खाते में अचानक आए पैसे? SBI ने दी चेतावनी, कहीं आप भी तो नहीं फंस रहे इस नए UPI स्कैम में? | SBI UPI Scam Alert: How To Protect Yourself From Jumped Deposit Fraud In 2026


खाते में अचानक आए पैसे? SBI ने दी चेतावनी, कहीं आप भी तो नहीं फंस रहे इस नए UPI स्कैम में?

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने 11 अक्टूबर को एक ताजा अलर्ट जारी कर तेजी से फैल रहे ‘जंप्ड डिपॉजिट’ UPI स्कैम को लेकर सावधान किया है, जो आज 12 अक्टूबर को खूब ट्रेंड कर रहा है। इस ठगी में जालसाज पहले आपके खाते में छोटी रकम क्रेडिट करते हैं, और फिर दबाव बनाकर आपसे बड़े UPI कलेक्ट रिक्वेस्ट या मैंडेट को अप्रूव करवा लेते हैं। बैंक ने यूजर्स को सलाह दी है कि किसी भी अगले पेमेंट से पहले अपनी पेंडिंग रिक्वेस्ट और ऐप की सिक्योरिटी सेटिंग्स जरूर जांच लें, ताकि वित्तीय नुकसान से बचा जा सके।

यह फर्जीवाड़ा अचानक खाते में पैसे आने और फिर उन्हें ‘लौटाने’ की गुहार से शुरू होता है, जिसके तुरंत बाद पेंडिंग रिक्वेस्ट मंजूर करने का दबाव बनाया जाता है। SBI ने अपने आधिकारिक मैसेज में आगाह किया है, “खाते में अचानक पैसे आए हैं? तो यह एक जाल हो सकता है! जंप्ड डिपॉजिट स्कैम से सावधान रहें!” 10 अक्टूबर को जारी इस चेतावनी में अनजान रिक्वेस्ट को तुरंत रिजेक्ट करने और खुद से वेरिफिकेशन करने पर जोर दिया गया है।

SBI UPI Scam Alert: How to Protect Yourself from Jumped Deposit Fraud in 2026

जानिए कैसे काम करता है जंप्ड डिपॉजिट UPI स्कैम

स्कैमर्स पहले झूठी हमदर्दी दिखाते हुए छोटा अमाउंट क्रेडिट करते हैं और फिर तुरंत बड़ी रकम की कलेक्ट रिक्वेस्ट भेजते हैं या आपको ऑटो-पे (AutoPay) का झांसा देते हैं। कोई भी कदम उठाने से पहले बैंक स्टेटमेंट की एंट्री, UTR और NPCI स्टेटस की अच्छे से जांच कर लें। अगर कोई डिटेल अलग लगे या स्टेटस संदिग्ध दिखे, तो रिक्वेस्ट को भूलकर भी अप्रूव न करें। SBI की जून और अक्टूबर की एडवाइजरी में इसी पैटर्न को लेकर चेतावनी दी गई है, जो फिलहाल काफी तेजी से फैल रहा है।

UPI कलेक्ट रिक्वेस्ट: इन खतरों के संकेतों (Red Flags) को पहचानें

खतरे का संकेत (Red flag) यह क्यों खतरनाक है आपको क्या करना चाहिए
अनजान VPA से ‘रिफंड’ की मांग जल्दबाजी में रिक्वेस्ट अप्रूव कराने का पैंतरा रिक्वेस्ट रिजेक्ट करें और VPA को ब्लॉक कर दें
चैट/कॉल और रिक्वेस्ट की रकम में अंतर रिक्वेस्ट भेजते समय अमाउंट बदल दिया जाता है कुछ भी अप्रूव न करें; बैंक लेजर से क्रॉस-वेरिफाई करें
अनचाहा ऑटो-पे (Autopay) मैंडेट बार-बार पैसे कटने से पूरा बैलेंस खाली हो सकता है उस मैंडेट को तुरंत कैंसिल करें
UTR या पैसे भेजने वाले की डिटेल न होना इससे खुद से जांच करना नामुमकिन हो जाता है इसे संदिग्ध मानकर रिपोर्ट करें

SBI YONO / SBI UPI: साइबर फ्रॉड से बचने के लिए तुरंत उठाएं ये कदम

YONO/SBI UPI खोलें, Requests/Pending सेक्शन में जाएं, Unknown Collect को Reject करें, VPA को Block करें. Mandates/AutoPay में जाकर अनचाहा e‑mandate तुरंत Cancel करें. Profile/Security में UPI PIN बदलें, ऐप लॉगिन‑PIN/बायोमेट्रिक्स सक्षम करें. Mini‑statement में UTR मिलान करें. Unknown नंबर से आई लिंक/एपीके बिल्कुल न खोलें.

रिफंड, चार्जबैक की समय-सीमा और शिकायत दर्ज कराने का तरीका

साइबर फ्रॉड होते ही तुरंत 1930 पर कॉल करें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं; साथ ही अपने बैंक में भी रिपोर्ट करें। 1 अगस्त 2026 से लागू होने वाले नियमों के तहत, बेनेफिशियरी बैंक को फ्रॉड या गलत क्रेडिट के चार्जबैक का जवाब 15 कैलेंडर दिनों के भीतर देना होगा। आप धोखाधड़ी के 40–45 दिनों के भीतर अपने बैंक से चार्जबैक की मांग कर सकते हैं। जीरो लायबिलिटी का फायदा उठाने के लिए अनधिकृत लेनदेन की रिपोर्ट 3 कार्य दिवसों के भीतर करें; यदि 30 दिनों तक समाधान न मिले तो मामले को RBI के इंटीग्रेटेड ओंबुड्समैन (लोकपाल) के पास ले जाएं।



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