US Attack Iran: ईरान पर अमेरिका एका बार फिर ताबड़तोड़ अटैक कर रहा है. ईरान अलग-अलग जगहों पर बमबारी हो रही है. होर्मुज में जहाज पर हमले के जवाब में अमेरिका ने एक बार फिर ईरान में धुआं-धुआं कर दिया है. अमेरिका के भीषण हमलों से ईरान दहल चुका है. चाबहार से बंदर अब्बास तक अमेरिका ने बमबारी से भारी तबाही मचाई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक दिन पहले ही ऐलान किया था कि ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर समझौता खत्म हो चुका है. इसके बाद अमेरिका ने ईरान पर हमले तेज कर दिए. अब डोनाल्ड ट्रंप ईरान को झुकाने के लिए माइंडगेम खेल रहे हैं. जी हां, अटैक कर डरा भी रहे हैं और डील के लिए मजबूर भी कर रहे हैं. ट्रंप का दावा है कि अमेरिकी हमले के बाद ईरान बैकफुट पर है. ईरान ने अमेरिका से संपर्क किया है और वो डील के लिए गिड़गिड़ा रहा है.
‘वे डील के लिए गिड़गिड़ा रहे हैं’ ट्रंप का दावा, हालिया अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने संपर्क किया
जी हां, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को यह दावा किया. उनके मुताबिक, लेटेस्ट अमेरिकी अटैक के बाद ईरान ने बातचीत के लिए संपर्क किया था. उन्होंने कहा कि तेहरान डील के लिए गिड़गिड़ा रहा है. हालांकि, ट्रंप का यह भी कहना है कि उन्हें यकीन नहीं है कि किसी समझौते का पालन करने के मामले में ईरान पर भरोसा किया जा सकता है या नहीं.
‘ईरान ने मुझे फोन किया’
तुर्की के अंकारा में नाटो शिखर सम्मेलन से लौटते समय एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन के हालिया सैन्य हमले के बाद ईरान ने अमेरिका से संपर्क किया था. ट्रंप ने कहा, ‘ईरान ने कुछ देर पहले फ़ोन किया था. वे बहुत बुरी तरह से डील करना चाहते हैं. मुझे बस यह नहीं पता कि वे इसके लायक हैं या नहीं. मुझे नहीं पता कि वे डील का पालन करेंगे या नहीं. यही समस्या है.’
‘हम 1 के बदले 20 अटैक करेंगे’
अमेरिकी राष्ट्रपति ने सैन्य कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि वाशिंगटन ने तेहरान की तुलना में कहीं अधिक ज़ोरदार जवाब दिया था. उन्होंने कहा, ‘हमने उन पर बहुत जोरदार हमला किया और मैं कहूंगा कि हमने 20 के मुकाबले 1 के अनुपात में हमला किया. हर बार जब वे हम पर एक हमला करेंगे, हम उन पर 20 हमले करेंगे. जब वे हमला करते हैं, तो हम कहीं अधिक ज़ोरदार पलटवार करते हैं.’
ट्रंप बोले- ईरान समझौता चाहता है, लेकिन भरोसे के लायक है या नहीं, पता नहीं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने अमेरिका से संपर्क किया है और वह समझौता करना चाहता है. हालांकि ट्रंप ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि ईरान इस समझौते के लायक है या नहीं। जब एक रिपोर्टर ने पूछा कि अगर ईरान समझौता चाहता है तो उसने कारोबारी जहाजों पर हमला क्यों किया, इस पर ट्रंप ने जवाब दिया, “क्योंकि वे थोड़े पागल हैं… लेकिन वे बहुत बुरी तरह समझौता करना चाहते हैं.’
ईरान के खिलाफ हमले में शामिल होना चाहता है नाटो
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को नाटो के नाम से भी डराने की कोशिश की. डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी दावा किया कि नाटो सहयोगियों ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए समर्थन की पेशकश की है. हालांकि, उनका कहना है कि अमेरिका को अब उनकी मदद की ज़रूरत नहीं है.
उन्होंने कहा, ‘वे सभी ईरान के मामले में मदद करना चाहते हैं, लेकिन अब बहुत देर हो चुकी है. वे मदद करना चाहते हैं, वे सभी इस जंग में कूदना चाहते हैं, लेकिन हमें असल में मदद की ज़रूरत नहीं है.’ डोनाल्ड ट्रंप ने ऐसे वक्त में यह बयान दिया है, जब उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में कमर्शियल जहाजों पर ईरानी हमलों के बाद ईरान के साथ सीजफायर को खत्म कर दिया था.
अमेरिका ने हमले किए तेज
इस ऐलान के बाद में अमेरिका ने ईरान पर और हमले किए. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कहा कि इस ऑपरेशन का मकसद ईरान की उस क्षमता को निशाना बनाना था जिससे वह रणनीतिक जलमार्ग से नेविगेशन की आजादी के लिए खतरा पैदा कर सकता था. डोनाल्ड ट्रंप ने बाद में चेतावनी दी कि अगर ईरान ने और हमले किए तो अमेरिकी सैन्य कार्रवाई कहीं ज्यादा गंभीर होगी. बहरहाल, सच में ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप से डील के लिए संपर्क किया है, इस पर तेहरान की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.