अमेरिका से लेकर एशिया के ज्यादातर शेयर बाजारों में भारी गिरावट आई है. कल रात, एआई और सेमीकंडक्टर शेयरों में भारी बिकवाली के कारण अमेरिकी शेयर बाजार धराशायी हो गया. इसके अलावा, सुबह जापान, कोरिया और चीनी मार्केट में भी भारी गिरावट देखने को मिली है.
यह गिरावट ऐसे समय में आई है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम नहीं हो रहा है. उधर, यमन और सऊदी अरब के बीच भी लड़ाई देखी गई है. जिस कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और बाब अल मंडेब जैसे सकरे रास्तों पर तनाव काफी ज्यादा बढ़ चुका है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अभी बंद रखा गया है, जहाजों की इस रास्ते से आवाजाही काफी कम हो चुकी है.
अमेरिका से लेकर एशियाई बाजारों में तबाही?
अमेरिकी बाजार की बात करें तो डाऊ जोन्स में 105 अंकों या 0.20 फीसदी की गिरावट देखने को मिली और यह 52,574 पर बंद हुआ. S&P में 0.64 फीसदी की गिरावट आई और यह 48 अंक टूटकर 7,541 पर क्लोज हुआ. इसी तरह, जापान के निक्केई में 4.40 फीसदी या 2900 अंकों की गिरावट देखने को मिली और यह 63896 पर कारोबार कर रहा था. हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स में 1.67 फीसदी की गिरावट आई है. सबसे ज्यादा गिरावट साउथ कोरिाया के मार्केट कोस्पी में 6.37 फीसदी की गिरावट आई है.
भारतीय बाजार में आज क्या होगा?
एशियाई बाजारों में भारी गिरावट को देखते हुए भारतीय बाजार में भी भारी दबाव दिखाई दे रहा है. गिफ्ट निफ्टी यह संकेत दे रहा है कि भारतीय बाजार करीब 80 अंक गिरकर खुलेगा. एआई शेयरों में आई मुनाफावसूली के कारण बाजार में यह भारी दबाव दिखाई दे रहा है. अगर भारतीय बाजार में भी बिकवाली हावी होती है तो और भी बड़ी गिरावट आ सकती है.
क्यों आई शेयर बाजारों में इतनी बड़ी गिरावट?
- खाड़ी देशों में तनाव बढ़ने और जंग की नई आहट के कारण तेल की कीमतों में भारी उछाल की संभावना जताई जा रही है. ऐसे में बाजार में तनाव दिखाई दिया है. शुक्रवार को Brent Crude करीब 1 फीसदी चढ़कर 84.80 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था.
- अमेरिका से लेकर एशियाई बाजारों में एआई और सेमीकंडक्टर शेयरों में बिकवाली शुरू हुई है, जिस कारण चिप शेयरों ने मार्केट को नीचे खींचा है और बाजार में बिकवाली आई है. विदेशी निवेशक बैंकिंग शेयरों पर दांव लगा रहे हैं.
- फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है. अगर ब्याज बढ़ता है तो महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ जाएगा.
(नोट- किसी भी शेयर में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)
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