RAS Success Story: राजस्थान के साधारण किसान परिवार से आने वाले कुशल चौधरी ने महज 23 साल की उम्र में राज्य की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षा राजस्थान प्रशासनिक सेवा में पास कर दी थी। बिना कोचिंग आरएएस में पहली रैंक लाकर उन्होंने प्रतिभा को साबित किया था। इस जर्नी में उनकी बड़ी बहन इंदिरा चौधरी का सपोर्ट काफी अहम रहा, जो राजस्थान पुलिस में कॉन्स्टेबल पद पर तैनात हैं।

किसान परिवार में जन्म, गांव के सरकारी स्कूल से पढ़ाई
कुशल चौधरी, अजमेर के काडेल गांव के एक किसान के बेटे हैं। उन्होंने सरकारी स्कूल से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की है। उन्होंने अपने गांव के सरकारी स्कूल से 10वीं की पढ़ाई पूरी की, लेकिन उसके बाद आगे पढ़ने का कोई जरिया नहीं था, इसलिए वह कुचामन जिले के एक सरकारी स्कूल में चले गए। उन्हें फिजिक्स और मैथमेटिक्स पसंद थे और आगे की पढ़ाई के लिए वे जयपुर के महाराजा कॉलेज गए। यहां से उन्होंने बीएससी की डिग्री हासिल की।
कॉलेज से निकलते ही शुरू की सरकरी नौकरी की तैयारी
कॉन्स्टेबल बहन से मिली प्रेरणा
साल 2018 में कुशल को शिक्षा विभाग में लैब असिस्टेंट की नौकरी मिल गई। लेकिन यह तो सिर्फ शुरुआत थी। उनका सपना इससे भी बड़ा करना था, जिसे पूरा करने के लिए उनकी बड़ी बहन इंदिरा चौधरी उनके साथ खड़ी थीं। कुशल बताते हैं कि उनकी बड़ी बहन राजस्थान पुलिस में कॉन्स्टेबल पद पर हैं। उनकी पोस्टिंग अजमेर थी और आरएएस एग्जाम की तैयारी के दौरान वे उन्हीं के घर पर रहे। कुशल ने कहा, ‘मेरी बहन, इंदिरा चौधरी, जो राजस्थान पुलिस में कॉन्स्टेबल हैं और अजमेर में तैनात हैं, उन्होंने मुझे प्रेरित किया।’ कुशल RAS परीक्षा की तैयारी के लिए अपनी बहन के पुलिस लाइन्स वाले घर पर रहे।
जॉब के साथ बिना कोचिंग की RAS एग्जाम की तैयारी
कुशल ने लैब असिस्टेंट के पद पर रहते हुए आरएएस एग्जाम की तैयारी शुरू कर दी थी। वे दिन में नौकरी करते और उसके बाद जो समय मिलता उसमें पढ़ाई करते थे। वे कहते हैं कि कोचिंग का समय नहीं था। उन्होंने सेल्फ स्टडी को ही अपनी सफलता का आधार बनाया। खुद को कभी टाइम लिमिट में नहीं बांधा। जब भी समय मिलता था, उसे पढ़ाई में लगा लेते थे। उनका मानना है कि पढ़ाई का शेड्यूल अपनी क्षमता के अनुसार होना चाहिए। साथ ही प्री और मेन्स को अलग-अलग देखने के बजाय एक साथ लेकर चलना चाहिए।
RAS मेन्स और इंटरव्यू की प्लानिंग
कुशल बताते हैं कि मेन्स में आंसर राइटिंग की प्रैक्टिस जरूरी है। इंटरव्यू के लिए अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर तैयारी, जहां एक-दूसरे सवाल पूछे जाते थे। जिसका फायदा इंटरव्यू में मिला। क्योंकि इंटरव्यू में कई सवाल ऐसे थे जिनके बारे में ग्रुप डिस्क्शन के दौरान पता चला था जैसे- UNESCO के बारे में।
दूसरे अटेंप्ट में RAS में पहली रैंक पाकर SDM बने थे कुशल चौधरी
कुशल चौधरी ने साल 2021 में पहली बार राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) का राजस्थान एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस एग्जाम दिया था। उस वक्त उनकी 1038वीं रैंक आई थी। फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपनी कमियों को पहचानकर सुधार किए। यूपीएससी और पूर्व आरएएस टॉपर्स द्वारा सजेस्ट की गई ऑथेंटिक बुक्स से स्टडी की, उन्हें कंपाइल करके खुद के नोट्स बनाए, जो मेन्स में काफी मददगार साबित हुए।
आरपीएससी आरएएस 2023 परीक्षा में कुशल चौधरी ने पहली रैंक हासिल की और SDM बने। आरएएस रिजल्ट में पहली रैंक प्राप्त करने के बाद कौशन ने कहा था कि यह सब परिवार के आशीर्वाद और बड़ी बहन की मेहनत का नतीजा है।
सरकारी नौकरी की तैयारी के लिए जरूरी टिप्स
- कुशल का मानना है कि सफलता का मुख्य मंत्र ज्यादा से ज्यादा रिवीजन है।
- राइटिंग प्रैक्टिस होना जरूरी है। टेस्ट सीरिज अटेंप्ट करें। सवालों की फ्रेमिंग करके आंसर लिखें।
- ऑथेंटिक किताबें पढ़ें और खुद के नोट्स तैयार करना बहुत महत्वपूर्ण है।
- अपनी क्षमता के अनुसार पढ़ें और जब भी मौका मिले, पढ़ाई के लिए समय निकालें।
- इंटरव्यू को हल्के में न लें। मेन्स के पास होने के बाद केवल अपनी पर्सनैलिटी पर ज्यादा फोकस करने की जरूरत नहीं, बल्कि मेन्स के कंटेंट को दोहराएं। क्योंकि जब तक बोलने के लिए कुछ नहीं होगा तो कॉन्फिडेंस कहां से आएगा।
- अपने जिले, हॉबी और बैकग्राउंड के बारे में विस्तार से पढ़ें।
- कोचिंग सफलता का एकमात्र आधार नहीं हो सकता है। जब तक खुद नहीं पढ़ेंगे और रिवीजन नहीं करेंगे तो सिर्फ कोचिंग के भरोसे भी सफलता हासिल नहीं की जा सकती।
(All Photos Credit: Insta/ras_kushal_choudhary)
