Vande Bharat Express 22470,वंदे भारत में मिले दूध को पैसेंजर ने बताया थर्ड क्वालिटी, रेलवे स्टाफ पर निकाली भड़ास, कहा- जान से मत खेलो – vande bharat passenger question food quality after getting chemical milk gets angry on railway staff – Trending News


Vande Bharat Express: वंदे भारत एक्सप्रेस में निजामुद्दीन से झांसी के बीच सफर कर रहे एक पैसेंजर ने ट्रेन में दिए गए दूध को ‘थर्ड क्वालिटी’ बताते हुए जमकर गुस्सा निकाला है। वीडियो में कॉर्न फलेक्स के साथ मिला दूध, मिलाने के दौरान ‘फटा’ हुआ नजर आता है। जिससे पैसेंजर नाराज हो जाता है।

Vande Bharat Milk Quality
वंदे भारत एक्सप्रेस में मिले दूध की क्वालिटी को पैसेंदर ने बताया- थर्ड क्वालिटी
वंदे भारत एक्सप्रेस की रफ्तार और सर्विस जितनी चर्चा में रहती है। उसके अंदर सर्व किए जाने वाले खाने पर आए दिन सवाल उठते रहते हैं। कभी कोई एक्सपायरी प्रोडक्ट का दावा लेकर सामने आता है, तो कभी कोई खाने में कीड़ा दिखाने लगता है। मगर इस बार मामला थोड़ा गंभीर है। क्योंकि पैसेंजर का दावा है कि उसे कॉर्न फ्लेक्स के साथ जो दूध मिला है, वो केमिकल युक्त है और मिलाते ही फट गया है। इस पर रेलवे ने भी जवाब दिया है।

वंदे भारत एक्सप्रेस

वंदे भारत एक्सप्रेस

सोशल मीडिया पर करीब 4 मिनट लंब वीडियो पोस्ट कर अपनी पूरी समस्या बताई है। पैसेंजर्स ने अपनी टिकट ट्रेन के एग्जीक्यूटिव क्लास E2 में बुक की होती है। मगर फिर भी उन्हें जो खाना मिलता है, उसे खाना उनके लिए निराशाजनक होता है। X पर एडवोकेट राजेंद्र पाल गौतम ने बताया कि वे ट्रेन संख्या 22470 में निजामुद्दीन से झांसी जा रहे थे।

इस बीच उन्हें और उनके साथियों को जो दूध बांटा गया। उसे देखकर यह बता पाना मुश्किल था कि वो दूध है या फिर कोई केमिकल या फिर कुछ और!

क्या IRCTC एक्शन लेगा?

क्या IRCTC एक्शन लेगा?

राजेंद्र अपने X पोस्ट में आगे सवाल उठाते हैं कि ‘क्या IRCTC और भारतीय रेलवे पैसेंजर्स और उनके स्वास्थय के साथ खेल रहे हैं?’ आगे वो रेलमंत्री से इस मामले में जांच और ट्रेन में दिए जाने वाले बाकी उत्पादों के क्वालिटी चेक की मांग करते हैं। साथ ही, यह भी कहते हैं कि अगर जांच में कमी आती है, तो कंपनियों के खिलाफ सख्त एक्शन भी होना चाहिए।

यात्रियों की सेहत से कोई भी समझौता नहीं किया जा सकता। पोस्ट के अंत में यूजर ने अपने PNR से लेकर सफर की तारीफ जो 11 जुलाई 2026 है, शेयर की है। उन्होंने अपने PNR के साथ एग्जीक्यूटिव क्लास E2 में अपना और अपने साथियों का सीट नंबर 1,2,3,4 भी बताया है।

जान से खिलवाड़ मत करो…

जो 4 मिनट का वीडियो राजेंद्र पाल गौतम के X हैंडल से शेयर किया गया है। उसमें साफ देखा जा सकता है कि वंदे भारत में उन्हें कॉर्न फ्लेक्स के साथ मिलाकर खाने के लिए जो दूध मिला है। वह कॉर्न फ्लेक्स में मिलाने के बाद गलत ढंग से रिएक्ट कर रहा है। वीडियो में पैसेंजर्स ने दूध के ब्रांड का पैकेट दिखाते हुए एक्शन की मांग की है।

बाद में रेलवे स्टाफ के आने के बाद भी यात्री ने उन्हें जमकर सुनाया है। यात्री ने ऑन बोर्डिंग स्टाफ से कहा- इस ट्रेन में तुम क्या खिला रहे हो लोगों, जान से बढ़कर कुछ है, अरे मारेगे क्या? तुम पैसे ले रहे हो, लोग पैसे दे रहे। इतनी थर्ड क्लास क्वालिटी के लिए? लोगों से जान से खिलवाड़ मत करो, लोग मरेंगे इसे पीकर!

हम एक्शन लेंगे

हम एक्शन लेंगे

उत्तर मध्य रेलवे ने इस वीडियो पर कमेंट करते हुए IRCTC से मामले पर ध्यान देने को कहा है। इस वीडियो को देखने वाले एक यूजर ने वीडियो पर कमेंट किया कि लगता है @fssaiindia ने रेलवे को खुली छूट दी हुई है। रेलवे के की ठेकेदार तो यही दावा करते हैं इशारे में। दूसरे यूजर ने तंज कंसा कि इसे पनीर समझकर खा लो, कुछ नहीं होने वाला। एक अन्य यूजर का कहना था- वेंडर्स बेइमान हो चुके हैं!

प्रखर पाण्डेय

लेखक के बारे मेंप्रखर पाण्डेयप्रखर पाण्डेय नवभारतटाइम्स.कॉम में डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं और पिछले 3.5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वायरल जर्नलिज्म में विशेषज्ञता रखने वाले प्रखर ने अब तक 3100 से अधिक लेख लिखे हैं। वह सोशल मीडिया की दुनिया (Instagram, X/Twitter, Reddit, Threads और Facebook) की नब्ज पहचानने में माहिर हैं। प्रखर की विशेषता केवल ट्रेंड्स को पकड़ना ही नहीं, बल्कि इंडियन रेलवे और ट्रेन यात्राओं से जुड़ी ऐसी ‘फ्रेश’ और ‘यूनिक’ खबरें सामने लाना है, जो सीधे आम आदमी के जीवन को प्रभावित करती हैं।

प्रखर मानते हैं कि ‘वायरल’ होने का अर्थ केवल सनसनी फैलाना नहीं, बल्कि कंटेंट की गहराई और उसकी प्रमाणिकता सुनिश्चित करना है। यही कारण है कि वे किसी भी सोशल मीडिया स्टोरी को पब्लिश करने से पहले मूल सोर्स या पोस्ट करने वाले व्यक्ति से संपर्क कर उसकी सत्यता की जांच करते हैं। साल 2025 में उनके द्वारा कवर की गई ‘ढाबे पर फौजियों’ की कहानी इसका प्रमाण है, जिसने न केवल लोगों को दिल जीता, बल्कि अपनी विश्वसनीयता के कारण सोशल मीडिया पर व्यापक सराहना भी पाई।

एक Gen-Z लेखक होने के नाते प्रखर को आज की युवा पीढ़ी की पसंद और डिजिटल व्यवहार की गहरी समझ है। वे वायरल कंटेंट के ‘हल्केपन’ को कम करने के लिए उसमें मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक सीख को पिरोते हैं, ताकि पाठक केवल खबर न पढ़ें, बल्कि उससे जुड़ाव महसूस करें। मनोरंजन, खेल और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर उनकी पैनी नजर उनके लेखों को अधिक सूचनात्मक और ट्रेंडी बनाती है।

शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो प्रखर ने फिल्म सिटी स्थित गुलशन कुमार जर्नलिज्म एंड मास कम्यूनिकेशन इंस्टीट्यूट (नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी से मान्यता प्राप्त) से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में BA किया है। इसके अलावा, उन्होंने प्रोफेसर राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय, प्रयागराज से राजनीति विज्ञान में MA की डिग्री हासिल की है। यह शैक्षणिक आधार उन्हें खबरों को राजनीतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से समझने में मदद करता है।

नवभारत टाइम्स के साथ जुड़ने से पहले, प्रखर ने करीब पौने दो साल जागरण.कॉम में अपना योगदान दिया था, जहां उन्होंने स्पोर्ट्स, एस्ट्रो और लाइफस्टाइल जैसी विभिन्न बीट्स पर हजारों वेब स्टोरीज कवर कीं। प्रखर का उद्देश्य जटिल से जटिल खबर को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना है, ताकि वह हर आम आदमी के लिए उपयोगी साबित हो सके।… और पढ़ें