अभिषेक त्रिपाठी, जागरण, नई दिल्ली। अगले साल दक्षिण अफ्रीका, जिंबाब्वे और नामीबिया में होने वाले वनडे विश्व कप में 14 की जगह 12 टीमें खेल सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) आगामी विश्व कप में भाग लेने वाली टीमों की संख्या घटाने पर विचार कर रही है और अगर यह प्रस्ताव पारित होता है तो इससे एसोसिएट्स सदस्यों के विश्व कप खेलने की उम्मीदों को झटका लग सकता है।
सूत्रों के अनुसार, इस मुद्दे पर हाल ही में स्कॉटलैंड की राजधानी एडिनबरा में आईसीसी बोर्ड की बैठक में चर्चा हुई। हालांकि अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है और न ही इसके पीछे की वजह स्पष्ट की है। 2021 में आईसीसी ने घोषणा की थी कि 2027 वनडे विश्व कप में टीमों की संख्या 10 से बढ़ाकर 14 की जाएगी।
14 टीमों पर बनी थी सहमति
उस समय 16 टीमों के प्रारूप पर भी विचार हुआ था, लेकिन अंततः 14 टीमों का मॉडल स्वीकार किया गया था। ऐसे में अब दोबारा 12 टीमों की ओर लौटना आईसीसी के लिए यू टर्न जैसा होगा। मौजूदा 14 टीमों के प्रारूप के अनुसार सह मेजबान दक्षिण अफ्रीका, नामीबिया और जिंबाब्वे को सीधा प्रवेश मिलता, जबकि शीर्ष आठ वनडे रैंकिंग वाली टीमें (दक्षिण अफ्रीका को छोड़कर) भी स्वतः क्वालीफाई करतीं।
बाकी तीन स्थान क्वालीफायर टूर्नामेंट के जरिए तय होने थे। लेकिन यदि टीमों की संख्या 12 कर दी जाती है तो आशंका है कि एक भी एसोसिएट देश विश्व कप में जगह नहीं बना पाएगा।
एसोसिएट देश के अधिकारी ने की आलोचना
एसोसिएट क्रिकेट से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसे क्रिकेट के लिए शर्मनाक और पीछे ले जाने वाला कदम बताया। उनका कहना है कि छोटे देशों ने आईसीसी के विस्तार के वादे पर भरोसा कर अपनी क्रिकेट संरचना और निवेश बढ़ाया था। अब नियम बदलना उनके साथ अन्याय होगा। 2027 वनडे विश्व कप का आयोजन दक्षिण अफ्रीका, जिंबाब्वे और नामीबिया संयुक्त रूप से करेंगे। टूर्नामेंट चार अक्टूबर से 21 नवंबर 2027 तक खेला जाएगा।
दक्षिण अफ्रीका में अधिकांश मुकाबले होंगे, जबकि जिंबाब्वे में आठ से 10 और नामीबिया में तीन मैच आयोजित किए जाएंगे। अगर आईसीसी टीमों की संख्या घटाने का फैसला करता है तो इससे बड़ा विवाद खड़ा हो सकता है। जानकारों का मानना है कि इससे यह संदेश जाएगा कि क्रिकेट अब भी कुछ बड़े और संपन्न बोर्डों तक सीमित खेल है। टी-20 क्रिकेट के विस्तार पर आईसीसी का जोर समझा जा सकता है, लेकिन वनडे विश्व कप के मंच से छोटे देशों को दूर करना खेल के वैश्वीकरण की भावना के विपरीत माना जाएगा।