कभी घरेलू सहायिका रही महिला बनीं मंत्री:बंगाल की नई कैबिनेट में कलिता माझी कौन? Cm शुभेंदु की टीम में शामिल – From Domestic Help To Minister: Who Is Kalita Majhi, The New Face In Cm Suvendu Adhikari’s Cabinet?


पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के गठन के बाद हुए पहले मंत्रिमंडल विस्तार में एक ऐसा नाम शामिल हुआ है, जिसकी कहानी संघर्ष, मेहनत और राजनीतिक उभार की मिसाल बन गई है। पूर्व बर्धमान जिले की आउसग्राम विधानसभा सीट से विधायक बनीं 32 वर्षीय कलिता माझी को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की कैबिनेट में मंत्री बनाया गया है।

कभी चार घरों में खाना बनाने और साफ-सफाई का काम करने वाली कलिता माझी आज राज्य सरकार में मंत्री पद तक पहुंच गई हैं। घरेलू सहायिका के रूप में काम करते हुए वह हर महीने करीब 2500 रुपये कमाती थीं। आर्थिक तंगी के कारण उन्हें पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी थी, लेकिन उन्होंने हालात के आगे हार नहीं मानी।

कलिता ने चुनाव प्रचार के लिए अपने काम से करीब डेढ़ महीने की छुट्टी ली थी। इस दौरान वह घर-घर जाकर लोगों से मिलीं, उनकी समस्याएं सुनीं और अपने लिए समर्थन मांगा। उनका सीधा जुड़ाव और जमीनी पहचान ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी।

बूथ कार्यकर्ता से मंत्री तक का सफर

कलिता माझी पिछले करीब दस वर्षों से भाजपा से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने राजनीति की शुरुआत बूथ स्तर की कार्यकर्ता के रूप में की थी। भाजपा ने उन्हें 2021 विधानसभा चुनाव में भी उम्मीदवार बनाया था, जहां उन्हें करीब 41 प्रतिशत वोट मिले थे, लेकिन जीत नहीं मिली।

इसके बावजूद पार्टी नेतृत्व ने उन पर भरोसा बनाए रखा और 2026 के चुनाव में दोबारा टिकट दिया। इस बार उन्होंने औसग्राम सीट से 12,535 वोटों के अंतर से जीत दर्ज कर विधानसभा पहुंचने का सपना पूरा किया। अब मंत्री बनकर उन्होंने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है।

साधारण परिवार से आती हैं कलिता

कलिता माझी पूर्व बर्धमान जिले के मंगलकोट के काशेमनगर गांव की रहने वाली हैं। उनके परिवार में सात बहनें और एक भाई हैं। उनके पिता दिहाड़ी मजदूर थे और परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी। पति पेशे से प्लंबर हैं और उनका बेटा पार्थ आठवीं कक्षा में पढ़ता है।

चुनावी हलफनामे के अनुसार, कलिता की कुल संपत्ति करीब 1.61 लाख रुपये है, जिसमें बैंक जमा, नकदी और एलआईसी पॉलिसियां शामिल हैं। उनके पति के नाम 871 वर्ग फुट का एक मकान है, जिसकी कीमत करीब 3 लाख रुपये बताई गई है।

भाजपा की ‘ग्रासरूट लीडरशिप’ की मिसाल

कलिता माझी की जीत और मंत्री पद तक पहुंच को भाजपा की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें पार्टी जमीनी स्तर से जुड़े और आम लोगों की समस्याओं को समझने वाले चेहरों को आगे बढ़ा रही है।

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष ने उनकी जीत पर बधाई देते हुए कहा था कि पार्टी प्रतिभा और मेहनत को पहचानती है, चाहे व्यक्ति किसी भी सामाजिक या आर्थिक पृष्ठभूमि से आता हो।

घरेलू सहायिका से मंत्री तक का कलिता माझी का सफर न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता की कहानी है, बल्कि यह राजनीति में सामाजिक समावेशन और आम लोगों के प्रतिनिधित्व की भी एक मिसाल बनकर उभरा है।


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