अफगानिस्तान के लिए भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ, पाकिस्तान से लौट रहे अफगानों के पुनर्वास के लिए दी मानवीय सहायता – india provides humanitarian aid to afghanistan sends tents for rehabilitation of returning afghans from pakistan


नई दिल्ली: भारत ने अफगानिस्तान के लोगों की ओर मदद का हाथ बढ़ाते हुए मानवीय सहायता के तहत अफगानिस्तान सरकार को परिवारों के लिए टेंट सौंपे हैं, ताकि अपने देश लौट रहे लोगों को रहने की सुविधा मिल सके और उनके पुनर्वास में मदद हो।

एमईए ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर लिखा, “अफगानिस्तान के लोगों के लिए भारत की लगातार मानवीय मदद के तहत, भारत ने अफगानिस्तान के शरणार्थी और पुनर्वास मंत्रालय (एमओआरआर) को परिवारों के रहने के लिए टेंट सौंपे हैं। इसका मकसद अफगानिस्तान लौट रहे लोगों को रहने की जगह और दोबारा बसने में मदद देना है।”

अफगानिस्तान में वापस लौट रहे लोग

इस समय अफगानिस्तान में बड़ी संख्या में लोग लौट रहे हैं, खासकर पाकिस्तान से। पाकिस्तान ने वहां रह रहे शरणार्थियों और बिना वैध दस्तावेज वाले प्रवासियों को वापस भेजने की कार्रवाई तेज कर दी है।

रिपोर्टों के मुताबिक, जिन अफगानों के पास वैध वीजा नहीं था, उन्हें दस जुलाई तक स्वेच्छा से देश छोड़ने का समय दिया गया था। यह समयसीमा खत्म होने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है।

पाकिस्तान ने 24 घंटे में 4 हजार अफगानों को वापस भेजा

अमू टीवी ने बताया क‍ि तालिबान की ‘हाई कमीशन फॉर एड्रेसिंग रिटर्नीज इश्यूज’ के सचिवालय के अनुसार, पिछले सप्ताहांत सिर्फ 24 घंटों के भीतर 4,000 से ज्यादा अफगानों को पाकिस्तान से वापस भेज दिया गया।

बढ़ रही वापस जाने वाले शरणार्थियों की संख्या

पाकिस्तान के अखबार डॉन की र‍िपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के लांडी कोटल स्थित हमजा बाबा ट्रांजिट पॉइंट के आंकड़ों से पता चलता है कि हाल के दिनों में अफगान शरणार्थियों की वापसी में काफी बढ़ोतरी हुई है। वहां के अधिकारियों के मुताबिक, पाकिस्तान की ओर से सभी अफगान नागरिकों को वापस लौटने का आदेश देने के बाद रोजाना लौटने वालों की संख्या 10,000 से भी ज्यादा हो गई है।

पाकिस्तान में संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (यूएनएचसीआर) के प्रवक्ता कैसर खान अफरीदी ने डॉन से बातचीत में पाकिस्तान सरकार के अफगान शरणार्थियों और शरण मांगने वालों को ‘जबरन’ वापस भेजने के फैसले पर चिंता जताई।

लड़कियों के मानवाधिकारों पर जताई चिंता

उन्होंने कहा, “यूएनएचसीआर को खास तौर पर उन महिलाओं और लड़कियों की चिंता है जिन्हें ऐसे देश में लौटने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जहां उनके मानवाधिकार खतरे में हैं। इसके अलावा कुछ और समूह भी हैं जिन्हें वापस लौटने पर जोखिम का सामना करना पड़ सकता है।”

उन्होंने पाकिस्तान की सरकार से अपील की कि अफगानों की वापसी उनकी अपनी इच्छा से हो, सुरक्षित हो और सम्मानजनक तरीके से कराई जाए।

अभिषेक पाण्डेय

लेखक के बारे मेंअभिषेक पाण्डेयअभिषेक पाण्डेय नवभारत टाइम्स में डिजिटल में पत्रकार हैं। वे जुलाई- 2025 में टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के नवभारत टाइम्स, डिजिटल विंग से जुड़े। वह वर्तमान में नेशनल और दिल्ली डेस्क से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं। पत्रकारिता में बतौर रिपोर्टर और डेस्क पर काम करने का 4 वर्षों का अनुभव है। नवभारत टाइम्स में जुड़ने से पहले वह दैनिक जागरण में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत थे। अभिषेक ने 2022 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव 2024, महाकुंभ 2025 को काफी करीब से कवर किया है। अभी वह राष्ट्रीय स्तर पर हो रही सियासी उथल-पुथल, सामाजिक परिवर्तन और क्राइम से जुड़ी खबरों पर बारीकी से नजर रखते हैं।

विशेषज्ञता
उत्तर भारत के राज्यों की सियासी व आपराधिक घटनाक्रम पर अच्छी पकड़, किताबों के जरिए इतिहास को वर्तमान के पन्नों में खंगालने की कोशिश।

पत्रकारिता अनुभव
रामा यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातक की डिग्री हासिल करने के बाद अभिषेक पाण्डेय ने दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में पत्रकारिता का शुरुआती ज्ञान लिया। इसके बाद उन्होंने कई संस्थानों के लिए फ्रीलांसिग की। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालयों के लिए जारी होने वाली धनराशि में घोटाले का खुलासा, सरकारी राशन वितरकों द्वारा ‘राशन चोरी’ का भंड़ाफोड़ किया, साथ ही किसान आंदोलन की ग्राउंड रिपोर्टिंग की। इसके बाद साल 2022 में दैनिक जागरण के डिजिटल विंग में बतौर सब एडिटर के पद पर अपने करियर की औपचारिक शुरुआत की। यहां उन्होंने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की डेस्क पर अपनी पकड़ मजबूत की। बेहतरीन लेखनी और कार्य के प्रति समर्पण को ध्यान में रखते हुए संस्थान ने उन्हें 2024 में वरिष्ठ उप संपादक के पद पर प्रमोट किया। दैनिक जागरण में रहते हुए उन्होंने, खबरों का संपादन, एक्सप्लेनर खबरों पर काम किया। इसके बाद अभिषेक पाण्डेय ने जुलाई 2025 में नवभारत टाइम्स के साथ अपनी पारी की शुरुआत की।

शिक्षा/पुरस्कार
मूल रूप से कानपुर से जुड़े अभिषेक पाण्डेय ने रामा यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है। दैनिक जागरण में उन्हें तीन बार बेस्ट परफॉर्मर ऑफ द मंथ से सम्मानित किया गया था।… और पढ़ें



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