एक तरफ से पुतिन अटैक करेंगे…दूसरी तरफ से ईरान! कहीं के नहीं रह जाएंगे ट्रंप, IRGC का नया प्लान लीक


डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चारों तरफ से घेरने और अमेरिका को अकेला करने की सीक्रेट प्लानिंग लीक हो गई है. IRGC अब कुछ ऐसा करने जा रहा है, जिसके बाद ट्रंप सिर्फ अपने देश की जनता ही नहीं बल्कि ‘दोस्तों’ का भी भरोसा खो देंगे. ईरान अकेले नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे से रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मिलकर एक ऐसा चक्रव्यूह रच रहा है, जिसमें ट्रंप हर तरफ से घिरने वाले हैं. IRGC के चीफ कमांडर के सबसे खास सलाहकार हुसैन हमीदरेजा मोघदामफर ने अमेरिका को चेतावनी भेज दी है और ट्रंप के दोस्तों को भी अलर्ट कर दिया है.

ईरान और रूस मिलकर कैसे ट्रंप को देंगे 440 वोल्ट का झटका?

दरअसल, अमेरिका के हमलों का जवाब अभी तक ईरान ट्रंप के गल्फ दोस्तों पर अटैक करके दे रहा था. हालांकि, अब उसका प्लान यूरोप तक पहुंचना है, जहां पहले से ही रूसी राष्ट्रपति पुतिन का खौफ फैला हुआ है. यूरोप अब ट्रंप की वजह से ईरान का कोप झेल सकता है, जिसके बाद अमेरिका पर उसके पहले से चिढ़े दोस्तों का भरोसा हमेशा के लिए उठ सकता है.

मोघदामफर ने साफ शब्दों में अमेरिका को खुली धमकी देते हुए कहा है कि अगर अमेरिका ने समंदर के रास्तों या किसी भी आर्थिक दबाव के जरिए ईरान को झुकाने की कोशिश की, तो इसका सबसे खौफनाक खामियाजा पूरे यूरोप को भुगतना पड़ेगा. ईरान ने चेतावनी दी है कि अमेरिका की हरकतों की वजह से पूरे यूरोप का एनर्जी सेक्टर और ग्लोबल इकोनॉमी ताश के पत्तों की तरह ढह जाएगी.

एक तरफ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन के मोर्चे पर लगातार आक्रामक हैं और पूरे यूरोप की सीमाओं पर अपनी सेना और मिसाइलों का दबाव बढ़ाए हुए हैं. पुतिन पहले ही यूरोप की गैस सप्लाई रोककर उन्हें घुटनों पर ला चुके हैं.

दूसरी तरफ, ईरान अब समंदर के उस सबसे संवेदनशील रास्ते पर कुंडली मारकर बैठने की तैयारी में है, जहां से पूरी दुनिया का बाजार चलता है. अगर ट्रंप ने ईरान पर हाथ डाला तो पुतिन यूरोप को ऊपर से दबाएंगे और ईरान नीचे समंदर से पूरी दुनिया की सप्लाई लाइन काट देगा.

डोनाल्ड ट्रंप, रूस और ईरान दोनों को अलग-अलग निपटाना चाहते थे लेकिन इस नए प्लान के लीक होने के बाद ट्रंप के लिए दोनों मोर्चों को एक साथ संभालना नामुमकिन होने वाला है.

होर्मुज का वो डेथ-ट्रैप जिससे कांपते हैं ट्रंप के दोस्त

ईरान जिस समुद्री रास्ते से पूरे यूरोप और ग्लोबल इकोनॉमी को मटियामेट करने की धमकी दे रहा है, वो ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ है. सऊदी अरब, यूएई, कुवैत और इराक जैसे बड़े तेल उत्पादक देशों के जहाज इसी रास्ते से होकर यूरोप और अमेरिका जाते हैं. अगर IRGC ने अपने इस नए प्लान के तहत होर्मुज पर नाकेबंदी कर दी या वहां माइंस बिछा दीं तो तेल के टैंकरों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो जाएगी.

यूरोप के देश पहले से ही आर्थिक तंगी और महंगाई से जूझ रहे हैं. अगर खाड़ी देशों से आने वाला तेल और गैस रुक गई तो जर्मनी, फ्रांस और इटली जैसे बड़े देशों की फैक्ट्रियां कुछ ही दिनों में बंद हो जाएंगी और वहां की बत्ती गुल हो जाएगी.

अमेरिका को दबाने के लिए ईरान ने यूरोप को बनाया ‘बलि का बकरा’

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान बहुत अच्छी तरह जानता है कि ट्रंप प्रशासन उस पर आर्थिक प्रतिबंधों की झड़ी लगाने वाला है. ट्रंप चाहते हैं कि ईरान का तेल बाजार में न बिके और उसकी अर्थव्यवस्था पूरी तरह तबाह हो जाए. इसी चाल को नाकाम करने के लिए ईरान ने यह नया पैंतरा चला है.

ईरान यूरोप के करीब 27 से 30 देशों को यह संदेश दे रहा है कि ‘अगर तुम अमेरिका की हां में हां मिलाओगे और हमारे खिलाफ प्रतिबंधों का समर्थन करोगे, तो हम तुम्हें पूरी तरह कंगाल कर देंगे.’ इस धमकी के बाद यूरोप के देशों और अमेरिका के भीतर ही आंतरिक कलह शुरू हो सकती है, क्योंकि कोई भी यूरोपीय देश अमेरिका की सनक के चक्कर में अपने नागरिकों को भूखा और बिना बिजली के रखने का जोखिम नहीं उठाना चाहेगा.

कौन हैं हुसैन हमीदरेजा मोघदामफर?

मोघदामफर ईरान के उस IRGC थिंक-टैंक के सबसे शातिर दिमाग माने जाते हैं, जो बंद कमरों में बैठकर अमेरिका और इजरायल को तबाह करने का ब्लू प्रिंट तैयार करते हैं. उनका ये बयान इस बात का सबूत है कि ईरान ने इस बार अमेरिका पर सीधे हमला करने की बजाय उसकी सबसे कमजोर नस यानी उसके यूरोपीय दोस्तों की गर्दन पर हाथ रख दिया है. ईरान का सीधा गणित है कि दर्द अगर वाशिंगटन देगा तो चीखें पेरिस, बर्लिन और लंदन से निकलेंगी.



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