बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान की तीसरी शादी को लेकर देशभर में चर्चा तेज है. सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों तक इस शादी पर अलग-अलग तरह की बातें कही जा रही हैं. इसी बीच देवबंद के प्रमुख उलेमा मौलाना कारी इसहाक गोरा ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि किसी भी मामले में दोहरा मापदंड अपनाना ठीक नहीं है. अगर दो बालिग लोग अपनी मर्जी और कानून के दायरे में शादी करते हैं, तो उनके निजी फैसले को बेवजह विवाद नहीं बनाया जाना चाहिए.
मौलाना कारी इसहाक गोरा ने कहा, “जब मियां-बीवी राजी, तो क्या करेगा काजी.” उन्होंने कहा कि अगर कोई बालिग व्यक्ति अपनी मर्जी से कोई फैसला करता है और वह फैसला कानून के खिलाफ नहीं है, तो हर किसी को उस पर फैसला सुनाने का अधिकार नहीं है.
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एक ही मामले को दो चश्मे से देखते हैं लोग
उन्होंने कहा कि हमारे समाज में एक ही तरह के मामले को अलग-अलग नजर से देखा जाता है. अगर कोई मुसलमान दूसरे धर्म के व्यक्ति से शादी करता है तो कई बार उस पर सवाल उठाए जाते हैं और मामले को ‘लव जिहाद’ जैसे शब्दों से जोड़ दिया जाता है. वहीं, जब ऐसा ही मामला किसी दूसरे समुदाय से जुड़ा होता है तो उसे कई बार ‘प्यार के आगे धर्म की दीवार टूट गई’ जैसे शब्दों के साथ पेश किया जाता है.
मौलाना गोरा ने सवाल उठाया कि आखिर एक जैसे मामले में सोच अलग-अलग क्यों होनी चाहिए? उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के धर्म या पहचान के आधार पर अलग नजरिया अपनाना सही नहीं है. इंसाफ का मतलब यही है कि नियम और सोच सभी के लिए एक जैसी हो.
दूसरों के निजी जीवन में दखल देना बंद करना चाहिए
मौलाना इसहाक गोरा ने कहा कि लोगों को दूसरों की निजी जिंदगी में जरूरत से ज्यादा दखल देने के बजाय देश और समाज के जरूरी मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए. आज शिक्षा, बेरोजगारी, महंगाई, आपसी भाईचारा और देश की तरक्की जैसे कई बड़े सवाल हमारे सामने हैं. समाज की ताकत और समय ऐसे मुद्दों पर लगना चाहिए, जिनसे आम लोगों की जिंदगी बेहतर हो सके.
रीना और किरण के बाद आमिर ने की गौरी से शादी
जानकारी के मुताबिक, अभिनेता आमिर खान ने अपनी लंबे समय की साथी गौरी स्प्रैट से 5 जुलाई 2026 को मुंबई में निजी समारोह में शादी की. यह आमिर खान की तीसरी शादी है. इससे पहले उनकी शादी रीना दत्ता और फिल्म निर्माता किरण राव से हो चुकी है. आमिर और गौरी के रिश्ते की भी लंबे समय से चर्चा थी और दोनों ने बाद में अपने रिश्ते को सार्वजनिक किया था.
आमिर खान की तीसरी शादी के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं. कुछ लोगों ने इसे अभिनेता का निजी मामला बताया, जबकि कुछ ने इस पर सवाल उठाए. इसी बहस के बीच मौलाना कारी इसहाक गोरा ने कहा कि किसी व्यक्ति के निजी और कानूनी फैसले को उसके धर्म के आधार पर अलग नजर से देखना उचित नहीं है.
उन्होंने कहा कि समाज को नफरत और दोहरे मापदंड से बचना चाहिए. किसी भी मामले में न्यायपूर्ण और एक जैसा नजरिया रखना ही एक सभ्य और मजबूत समाज की पहचान है. हमें दूसरों की निजी जिंदगी पर विवाद खड़ा करने के बजाय अपनी सोच और व्यवहार को बेहतर बनाने की जरूरत है.
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