बरसात शुरू होते ही जिले में सर्पदंश के मामले बढ़ने लगे हैं। जिला अस्पताल में जनवरी से अब तक 205 सर्पदंश पीड़ित इलाज के लिए पहुंचे। इनमें से 31 मामले जुलाई के हैं। समय पर एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) लगने से 29 मरीजों की जान बच गई। देर से पहुंचे एक मरीज की मौत हुई।