दिल्ली में स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए रेखा गुप्ता सरकार ने स्टार्टअप एवं इन्क्यूबेशन पॉलिसी को मंजूरी दी है। इसके तहत सरकार राजधानी को बेहतरीन स्टार्टप और एंटरप्रेन्योरशिप सेंटर के रूप में विकसित करेगी।
दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी के लिए ‘स्टार्टअप एवं इन्क्यूबेशन पॉलिसी’ को मंजूरी दे दी है। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हाल में कैबिनेट की बैठक में राजधानी में इनोवेशन, रिसर्च और एंटरप्रेन्योरशिप को नई दिशा देने के उद्देश्य से इस पॉलिसी को मंजूरी दी गई है।
वहीं मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि इस नीति के तहत अगले पांच साल में 400 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, इस नीति का उद्देश्य दिल्ली को देश के बेहतरीन स्टार्टप और एंटरप्रेन्योरशिप सेंटर के रूप में विकसित करना और युवाओं को अपने विचारों को सफल स्टार्टअप में बदलने के लिए जरूरी और हर संभव मदद मुहैया करवाना है।
आइडिया आपको मदद सरकार देगी
गुप्ता ने कहा कि यह पॉलिसी केवल स्टार्टअप शुरू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि दिल्ली के युवाओं को नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा, ‘सरकार चाहती है कि छात्रों, शोधकर्ताओं, शिक्षकों, पूर्व छात्रों और नए एंटरप्रेन्योर्स के पास अगर कोई अच्छा आइडिया है तो उसे आगे बढ़ाने के लिए उन्हें संसाधन, मार्गदर्शन और आर्थिक मदद की कमी महसूस न हो।’
इनोवेशन इको सिस्टम होगा मजबूत
मुख्यमंत्री ने बताया कि पॉलिसी के तहत दिल्ली के शैक्षणिक संस्थानों में मजबूत इनोवेशन इको सिस्टम विकसित किया जाएगा। बयान के मुताबिक, यह नीति 11 राज्य यूनिवर्सिटी, 13 सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेज, पॉलिटेक्निक संस्थानों, इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट (आईटीआई) में लागू होगी, जबकि सरकारी स्कूल के छात्र भी इन संस्थानों में इस पॉलिसी का फायदा उठा सकते हैं और कामयाब होने पर छात्रों को आर्थिक मदद भी दी जाएगी।
सेंटर बनाने के लिए सरकार देगी मदद
बयान में बताया गया कि सरकार पात्र शैक्षणिक संस्थानों में इन्क्यूबेशन सेंटर बनाने और उन्हें मजबूत बनाने के लिए एकमुश्त आर्थिक मदद देगी। इसके अलावा इन इन्क्यूबेशन सेंटर को चलाने, देखरेख, नेटवर्किंग, स्टार्टअप एक्टिविटीज और स्टार्टअप से जुड़े काम को बढ़ावा देने के लिए हर साल पैसे दिए जाएंगे।
काम के अलग-अलग लेवल पर आर्थिक मदद
रेखा गुप्ता ने कहा ‘इस पॉलिसी के तहत इन्क्यूबेशन सेंटर से जुड़े स्टार्टअप को उनके काम के अलग-अलग लेवल पर पैसों की मदद दी जाएगी। यह मदद स्टार्टअप का प्रोटोटाइप तैयार करने, प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट विकसित करने, प्रोडक्ट तैयार करने, बाजार में उसकी जरूरत को समझने और उसे बेचने यानी बिजनेस शुरू करने तक दी जाएगी। ताकि अच्छे अच्छे आइडिया एक कामयाब बिजनेस बन सकें। यह पॉलिसी युवाओं को केवल बिजनेस शुरू करने में ही मदद नहीं करेगी, बल्कि दिल्ली में इनोवेशन के कल्चर को मजबूत करेगी, लोगों को नौकरियों के नए मौके मिलेंगे। यह पॉलिसी रिसर्च आधारित इनोवेशन को बढ़ावा देगी, कंपनियों और शैक्षणिक संस्थानों के बीच तालमेल को मजबूत करेगी और दिल्ली की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी।’
पॉलिसी की देखरेख के लिए कमेटी भी
उन्होंने कहा इस पॉलिसी के तहत एक खास कार्यक्रम ‘वार्षिक दिल्ली स्टार्टअप युवा मोहत्सव’ भी होगा। इसे नई सोच और आइडियाज को बढ़ावा देने वाला बड़ा मंच बनाया जाएगा। पॉलिसी की निगरानी ‘स्टेट इन्क्यूबेशन पॉलिसी मॉनिटरिंग’ कमेटी करेगी। कमेटी में सरकार, शिक्षण संस्थानों, बड़े उद्योगों और स्टार्टअप जगत से जुड़े लोग शामिल होंगे।