वाराणसी कमिश्नरेट के कैंट थाने में तैनात उर्दू अनुवादक को गुंडा एक्ट की कार्रवाई का भय दिखाकर 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगना महंगा पड़ गया। एंटी करप्शन संगठन की वाराणसी मंडल इकाई ने शुक्रवार शाम जेएचवी मॉल स्थित मैकडोनाल्ड रेस्टोरेंट में जाल बिछाकर आरोपी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। टीम ने आरोपी के कब्जे से रिश्वत की रकम बरामद की। रासायनिक परीक्षण में हाथ धुलवाने पर घोल का रंग गुलाबी हो गया, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हुई।
क्या है पूरा मामला
एंटी करप्शन थाना के अनुसार, सदर बाजार कैंट निवासी शाह मोहम्मद शारीक ने 16 जुलाई को शिकायत दर्ज कराई थी कि कैंट थाने में तैनात उर्दू अनुवादक अब्दुल रहमान अंसारी ने उन्हें बुलाकर कहा कि उनके खिलाफ गुंडा एक्ट लगाने की तैयारी चल रही है। आरोप है कि अनुवादक ने 20 हजार रुपये देने पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई रुकवाने और उनके खिलाफ दर्ज अन्य एनसीआर खत्म कराने का आश्वासन दिया। रुपये नहीं देने पर झूठे मामलों में फंसाने की धमकी भी दी गई।

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शिकायत के सत्यापन के बाद एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाया। आरोपी ने शिकायतकर्ता को शुक्रवार शाम 5:30 बजे मॉल में बुलाया। जैसे ही मैकडोनाल्ड रेस्टोरेंट के भीतर उसने 20 हजार रुपये रिश्वत के रूप में लिए, टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। गिरफ्तारी के समय आरोपी के पास से रिश्वत की पूरी रकम बरामद हुई। इसके बाद रासायनिक परीक्षण कराया गया, जिसमें हाथ धुलने के घोल का रंग गुलाबी हो गया।