खेला एक भी मैच नहीं, फिर भी लिया खेल सम्‍मान; नौकरी का भी दावा, ब‍िहार में रग्बी खिलाड़ी की पत्नी पर होगी FIR


जागरण संवाददाता, पटना। बिहार राज्य खेल प्राधिकरण (BSSA) ने खेल योजनाओं में फर्जीवाड़ा कर आर्थिक लाभ और सरकारी नौकरी पाने की कोशिश का भंडाफोड़ क‍िया है। 

इस आरोप में रग्बी खिलाड़ी व रग्बी फुटबाल एसोसिएशन आफ बिहार के सचिव पंकज ज्योति की पत्नी वंदना कुमारी के खिलाफ पटना के एसएसपी को एफआइआर करने का आदेश दिया है।

आरोप है कि वंदना ने खेल सम्मान योजना के तहत फर्जी तरीके से नकद पुरस्कार लिया और मेडल लाओ, नौकरी पाओ योजना के तहत भवन निर्माण विभाग में लोवर डिवीजन क्लर्क रहते हुए पदोन्नति को ड्रैगनबोड प्रतियोगिता बिना खेले नौकरी के लिए झूठा दावा पेश कर दिया।

एक भी मैच नहीं खेला था वंदना कुमारी ने 

इस तरह से अबतक मेडल लाओ नौकरी पाओ योजना में सेंध लगाने का यह तीसरा मामला है। 

बीएसएसए के महानिदेशक रवींद्रण शंकरण द्वारा जारी पत्र के अनुसार वंदना कुमारी ने खुद को 2019 में पटना में आयोजित सीनियर महिला राष्ट्रीय रग्बी सेवेंस चैंपियनशिप की बिहार टीम का सदस्य बताया था।

जांच में यह सामने आया कि टीम के आधिकारिक रजिस्ट्रेशन में उनका नाम खिलाड़ी नंबर 12 के रूप में दर्ज जरूर था, लेकिन उन्होंने एक भी मैच नहीं खेला।

इसके बावजूद उन्होंने इस फर्जी दावे के आधार पर खेल सम्मान योजना 2021 के तहत 33 हजार रुपये का नकद इनाम ले लिया।

इंडियन रग्बी फुटबाल यूनियन के रिकार्ड, वीडियो और तस्वीरों से इस धोखाधड़ी की पुष्टि हुई है। मामला यहीं नहीं रुका। वंदना कुमारी पहले से भवन निर्माण विभाग में लोवर डिवीजन क्लर्क थीं।

इसके बावजूद दारोगा बनने की लालच में पांच दिसंबर 2024 को मेडल लाओ, नौकरी पाओ योजना के तहत नौकरी के लिए भी आवेदन कर दिया।

निजी विदेश यात्रा के नाम पर खेल 

इसमें उन्होंने 2023 में मोतिहारी और थाईलैंड (पटाया) में आयोजित ड्रैगनबोट प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का दावा किया।

हालांकि, उनके नियोक्ता भवन निर्माण विभाग ने स्पष्ट किया है कि वंदना ने इन खेलों में भाग लेने के लिए विभाग से कोई अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं लिया था।

अगस्त 2023 में थाईलैंड जाने के लिए उन्होंने ‘निजी विदेश यात्रा’ का हवाला देकर छुट्टी ली थी, न कि देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए।

खेल प्राधिकरण के डीजी ने भवन निर्माण विभाग के सचिव को पत्र लिखकर वंदना कुमारी के खिलाफ विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई करने तथा दिए गए अनुचित लाभ की रिकवरी (वसूली) करने की सख्त सिफारिश की है। साथ ही पटना एसएसपी से धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के आरोप में तत्काल प्राथमिकी करने का अनुरोध किया है। 

रग्बी और ड्रैगनबोट में पहले आया था मामला

इसके पहले नालंदा समाहरणालय में निम्न वर्गीय लिपिक (क्लर्क) पद तैनात सुधांशु कुमार को निलंबित किया गया था। उसने वर्ष 2022 में पाटलिपुत्र खेल परिसर में संपन्न जूनियर नेशनल रग्बी चैंपियनशिप में अपना प्रतिभाग दिखाया था। सुधांशु का नाम केवल कागजों में था।

बाद में उसे निलंबित किया गया था। वहीं, ड्रैगनबोट खेल में प्रकाश कुमार सिंह ने अपने ऊपर दर्ज आपराधिक मुकदमों और जेल में बिताए गए दिनों की जानकारी सरकार से छिपाकर पुलिस विभाग में अवर निरीक्षक का पद पा लिया।



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