Top 5 Snakes In India,Dangerous Snakes: ये हैं भारत के 5 सबसे खतरनाक सांप, गलती से भी काट लें तो तुरंत भागिये अस्पताल – india most dangerous snakes king cobra common krait russell viper echis carinatus and trimeresurus stejnegeri – Jungle news News


क्या आप जानते हैं कि भारत में पाए जाने वाली संपों की प्रजातियों में सबसे ज्यादा खतरनाक सांप कौन से हैं। अगर नहीं जानते हैं तो आइए हम आपको भारत के उन 5 सबसे जहरीले और सबसे खतरनाक सांपों के बारे में बताते हैं, जिनके काटने पर इंसान की मौत करीब-करीब पक्की ही हो जाती है।

most dangerous snakes of india
भारत के 5 सबसे खतरना सांप
नई दिल्ली: भारत में 300 प्रकार के सांप पाए जाते हैं। लेकिन क्या आपको मालूम है कि सांपों की इन 300 प्रजातियों में से सिर्फ 60 से 70 ही जहरीली होती हैं। मतलब साफ है कि भारत में मिलने वाले ज्यादातर सांप बिना जहर वाले होते हैं। लेकिन एक सच और भी है कि भारत के जिन सांपों में जहर होता है, उनके काटने पर अगर कम समय के अंदर जरूरी इलाज न मिले तो आदमी के बचने की उम्मीद बहुत कम होती है। इसलिए आज हम आपको भारत में पाए जाने वाले सांपों की ऐसी 5 प्रजातियों के बारे में बता रहे हैं, जो अगर आपको गलती से भी काट लें तो बिना समय गंवाए तुरंत अस्पताल की तरफ दौड़ लगाना ही समझदारी वाला काम होगा।

किंग कोबरा या नाग

भारत में पाए जाने वाले सांपों में सबसे जहरीला किंग कोबरा ही होता है। इसका जहर न्यूरोटॉक्सिक होता है। यानी काटने पर नर्वस सिस्टम पर बेहद बुरा असर डालता है और मांसपेशियों के साथ नसों का संपर्क टूट जाता है। इसके काटने के तुरंत बाद अगर एंटीवेनम दवा न मिले तो मौत पक्की है। कई मामलों में इसके काटने पर लकवा भी मार जाता है। ये अक्सर इंसानी बसाहट के आसपास खेत-खलिहान या मानव आबादी में पाया जाता है।

King Kobra
किंग कोबरा

कॉमन करैत

भारत के जहरीले सांपों की लिस्ट में ये दूसरे नंबर पर है। ये काफी शर्मीला होता है और अक्सर सोते हुए लोगों को ही काटता है। इसे साइलेंट किलर भी कहते हैं। ऐसा इसलिए कि कई बार इसके काटने के बाद न ही दर्द महसूस होता है और न ही शरीर के उस अंग पर कोई सूजन होती है। कई बार लोग इसे बिना जहर वाला सांप समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो उनकी मौत का कारण बनता है।

Common krait
कॉमन करैत

रसेल वाइपर

इस सांप की गिनती सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पूरे एशिया के सबसे जहरीले सांपों में होती है। ये इतना खतरनाक होता है कि इसके काटने पर किडनी फेल हो जाती है और खून के छोटे-छोटे थक्के जमने लगते हैं। ये जब भी काटता है तो काटने वाली जगह के मांस का हिस्सा जमने लगता है, जिसे काटकर अलग तक करना पड़ जाता है। खतरा महसूस होते ही यह बहुत तेजी से फुफकार मारता है।

Russell Viper
रसेल वाइपर

सॉ-स्केल्ड वाइपर

इस सांप पर ‘देखन में छोटा लगे, घाव करे गंभीर’ लाइन फिट बैठती है। क्योंकि ये आकार में तो छोटा होता है, लेकिन इसकी गिनती दुनिया के सबसे जहरीले सांपों में होती है। भारत में यह महाराष्ट्र, राजस्थान और दक्षिण भारत के राज्यों में पाया जाता है। इसके काटने पर इंसान का खून तेजी से बहने लगता है। समय पर इलाज न मिले तो जिसे इसने काटा है, उसकी मौत हो सकती है।

Echis carinatus
सॉ-स्केल्ड वाइपर

बैम्बू पिट वाइपर

ये चमकीले हरे रंग का होता है, जिसके कारण प्रकृति में आसानी से छिप जाता है। इसके काटने पर तो खून के टिशू डैमेज हो जाते हैं। फफोले पड़ जाते हैं। तेज दर्द होता है। अंग सूज जाता है और तेजी से खून बहने लगता है। छेड़े बिना ये किसी पर हमला नहीं करता। अगर इस पर पैर पड़ जाए या इसे कोई छेड़ दे तो यह पूरी ताकत से हमला करके छेड़ने वाले को मौत की नींद सुला देता है।

Trimeresurus stejnegeri
बैम्बू पिट वाइपर

सांप काटे तो क्या सावधानियां बरतें

  • अगर आपको सांप काट ले तो घबराएं नहीं। शांति से काम लें। क्योंकि घबराने से धड़कन तेज हो जाती है और जहर शरीर में तेजी से फैलने लगता है।
  • शरीर के जिस भी अंग में सांप काटे उसे ज्यादा हिलाएं-डुलाएं नहीं। सांप के काटने पर ज्यादा चलने-फिरने से बचना चाहिए।
  • सांप के काटने पर घाव को साफ जरूर करना चाहिए। जहां काटा हो, वहां साबुन लगाकर उसे धोना चाहिए।
  • वैसे सांप के काटने पर इंसान घबरा ही जाता है, लेकिन अगर संभव हो तो सांप की पहचान जैसे रंग और आकार याद रखना चाहिए। पोटो भी ली जा सकती है।
  • आखिरी और सबसे अहम बात अगर सांप काट ले तो उस स्थान को रस्सी से न बांधें। मुंह से जहर न चूसें और झाड़-फूंक के चक्कर में तो बिल्कुल भी न पड़ें। सीधे अस्पताल जाएं।
अक्षय श्रीवास्तव

लेखक के बारे मेंअक्षय श्रीवास्तवअक्षय श्रीवास्तव, नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। मार्च 2025 में उन्होंने टाइम्स समूह का डिजिटल विंग नवभारत टाइम्स (NBT Digital) ज्वाइन किया। यहां अक्षय न्यूज टीम का हिस्सा हैं और राष्ट्रीय खबरों के साथ-साथ दिल्ली और अपराध से जुड़े समाचारों का संपादन और क्यूरेशन करते हैं। समय-समय पर वह फील्ड रिपोर्टिंग में भी उतरते हैं। अक्षय ग्राउंड पर जाकर खबरों के पीछे छिपी कहानी को निकालने में रुचि रखते हैं। अपने 13 साल के पत्रकारिता के अनुभव में अक्षय ने रिपोर्टिंग के साथ-साथ डेस्क पर भी कई जिम्मेदारियां संभाली हैं। अक्षय ने साल 2019 और 2024 की राजनीति के निर्णायक लोकसभा चुनाव भी कवर किए हैं।

करियर के दौरान अक्षय ने प्रिंट मीडिया में एक लंबी पारी खत्म कर साल 2018 में डिजिटल मीडिया में कदम रखा। यहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता का शुरुआती काम सीखा। इसके बाद वह दैनिक भास्कर के डिजिटल सेक्शन में काम करने लगे। यहां उन्होंने जीके सेक्शन की जिम्मेदारी संभाली। आज तक में कार्य के दौरान अक्षय ने कनमैलियों पर एक एक्सक्लूसिव स्टोरी की, जो चर्चा का विषय रही। नवभारत टाइम्स में वह कफ सिरप पीकर अपने बच्चे गंवाने वाले परिवारों तक पहुंचे और उनका दर्द जाना।

पत्रकारिता का अनुभव
अक्षय का पत्रकारिता करियर हिंदी अखबार दैनिक नव भारत भोपाल के साथ साल 2013 में बतौर ट्रेनी शुरू हुआ। इसके बाद उन्होंने मध्य प्रदेश से प्रकाशित राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर में 2014 से 2016 तक उप-संपादक के रूप में कार्य किया। 2016 से 2018 तक अक्षय ने दैनिक हरिभूमि समाचार पत्र में बतौर उप-संपादक काम किया। साल 2018 में दैनिक भास्कर के साथ उन्होंने डिजिटल मीडिया में कदम रखा। इसके बाद जनवरी 2022 में AajTak डिजिटल के साथ जुड़े और मार्च 2015 तक होम पेज पर अपनी सेवाएं दीं।

अक्षय ने एशिया के पहले पत्रकारिता विश्वविद्यालय माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से बीएससी (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) और एमएससी (इलेक्ट्रॉनिक मीडिया) की पढ़ाई की है। विश्वविद्यालय में अध्ययन के दौरान वह कई प्रतियोगताओं में भाग लेकर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुके हैं।… और पढ़ें