ओटीटी से ‘सतलुज’ के बाद, अब IMDB से फिल्म की रेटिंग हुई गायब! डायरेक्टर संजय गुप्ता हुए नाराज – afer satluj zee5 imdb ratings disappear director sanjay gupta calls platform bogus tmovk


दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज का ज़ी5 से हटना तगड़े विवाद की जड़ बन चुका है. एक तरफ लोग इस मामले के सही-गलत को लेकर सोशल मीडिया पर भिड़े हुए हैं, दूसरी तरफ सतलुज के साथ अब एक और हैरान करने वाली चीज हुई है. फिल्म तो ओटीटी से गायब हो ही गई थी, अब पॉपुलर फिल्म रेटिंग वेबसाइट IMDb से सतलुज की रेटिंग भी गायब हो गई है. इसपर बॉलीवुड फिल्म डायरेक्टर संजय गुप्ता ने बहुत तीखा रिएक्ट किया है.

अचानक गायब हुई ‘सतलुज’ की रेटिंग

जी5 से हटने के पहले सतलुज 48 घंटे तक जनता के सामने थी और उतनी देर में फिल्म को बहुत अच्छे रिव्यूज और रेटिंग्स मिली थीं. फिल्म रेटिंग वेबसाइट IMDb पर सतलुज को बहुत दमदार 10 में से 9.5 रेटिंग पॉइंट्स मिले थे. सतलुज के IMDb पेज पर मंगलवार तक भी ये रेटिंग नजर आ रही थी, लेकिन बुधवार को यूजर्स ने नोटिस किया कि पेज पर फिल्म की रेटिंग नहीं नजर आ रही. ये बात नोटिस करने वालों में बॉलीवुड डायरेक्टर संजय गुप्ता भी थे.

मुसाफिर और कांटे जैसी फिल्में बना चुके संजय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सतलुज के IMDb पेज का स्क्रीनशॉट शेयर किया, जिसमें रेटिंग गायब है. पोस्ट में संजय ने लिखा, ‘कल तक 9.5 रेटिंग थी, आज गायब है. ऐसा नहीं है कि मैं कभी IMDb की रेटिंग्स को भरोसेमंद मानता था, लेकिन इससे पता चलता है कि वो कितने फर्जी हैं.’ संजय की पोस्ट पर कई अन्य यूजर्स ने भी रेटिंग गायब किए जाने की आलोचना की.

‘सिस्टम में किसी को इस फिल्म से बहुत दिक्कत है’

रेटिंग गायब होने पर सतलुज के को-राइटर निरेन भट्ट ने रिएक्ट करते हुए कहा कि उन्हें भी इसकी वजह नहीं पता. निरेन ने ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ से कहा, ‘हमें ये भी नहीं पता था कि फिल्म कब रिलीज होने वाली है. ये भी नहीं पता था कि कब हटा दी जाएगी. और अब IMDb की रेटिंग… हमें नहीं पता किसे इससे दिक्कत थी, क्या दिक्कत थी और क्यों. किसी तरह की कोई बातचीत ही नहीं हुई.’

इससे पहले निरेन भट्ट सतलुज के हटाए जाने पर भी सवाल उठा चुके हैं. वैरायटी इंडिया से बातचीत में उन्होंने कहा था, ‘मुझे लगता है कि सिस्टम में किसी को इस फिल्म से बहुत बड़ी दिक्कत है. लेकिन सबसे बड़ी समस्या पूरी तरह संवाद का न होना है. हमें सालों से सिर्फ चुप्पी और टालमटोल देखने को मिला है. CBFC (सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन) की तरफ से पूरी तरह सन्नाटा है.’

आगे निरेन ने कहा, ‘वो इतना भी नहीं बताते कि आखिर दिक्कत क्या है, किस हिस्से पर आपत्ति है या फैसले कौन ले रहा है? अब भी ज़ी5 सिर्फ ‘मौजूदा घटनाक्रम’ कहकर बयान जारी करता है, लेकिन यह नहीं बताता कि आखिर वो घटनाक्रम है क्या. अगर कोई समस्या है तो बातचीत होनी चाहिए. लेकिन जब बिना कुछ बताए आपका काम ही हटा दिया जाए, तो बातचीत कैसे होगी?’

—- समाप्त —-



Leave a Comment