाग द्वारा कराया जाएगा. दस्तावेज सत्यापन सफल होने के बाद ही उम्मीदवारों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाएगी.इस बार रिकॉर्ड संख्या में आवेदन और नए परीक्षा पैटर्न को देखते हुए SSC CGL 2026 को हाल के वर्षों की सबसे चुनौतीपूर्ण भर्ती परीक्षाओं में से एक माना जा रहा है. ऐसे में उम्मीदवारों को अब केवल सिलेबस ही नहीं, बल्कि सेक्शनल टाइमिंग के अनुसार भी अपनी तैयारी करनी होगी.