Success Story: 6 पीढ़ियों के 83 सदस्य और घर सिर्फ एक…भारत में यह अनोखा संयुक्त परिवार, सब कर रहे तारीफ, देखें-VIDEO – india nagappa family in kurlapalli village in anantpur andhra pradesh where 83 members across six generations live in one home watch video
Success Story of Nagappa Joint family: भारत में संयुक्त परिवार का ऐसा अनोखा उदाहरण आपने शायद ही देखा-सुना होगा, जहां एक घर में 83 लोग एकसाथ रहते हों। वह भी छह पीढ़ियों के 83 सदस्य। यह साथ रहने का बेहद अनोखा मामला है, जिसकी सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है।
आंध्र प्रदेश की नागप्पा फैमिली। (प्रतीकात्मक फोटो: AI IMAGE)
नई दिल्ली: भारत में संयुक्त परिवार की प्रथा भले ही अब बीते जमाने की बात हो गई है। मगर, देश में आज में भी कुछ जगहें ऐसी हैं, जहां संयुक्त परिवार की प्रथा कायम हे। ऐसे परिवार में सब मिल-जुलकर रहते हैं। इनमें से एक है आंध्र प्रदेश के अनंतपुर का संयुक्त परिवार, जहां छह पीढ़ियों के 83 सदस्य एकसाथ एक छत के नीचे ही रहते हैं। सोशल मीडिया पर लोग इस परिवार की जमकर तारीफ कर रहे हैं और यह कह रहे हैं कि ऐसे परिवार का सम्मान किया जाना चाहिए।
आंध्र प्रदेश के नागप्पा परिवार से मिलिए
आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले का नागप्पा परिवार में छह पीढ़ियों के 83 सदस्य हैं। यह नागप्पा परिवार संयुक्त परिवार की परंपरा को जीवित रखे हुए है। यह परिवार एकसाथ खाना पकाता है और साथ मिलकर रहता है। यहां सब मिल-जुलकर काम करते हैं। ये पीढ़ियों से खेती और दूसरे साधनों से अपनी आजीविका चला रहे हैं।
नागप्पा परिवार एकजुटता की अनोखी मिसाल
आजकल जब परिवार छोटे होते जा रहे हैं, तब आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले के कुरलापल्ली गांव का नागप्पा परिवार एकजुटता की एक अनोखी मिसाल पेश करता है… छह पीढ़ियों के 83 सदस्य और सिर्फ एक घर।
परिवार एक घर की तरह काम करता है, लोग कर रहे तारीफ
नागप्पा परिवार पीढ़ियों से एक संयुक्त परिवार के तौर पर साथ रह रहा है। भले ही वे आस-पास बने चार घरों में रहते हों, लेकिन परिवार एक ही घर की तरह काम करता है और खाना, कमाई और जिम्मेदारियां आपस में बांटता है। सोशल मीडिया पर लोग इस परिवार की तारीफ कर रहे हैं और इस परिवार को सम्मानित किए जाने की मांग कर रहे हैं।
छह पीढ़ियों वाले परिवारों का क्या है मतलब
भारत में छह पीढ़ियों वाले परिवारों का मतलब है, जहां परदादा-परदादी से लेकर उनके बच्चों, पोतों, परपोतों और लकड़-परपोतों तक (छह पीढ़ियां) एक ही छत के नीचे या साथ रहते हैं। यह भारतीय संस्कृति, एकजुटता और पारिवारिक मूल्यों का एक अद्भुत उदाहरण है।
भारत में 6 पीढ़ी वाले जाने-माने ये भी हैं परिवार
भारत में 6 पीढ़ी वाले परिवार कई हैं। मगर, सबसे मशहूर है राजस्थान के अजमेर का प्रसिद्ध ‘माली परिवार’। ये अजमेर में रामसर गांव में रहते हैं। इस विशाल संयुक्त परिवार में लगभग 185 सदस्य एक साथ रहते हैं।
खास बात यह है कि इस परिवार की छह पीढ़ियां एक ही छत के नीचे रहती हैं। परिवार के पास करीब 600 बीघा खेती की जमीन है और सभी सदस्य मिलकर किसानी और पशुपालन करते हैं। घर का खर्च चलाने के लिए रोजाना 13 चूल्हे जलते हैं।
मशहूर ‘बिड़ला परिवार’ व्यावसायिक घराना
भारत का सबसे प्रसिद्ध कई पीढ़ी वाला व्यावसायिक परिवार है बिड़ला परिवार। जिसकी कई पीढ़ियों के कठिन परिश्रम और विजन के दम पर एक विशाल बिजनेस अंपायर खड़ा किया है।
कल्यानदुर्गम का ‘चिम्माला परिवार’
आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में एक गांव है कुर्लापल्ली। यहां भी 6 पीढ़ियों के 83 सदस्य मिलकर रहते हैं। आधुनिक युग में जहां परिवार टूट रहे हैं, वहीं यह परिवार 20 घरों में एक साथ मिलकर रहता है। वे अपने संसाधनों जैसे दूध और खेती की उपज को मिल बांटकर रहते हैं। साथ ही किसी भी जरूरतमंद ग्रामीण की मदद करने में सबसे आगे रहते हैं।
लेखक के बारे मेंदिनेश मिश्रदिनेश मिश्र, नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में असिस्टेंट एडिटर और एक्सप्लेनर एक्सपर्ट हैं। वे अप्रैल-2024 में टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के नवभारत टाइम्स, डिजिटल विंग से जुड़े। दिनेश मिश्र NBT डिजिटल में एक्सप्लेनर और स्पेशल स्टोरीज की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ये एक्सप्लेनर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय, बिजनेस और एंटरटेनमेंट समेत किसी भी कैटेगरी की खबरों से जुडे होते हैं, जिसमें दिनेश मिश्र रणनीतिक रूप से डीप डाइव, रिसर्च, वैल्यु एड, एक्सपर्ट कमेंट्स जैसी जरूरी बातें शामिल होती हैं। इन एक्सप्लेनर को लेकर वीडियो भी करते हैं। साथ ही NBT डिजिटल के स्थायी कॉलम मंडे मोटिवेशन, ट्यूजडे ट्रीविया और वेडनेसडे बिग टिकट के लिए डीप डाइव रोचक स्टोरी भी लिखते हैं। वह हर एक्सप्लेनर स्टोरी में सटीक संपादन के साथ-साथ रियल टाइम का ध्यान रखते हैं। इसके अलावा, वे गूगल ट्रेंड से जुड़ी स्टोरीज भी करते आए हैं, जो अहम टास्क है।
दिनेश मिश्र ने प्रयागराज महाकुंभ की ग्राउंड कवरेज की है। साथ ही 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान खबरों को डेस्क और ग्राउंड दोनों से कवर किया है। 2025 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ स्टेट असेंबली इलेक्शंस (हालिया महाराष्ट्र और बिहार चुनाव) के दौरान भी डेस्क से ओपिनियन पीस लिखने के साथ-साथ रियल टाइम एक्सप्लेनर भी किए। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों के खिलाफ एनबीटी फैक्ट चेक भी करते रहे हैं।
दिनेश मिश्र अपने करीब 16 साल के कॅरियर के दौरान प्रिंट मीडिया और डिजिटल मीडिया में डेस्क, ग्राउंड रिपोर्टिंग और इंटरव्यू करने के साथ अलग-अलग भूमिकाओं में काम करते आए हैं। हिंदी और गीत-संगीत में दखल रखने वाले दिनेश मिश्र ने कई किताबों की समीक्षा भी की। दिनेश मिश्र ने जाने-माने गीतकार गुलजार और गोपालदास नीरज का इंटरव्यू किया, हिंदी के महान कवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला के अनुभवों को लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की। दिनेश मिश्र ने शोले के निर्माता-निर्देशक रमेश सिप्पी का इंटरव्यू भी किया। वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर का इमरजेंसी के अनुभव पर इंटरव्यू किए और 1996 से लेकर 2001 तक अमेरिका में भारत के राजदूत रहे नरेश चंद्रा का भी इंटरव्यू किया है। इसके अलावा, हिंदी के बड़े लेखक गिरिराज किशोर और विश्वनाथ त्रिपाठी का इंटरव्यू भी किए।
नेशनल-इंटरनेशनल, बिजनेस और एंटरटेनमेंट की खबरों को लेकर मीडिया और सोशल मीडिया पर नजर रहती है। पहली प्राथमिकता है किसी भी खबर की सच्चाई के साथ विश्लेषण करना। इसके बाद उसका असर कहां और कितना पड़ेगा, इसे लेकर भी अवेयर रहते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
दिनेश मिश्र का पत्रकारिता का कॅरियर हिंदी के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय अखबार दैनिक जागरण, नोएडा के सेंट्रल डेस्क के साथ साल 2010 में शुरू हुआ। इसके बाद से यह सफर 2013 में अमर उजाला, नोएडा से होता हुआ 2016 में राजस्थान पत्रिका के नेशनल इंटीग्रेटेड कंटेंट स्टेशन, नोएडा तक पहुंचा, जहां अखबार के साथ-साथ डिजिटल, टीवी और तीनों ही प्लेटफॉर्म पर एकसाथ काम किए। इसके बाद दिनेश मिश्र ने फिर 2019 में अमर उजाला में लौटे, जहां से 2021 में दैनिक भास्कर के डीबी डिजिटल में काम किया और एक्सप्लेनर और डीप डाइव-रिसर्च और स्पेशल स्टोरीज की बारीकियां सीखीं। इसके बाद अप्रैल, 2024 में दिनेश मिश्र देश के प्रतिष्ठित मीडिया समूह टाइम्स ऑफ इंडिया के नवभारत टाइम्स से जुड़े।
दिनेश मिश्र ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी, हरियाणा से पत्रकारिता से एमए किया। उससे पहले महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। उससे भी पहले वो समाज शास्त्र से भी एमए कर चुके हैं। दिनेश मिश्र ने संघ लोक सेवा आयोग की प्रतिष्ठित सिविल सेवा की मुख्य परीक्षा भी दी है और उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन की कई परीक्षाएं भी दीं। इसके अलावा, मिनिस्ट्री ऑफ सोशल जस्टिस एंड एमपावरमेंट के एक रिसर्च प्रोग्राम 6 महीने का सर्टिफिकेट कोर्स इन जेरियाट्रिक केयर भी किया है।… और पढ़ें