
कानपुर में सरकारी नौकरी न मिलने से आहत बीटेक मेधावी छात्र आनंद कुमार (23) ने गुजैनी स्थित घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। 2024 में प्रदेश में तीसरा स्थान पाने वाले आनंद को राज्यपाल ने ब्रॉन्ज मेडल दिया था। सुसाइड नोट में लिखा कि आई हेट माई सेल्फ।

सरकारी नौकरी नहीं मिलने से निराश एक मेधावी छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान 23 वर्षीय आनंद कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के बक्सर का रहने वाला था और कानपुर के गुजैनी क्षेत्र में अपने पिता के साथ रहता था। वर्ष 2024 में बीटेक परीक्षा में प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल करने पर आनंद को राज्यपाल द्वारा ब्रॉन्ज मेडल से सम्मानित किया गया था। जानकारी के अनुसार आनंद सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा था। वह सचेंडी क्षेत्र में एक निजी नौकरी भी करता था, लेकिन लगातार प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता नहीं मिलने से मानसिक तनाव में था। पांच दिन पहले उसके पिता राजकुमार अपने बड़े बेटे के लिए लड़की देखने बिहार के बक्सर गए थे। घर में आनंद अकेला था।
सुसाइड नोट में लिखा- आई हेट माई सेल्फ
शुक्रवार दोपहर घर में काम करने वाली महिला जब पहुंची तो काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला। उसने आसपास के लोगों और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची गोविंदनगर थाना पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया, जहां आनंद का शव कमरे में पंखे से लटका मिला। पुलिस को मौके से अंग्रेजी में लिखा एक सुसाइड नोट भी मिला है। नोट में आनंद ने लिखा, “सॉरी मम्मी-पापा, आई हेट माई सेल्फ। मुझसे कुछ नहीं हो पाया। मैंने 50 बार से भी ज्यादा प्रयास किया।” इस भावुक संदेश से अंदाजा लगाया जा रहा है कि वह सरकारी नौकरी न मिलने से बेहद परेशान था।
सरकारी नौकरी नहीं लगने से आहत था
परिजनों ने बताया कि आनंद पढ़ाई में बेहद होनहार था। उसके बड़े भाई और बहन बिहार में सरकारी शिक्षक हैं। वह भी सरकारी सेवा में चयनित होने का सपना देख रहा था और इसके लिए लगातार मेहनत कर रहा था। गोविंदनगर थाना प्रभारी अशोक कुमार दुबे ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता नहीं मिलने से उत्पन्न तनाव के कारण आत्महत्या का प्रतीत होता है। मौके से मिले सुसाइड नोट को जांच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा गया है। पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।