UPSC SSC Recruitment Reforms 2026: अब सालों तक नहीं लटकेगी सरकारी नौकरी, UPSC और SSC ने घटाया भर्ती का समय


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UPSC SSC Recruitment Reforms 2026: केंद्र सरकार ने सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को बड़ी राहत दी है. यूपीएससी का भर्ती चक्र घटाकर 13 महीने और एसएससी का 6 से 8 महीने कर दिया गया है. एआई वेरिफिकेशन से लेकर e-Dossier तक, जानिए भर्ती प्रक्रिया में क्या-क्या बदला गया है.

अब सालों तक नहीं लटकेगी सरकारी नौकरी, UPSC और SSC ने घटाया भर्ती का समयZoom

UPSC SSC Recruitment Reforms 2026: यूपीएससी और एसएससी भर्ती के नियमों में बदलाव किया जा रहा है

नई दिल्ली (UPSC SSC Recruitment Reforms 2026). सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं का सबसे बड़ा दर्द होता है- भर्ती का लंबा इंतजार. फॉर्म भरने से लेकर परीक्षा, रिजल्ट और जॉइनिंग लेटर मिलने तक अक्सर 2-2 साल से ज्यादा का समय निकल जाता था. अब केंद्र सरकार ने इस प्रक्रिया को स्पीड देने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं. कार्मिक राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने संसद में जानकारी दी है कि संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की कार्यप्रणाली में बड़े सुधार किए गए हैं.

यूपीएससी और एसएससी भर्ती में सुधार के तहत सबसे बड़ा फायदा यह हुआ है कि जहां पहले एसएससी की भर्ती में 15 से 18 महीने लगते थे, वहीं अब यह समय घटकर केवल 6 से 8 महीने रह जाएगा. इसी तरह संघ लोक सेवा आयोग का भर्ती चक्र भी 15 महीने से कम करके 13 महीने कर दिया गया है. सरकार का यह कदम न केवल युवाओं का समय बचाएगा, बल्कि ट्रांसपेरेंट और टेक्नोलॉजी बेस्ड सिस्टम से फर्जीवाड़े पर भी लगाम लगाएगा.

एसएससी में क्या-क्या बदला? अब 6-8 महीने में जॉब पक्की

कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने अपनी सभी परीक्षाओं को कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में शिफ्ट कर दिया है. इसके अलावा, बिना मतलब वाले चरण घटा दिए गए हैं. कागजी काम में लगने वाला समय बचाने के लिए ‘e-Dossier’ सिस्टम लागू किया गया है. अब सर्टिफिकेट्स और डॉक्यूमेंट्स का वेरिफिकेशन डिजिटल तरीके से होगा, जिससे फाइलें ऑफिस में महीनों तक धूल नहीं फांकेंगी.

खाली नहीं रहेंगी सीटें: लागू हुआ ‘स्लाइडिंग मैकेनिज्म’

अक्सर देखा जाता था कि एक ही मेधावी कैंडिडेट का चयन कई पदों पर हो जाता था और वह एक पद चुनकर बाकी सीटें खाली छोड़ देता था. SSC ने इसके लिए ‘स्लाइडिंग मैकेनिज्म’ फ्रेमवर्क पेश किया है. इससे मेरिट के आधार पर निचले पायदान वाले उम्मीदवारों को अपग्रेड करके खाली बची सीटों को भरा जा सकेगा, जिससे वैकेंसी बेकार नहीं जाएगी.

यूपीएससी में AI वेरिफिकेशन और फेस ऑथेंटिकेशन की एंट्री

संघ लोक सेवा आयोग ने परीक्षा में होने वाली गड़बड़ियों और फर्जीवाड़ा रोकने के लिए हाई-टेक तरीके अपनाए हैं. सिविल सर्विसेज परीक्षा (CSE) में अब एआई (AI) आधारित वेरिफिकेशन लागू किया गया है, जो कैंडिडेट्स के ‘अटेम्प्ट्स’ का सटीक डेटा रखेगा. परीक्षा हॉल में मुन्नाभाइयों को रोकने के लिए फेस ऑथेंटिकेशन (चेहरा पहचानना) अनिवार्य कर दिया गया है.

प्रोविजनल जॉइनिंग और 6 महीने की डेडलाइन

वेरिफिकेशन के नाम पर होने वाली देरी को खत्म करने के लिए सरकार ने self-attestation के आधार पर प्रोविजनल जॉइनिंग लेटर देने का प्रावधान किया है. चरित्र और जाति प्रमाण पत्र के वेरिफिकेशन के लिए विभागों को अधिकतम 6 महीने का समय तय किया गया है. अगर समय पर वेरिफिकेशन रिपोर्ट नहीं आती तो भी कैंडिडेट की सेवा पर असर नहीं पड़ेगा.

स्टूडेंट फ्रेंडली कदम: घटी चैलेंज फीस और मिली हेल्प डेस्क

यूपीएससी परीक्षा में ट्रांसपेरेंसी बढ़ाने के लिए उत्तर कुंजी (Answer Key) जारी होने पर आपत्ति दर्ज कराने की फीस घटा दी गई है. साथ ही, दिव्यांगजनों (PwD) को उनकी पसंद का परीक्षा केंद्र चुनने की गारंटी दी गई है. इन तमाम कदमों से देश के लाखों युवाओं को राहत मिली है, जो सालों-साल सिर्फ एक सरकारी नौकरी के फाइनल रिजल्ट का इंतजार करते रहते थे.

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Deepali PorwalSenior Sub Editor

Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is kno…

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