Success Story: कॉन्स्टेबल बहन से प्रेरित होकर SDM बने थे 23 साल के कुशल, जॉब के साथ बिना कोचिंग पाई RAS रैंक-1 – success story of sdm kushal choudhary inspired by his constable sister got rpsc ras rank 1 in 2023 at age of 23 without coaching


RAS Success Story: राजस्थान के साधारण किसान परिवार से आने वाले कुशल चौधरी ने महज 23 साल की उम्र में राज्य की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षा राजस्थान प्रशासनिक सेवा में पास कर दी थी। बिना कोचिंग आरएएस में पहली रैंक लाकर उन्होंने प्रतिभा को साबित किया था। इस जर्नी में उनकी बड़ी बहन इंदिरा चौधरी का सपोर्ट काफी अहम रहा, जो राजस्थान पुलिस में कॉन्स्टेबल पद पर तैनात हैं।

ras rank 1 kushal Choudhary
RPSC RAS 2023 में पहली रैंक लाकर कुशल चौधरी SDM बने थे। (फोटो सोर्स – Insta/ras_kushal_choudhary)
Success Story of SDM Kushal Choudhary: सपने पूरे करने का जुनून, हौसला और खुद पर भरोसा है तो हालात चाहे जैसे भी हों, एक दिन कामयाबी कदम चूमेगी। राजस्थान के किसान परिवार से आने वाले कुशल चौधरी ने महज 23 साल की उम्र में वह मुकाम हासिल कर लिया जिसका सपना लाखों युवा देखते हैं। RAS 2023 परीक्षा में पहली रैंक पाने वाले कुशल चौधरी की सक्सेस स्टोरी बड़ी बहन की मेहनत, सीमित संसाधनों में भी रास्ता निकालने और कठिन परिश्रम की मिसाल बन गई है।

किसान परिवार में जन्म, गांव के सरकारी स्कूल से पढ़ाई

किसान परिवार में जन्म, गांव के सरकारी स्कूल से पढ़ाई

कुशल चौधरी, अजमेर के काडेल गांव के एक किसान के बेटे हैं। उन्होंने सरकारी स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की है। उन्होंने अपने गांव के सरकारी स्कूल से 10वीं की पढ़ाई पूरी की, लेकिन उसके बाद आगे पढ़ने का कोई जरिया नहीं था, इसलिए वह कुचामन जिले के एक सरकारी स्कूल में चले गए। उन्हें फिजिक्स और मैथमेटिक्स पसंद थे और आगे की पढ़ाई के लिए वे जयपुर के महाराजा कॉलेज गए। यहां से उन्होंने बीएससी की डिग्री हासिल की।

कॉलेज से निकलते ही शुरू की सरकरी नौकरी की तैयारी

कॉन्स्टेबल बहन से मिली प्रेरणा

कॉन्स्टेबल बहन से मिली प्रेरणा

साल 2018 में कुशल को शिक्षा विभाग में लैब असिस्टेंट की नौकरी मिल गई। लेकिन यह तो सिर्फ शुरुआत थी। उनका सपना इससे भी बड़ा करना था, जिसे पूरा करने के लिए उनकी बड़ी बहन इंदिरा चौधरी उनके साथ खड़ी थीं। कुशल बताते हैं कि उनकी बड़ी बहन राजस्थान पुलिस में कॉन्स्टेबल पद पर हैं। उनकी पोस्टिंग अजमेर थी और आरएएस एग्जाम की तैयारी के दौरान वे उन्हीं के घर पर रहे। कुशल ने कहा, ‘मेरी बहन, इंदिरा चौधरी, जो राजस्थान पुलिस में कॉन्स्टेबल हैं और अजमेर में तैनात हैं, उन्होंने मुझे प्रेरित किया।’ कुशल RAS परीक्षा की तैयारी के लिए अपनी बहन के पुलिस लाइन्स वाले घर पर रहे।

जॉब के साथ बिना कोचिंग की RAS एग्जाम की तैयारी

जॉब के साथ बिना कोचिंग की RAS एग्जाम की तैयारी

कुशल ने लैब असिस्टेंट के पद पर रहते हुए आरएएस एग्जाम की तैयारी शुरू कर दी थी। वे दिन में नौकरी करते और उसके बाद जो समय मिलता उसमें पढ़ाई करते थे। वे कहते हैं कि कोचिंग का समय नहीं था। उन्होंने सेल्फ स्टडी को ही अपनी सफलता का आधार बनाया। खुद को कभी टाइम लिमिट में नहीं बांधा। जब भी समय मिलता था, उसे पढ़ाई में लगा लेते थे। उनका मानना है कि पढ़ाई का शेड्यूल अपनी क्षमता के अनुसार होना चाहिए। साथ ही प्री और मेन्स को अलग-अलग देखने के बजाय एक साथ लेकर चलना चाहिए।

RAS मेन्स और इंटरव्यू की प्लानिंग

RAS मेन्स और इंटरव्यू की प्लानिंग

कुशल बताते हैं कि मेन्स में आंसर राइटिंग की प्रैक्टिस जरूरी है। इंटरव्यू के लिए अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर तैयारी, जहां एक-दूसरे सवाल पूछे जाते थे। जिसका फायदा इंटरव्यू में मिला। क्योंकि इंटरव्यू में कई सवाल ऐसे थे जिनके बारे में ग्रुप डिस्क्शन के दौरान पता चला था जैसे- UNESCO के बारे में।

दूसरे अटेंप्ट में RAS में पहली रैंक पाकर SDM बने थे कुशल चौधरी

दूसरे अटेंप्ट में RAS में पहली रैंक पाकर SDM बने थे कुशल चौधरी

कुशल चौधरी ने साल 2021 में पहली बार राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) का राजस्थान एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस एग्जाम दिया था। उस वक्त उनकी 1038वीं रैंक आई थी। फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपनी कमियों को पहचानकर सुधार किए। यूपीएससी और पूर्व आरएएस टॉपर्स द्वारा सजेस्ट की गई ऑथेंटिक बुक्स से स्टडी की, उन्हें कंपाइल करके खुद के नोट्स बनाए, जो मेन्स में काफी मददगार साबित हुए।

आरपीएससी आरएएस 2023 परीक्षा में कुशल चौधरी ने पहली रैंक हासिल की और SDM बने। आरएएस रिजल्ट में पहली रैंक प्राप्त करने के बाद कौशन ने कहा था कि यह सब परिवार के आशीर्वाद और बड़ी बहन की मेहनत का नतीजा है।

सरकारी नौकरी की तैयारी के लिए जरूरी टिप्स

सरकारी नौकरी की तैयारी के लिए जरूरी टिप्स
  • कुशल का मानना है कि सफलता का मुख्य मंत्र ज्यादा से ज्यादा रिवीजन है।
  • राइटिंग प्रैक्टिस होना जरूरी है। टेस्ट सीरिज अटेंप्ट करें। सवालों की फ्रेमिंग करके आंसर लिखें।
  • ऑथेंटिक किताबें पढ़ें और खुद के नोट्स तैयार करना बहुत महत्वपूर्ण है।
  • अपनी क्षमता के अनुसार पढ़ें और जब भी मौका मिले, पढ़ाई के लिए समय निकालें।
  • इंटरव्यू को हल्के में न लें। मेन्स के पास होने के बाद केवल अपनी पर्सनैलिटी पर ज्यादा फोकस करने की जरूरत नहीं, बल्कि मेन्स के कंटेंट को दोहराएं। क्योंकि जब तक बोलने के लिए कुछ नहीं होगा तो कॉन्फिडेंस कहां से आएगा।
  • अपने जिले, हॉबी और बैकग्राउंड के बारे में विस्तार से पढ़ें।
  • कोचिंग सफलता का एकमात्र आधार नहीं हो सकता है। जब तक खुद नहीं पढ़ेंगे और रिवीजन नहीं करेंगे तो सिर्फ कोचिंग के भरोसे भी सफलता हासिल नहीं की जा सकती।

(All Photos Credit: Insta/ras_kushal_choudhary)

अमन कुमार

लेखक के बारे मेंअमन कुमारअमन कुमार, डिजिटल में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में नवभारतटाइम्स.कॉम में प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रॉड्यूसर पद पर हैं। शिक्षा और रोजगार जगत की खबरों के अनुभवी लेखक अमन को न्यूज वर्ल्ड में करीब 10 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है। वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। साल 2015 में साधना न्यूज चैनल से अपने करियर की शुरुआत करते हुए टीवी चैनल आउटपुट डेस्क और ‘मानव को शांति कहां’ मासिक पत्रिका से लेखन शैली को समझा। इसके बाद लाइव न्यूज हिंदी (लाइव इंडिया), जनसत्ता.कॉम, आजतक जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में रहकर ग्राउंड रिपोर्टिंग के साथ वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे। कई साल के अनुभव से अमन पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं। अमन रिपोर्ट्स बेस्ड, सटीक और विश्वसनीय जानकारियों को पाठकों तक पहुंचाने में विश्वास रखते हैं। उनकी प्राथमिकता यूजर्स तक सही जानकारी को सरल शब्दों में समझाना रही है।

अमन, शिक्षा और रोजगार से जुड़े विषयों जैसे स्कूल-कॉलेज एडमिशन, बोर्ड परीक्षा, प्रवेश परीक्षा, सरकारी नौकरी, सरकारी रिजल्ट, कॉम्पिटिटिव एग्जाम, करियर टिप्स एंड ऑप्शंस, करेंट अफेयर्स, जनरल नॉलेज, सक्सेस स्टोरीज समेत कई टॉपिक्स पर गहरी सोच और समझ के साथ व्यापक कवरेज करते हैं। टीचर्स, प्रोफेसर्स, एक्सपर्ट्स, करियर काउंसलर की सलाह और टिप्स के जरिए स्कूल की खबरों से लेकर IIT-JEE, NEET, GATE, CLAT, CUET जैसे नेशनल लेवल एंट्रेंस एग्जाम से जुड़े विषयों पर काम करते हैं। इसके अलावा एसससी, यूपीएससी, बैंक, पुलिस समेत भारत और राज्य स्तर की सरकारी नौकरियों के बारे में विस्तार और गहराई से लिखते हैं।

गवर्नमेंट जॉब, प्राइवेट जॉब, स्कूल एजुकेशन से लेकर हायर एजुकेशन तक की फील्ड में काम करते हुए अमन ने भारत के प्रमुख शिक्षा बोर्ड CBSE के एग्जाम कंट्रोलर डॉ. संयम भारद्वाज, दिल्ली यूनिवर्सिटी की डीन ऑफ एडमिशन्स प्रोफेसर हनीत गांधी और यूजीसी के पूर्व अध्यक्ष प्रो. एम. जगदीश कुमार का खास इंटरव्यू कर स्टूडेंट्स के लिए क्वालिटी कंटेंट वाले ऑथेंटिक आर्टिकल्स लिखे हैं। इसके अलावा ABVP और NSUI जैसे छात्र संगठनों के प्रवक्ताओं का इंटरव्यू लिया है। सीबीएसई, रीट, नीट, यूपीएससी जैसी परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन करने वाले टॉपर्स से बातचीत कर रिपोर्ट तैयार करते रहे हैं। ताकि उनके टिप्स और सलाह से बाकी युवाओं के करियर को बेहतर बनाने में मदद मिल सके।

दिल्ली में जन्मे अमन कुमार की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है। इसके बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी के डॉ. भीमराव आंबेडकर कॉलेज से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में B.A. ऑनर्स की डिग्री हासिल की। फिर डीयू के साउथ कैंपस से हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। उसके बाद गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, हिसार से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। ये डिग्रियां अमन को हिंदी पत्रकारिता की वो एक्सपर्टीज देती हैं जो जर्नलिज्म के बेसिक प्रिंसिपल (5 Ws+1H) यानी क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के पैमानों के आधार पर न्यूज राइटिंग के लिए जरूरी हैं… और पढ़ें