Who was the culprit of the NGT case? The Rajasthan Cricket Association or the State Sports Council (RCA) was served with the notice.


  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Jaipur
  • Who Was The Culprit Of The NGT Case? The Rajasthan Cricket Association Or The State Sports Council (RCA) Was Served With The Notice.

जयपुर25 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने 10 जुलाई को एक आदेश जारी करते हुए सवाई मानसिंह स्टेडियम में खेल गतिविधियों पर रोक लगा दी थी। कारण बताया था कि सवाई मानसिंह स्टेडियम पर ग्राउंड वाटर का उपयोग होना। यहां सवाल यह उठता है कि क्या इसके लिए राजस्थान स्टेट स्पोर्ट्स काउंसिल दोषी है या फिर राजस्थान क्रिकेट संघ (आरसीए)। एनटीजी की ओर से सीधे तौर पर राजस्थान स्टेट स्पोर्ट्स काउंसिल को कोई नोटिस नहीं मिला है। जो भी और जब भी नोटिस एनजीटी की ओर दिया गया है वे सीधे तौर पर राजस्थान क्रिकेट संघ को दिया गया है। जब भवानी शंकर समोता आरसीए के सचिव थे उस समय आरसीए को एनजीटी ने देश के अन्य क्रिकेट मैदानों के साथ-साथ सवाई मानसिंह स्टेडियम में ही ग्राउंड वाटर के उपयोग को लेकर नोटिस दिया था। उस समय आरसीए पर 5 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया था। लेकिन आरसीए की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। उस समय पर सीधे तौर पर स्पोर्ट्स काउंसिल को कोई नोटिस नहीं दिया गया था।

स्पोर्ट्स काउंसिल के सचिव राजकेश मीणा ने कहा, ‘हमें सीधे तौर पर कोई नोटिस नहीं मिला है। सवाई मानसिंह स्टेडियम का नाम आया है इसलिए हम कानूनी सलाह के बाद जवाब जरूर देंगे। असल में मामला पूरी तरह से आरसीए से संबंधित है। हम एक रिपोर्ट भी तैयार करवा रहे हैं कि किस तरह से ग्राउंड वगैरह के लिए पूरी तरह से एसटीपी वाटर का ही उपयोग स्टेडियम में उपयोग किया जाए। संबंधित विभागों से भी इस बारे में चर्चा कर रहे हैं। कितने एसटीपी वाटर की जरूरत है और कितना उपलब्ध होगा, इस बारे में भी एक रिपोर्ट तैयार करके एनजीटी को भेजेंगे। क्रिकेट ग्राउंड पर भी पूरी तरह से एसटीपी वाटर के उपयोग के लिए लाइन को ग्राउंड वाटर टैंक से जोड़ने की प्लानिंग कर रहे हैं। हम अपनी तरफ से अगले सप्ताह तक एनजीटी को हम जवाब भेज देंगे।’

स्टेडियम में खेल जारी रहेंगे

खिलाड़ियों का किसी तरह का नुकसान नहीं हो इसलिए खेलों को जारी रखने का फैसला किया गया है। मामला वैसे भी क्रिकेट को लेकर ही है। आमतौर पर क्रिकेट मैदान पर ग्राउंड वाटर के उपयोग को लेकर ही एनजीटी का विरोध रहता है। इसलिए हम अन्य खेलों को बंद नहीं करेंगे। अगर आरसीए ने समय से जवाब दिया होता तो सवाई मानसिंह स्टेडियम पर एनजीटी की ओर से प्रतिबंध नहीं लगाया जाता। वैसे भी स्टेडियम में एसटीपी वाटर लाइन के तीन टैंक पहले से ही बने हुए हैं। बस इन्हें ग्राउंड वाटर टैंक लाइन से जोड़ने की जरूरत है।



Leave a Comment