Success Story: कोचिंग के पैसे नहीं थे, बीमारी और डिप्रेशन से लड़कर DSP बने थे खेतों में काम करने वाले सोनू – success story of dsp sonu kurmi a farmer son who worked in fields became a officer in mp after battling illness and depression


PCS Success Story: मध्य प्रदेश के किसान परिवार से आने वाले सोनू कर्मी ने गरीबी, बीमारी और तानों से हार मानने के बजाय दिन-रात कड़ी मेहनत करना चुना। बिना कोचिंग, कॉलेज का इंटरनेट इस्तेमाल करके सेल्फ स्टडी की और MPPSC PCS परीक्षा में 18वीं रैंक हासिल करके DPS बने थे।

Success Story Of DSP Sonu Kurmi
मध्य प्रदेश के जबलपुर में DSP सोनू कुर्मी की तस्वीर। (फोटो सोर्स- FB/snkurmi)
Success Story Of DSP Sonu Kurmi: ‘कोई भी इंसान सफलता के साथ पैदा नहीं होता, बल्कि वह अपनी सफलताओं से सीखकर और ठोकरें खाकर ही सफल बनता है।’ यह कहना है मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में नगर पुलिस अधीक्षक (DSP) सोनू कर्मी का। जिन्होंने गरीबी और असफलताओं को बहुत करीब से देखा है। विपरीत हालातों से लड़कर यह मुकाम हासिल किया था। खेतों में काम करने से लेकर DSP की कुर्सी तक पहुंचने की उनकी सक्सेस स्टोरी आज अनगिनत युवाओं के लिए मिसाल है।

मध्य प्रदेश के किसान परिवार से आते हैं सोनू कर्मी

डॉक्टर बनाना चाहते थे पिता, सब कुछ बर्बाद हो गया

डॉक्टर बनाना चाहते थे पिता, सब कुछ बर्बाद हो गया

किसान पिता बेटों को डॉक्टर बनाना चाहते थे। उन्होंने PMT की तैयारी भी की। लेकिन बड़ी असफलता मिली। जोश टॉक को दिए इंटरव्यू में उन्होंने अपने संघर्ष की कहानी बयां की है। उन्होंने बताया कि प्री-मेडिकल टेस्ट (PMT) की तैयारी के लिए उन्हें घर छोड़ना पड़ा।

वे इंदौर चले गए, लेकिन वहां के माहौल और संसाधनों की तुलना में खुद को कम समझा और बुरी तरह टूट गए। बहुत कोशिश की फिर भी उससे उभर नहीं पाए। पीलिया होने की वजह से पढ़ाई छोड़कर वापस घर लौटना पड़ा। एक साल की बर्बादी और बड़ी असफलता ने उन्हें डिप्रेशन में डाल दिया था।

ताने देते थे लोग, जिंदगी खत्म करने के विचार आने लगे थे

ताने देते थे लोग, जिंदगी खत्म करने के विचार आने लगे थे

यह वो मुश्किल दौर था जब सोनू न सिर्फ लोगों के ताने सह रहे थे, बल्कि खुद अंदर से टूट चुके थे। यहां तक कि आत्महत्या तक के ख्याल आने लगे थे। लोग कहने लगे थे कि बड़ा हीरो बनने चला था, अब समझ आया। तब परिवार के सपोर्ट ने उन्हें वापस खड़े होने में मदद की।

बी-फार्मा के साथ सरकारी नौकरी की तैयारी

बी-फार्मा के साथ सरकारी नौकरी की तैयारी

मेडिकल फील्ड में जाने के लिए उन्होंने सागर जिले के कॉलेज में बी-फार्मा में एडमिशन ले लिया। पढ़ाई के साथ परिवार को आर्थिक तंगी से निकालने के लिए उन्होंने सरकारी नौकरी तैयारी भी शुरू कर दी। वे सप्ताह में एक दिन सिर्फ सरकारी नौकरी की तैयारी करते थे। यहीं से उन्होंने सिविल सेवा में जाने का सपना देखा था।

बिना कोचिंग की MPPSC PCS की तैयारी

बिना कोचिंग की MPPSC PCS की तैयारी

मध्य प्रदेश सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए उन्होंने टफ शेड्यूल फॉलो किया। दिन में 16 से 18 घंटे पढ़ाई की। जितनी जरूरत होती थी सिर्फ उतनी नींद ली। सिर्फ जिंदा रहने लायक खाना खाया। भूख-प्यास भूलकर प्रिपरेशन पर फोकस किया। मंहगी कोचिंग के पैसे नहीं थे, इसलिए कॉलेज की लाइब्रेरी में घंटों पढ़ाई की और इंटरनेट का इस्तेमाल करके खुद नोट्स बनाए।

MP PCS में 18वीं रैंक लाकर बने थे DSP

MP PCS में 18वीं रैंक लाकर बने थे DSP

एमपी पीसीएस क्रैक करना आसान नहीं था। पहले प्रयास में असफलता हाथ लगी थी। फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी। अपनी गलतियों से सीखकर दूसरे प्रयास में MPPSC PCS 2015 परीक्षा में 18वीं रैंक हासिल करके DSP बने। वे कहते हैं कि मां को ये भी नहीं पता था कि डीएसपी क्या होता है। सिर्फ इतना पता था कि पुलिस की नौकरी लगी है। सोनू कुर्मी की स्टेट सिविल सेवा परीक्षा पास करने की यह जर्नी साबित करती है कि बुलंद हौसलें और कठिन परिश्रम से हर जंग जीती जा सकती है।

(All Photos Credit: FB/snkurmi)

अमन कुमार

लेखक के बारे मेंअमन कुमारअमन कुमार, डिजिटल में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में नवभारतटाइम्स.कॉम में प्रिंसिपल डिजिटल कंटेंट प्रॉड्यूसर पद पर हैं। शिक्षा और रोजगार जगत की खबरों के अनुभवी लेखक अमन को न्यूज वर्ल्ड में करीब 10 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है। वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं। साल 2015 में साधना न्यूज चैनल से अपने करियर की शुरुआत करते हुए टीवी चैनल आउटपुट डेस्क और ‘मानव को शांति कहां’ मासिक पत्रिका से लेखन शैली को समझा। इसके बाद लाइव न्यूज हिंदी (लाइव इंडिया), जनसत्ता.कॉम, आजतक जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में रहकर ग्राउंड रिपोर्टिंग के साथ वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे। कई साल के अनुभव से अमन पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं। अमन रिपोर्ट्स बेस्ड, सटीक और विश्वसनीय जानकारियों को पाठकों तक पहुंचाने में विश्वास रखते हैं। उनकी प्राथमिकता यूजर्स तक सही जानकारी को सरल शब्दों में समझाना रही है।

अमन, शिक्षा और रोजगार से जुड़े विषयों जैसे स्कूल-कॉलेज एडमिशन, बोर्ड परीक्षा, प्रवेश परीक्षा, सरकारी नौकरी, सरकारी रिजल्ट, कॉम्पिटिटिव एग्जाम, करियर टिप्स एंड ऑप्शंस, करेंट अफेयर्स, जनरल नॉलेज, सक्सेस स्टोरीज समेत कई टॉपिक्स पर गहरी सोच और समझ के साथ व्यापक कवरेज करते हैं। टीचर्स, प्रोफेसर्स, एक्सपर्ट्स, करियर काउंसलर की सलाह और टिप्स के जरिए स्कूल की खबरों से लेकर IIT-JEE, NEET, GATE, CLAT, CUET जैसे नेशनल लेवल एंट्रेंस एग्जाम से जुड़े विषयों पर काम करते हैं। इसके अलावा एसससी, यूपीएससी, बैंक, पुलिस समेत भारत और राज्य स्तर की सरकारी नौकरियों के बारे में विस्तार और गहराई से लिखते हैं।

गवर्नमेंट जॉब, प्राइवेट जॉब, स्कूल एजुकेशन से लेकर हायर एजुकेशन तक की फील्ड में काम करते हुए अमन ने भारत के प्रमुख शिक्षा बोर्ड CBSE के एग्जाम कंट्रोलर डॉ. संयम भारद्वाज, दिल्ली यूनिवर्सिटी की डीन ऑफ एडमिशन्स प्रोफेसर हनीत गांधी और यूजीसी के पूर्व अध्यक्ष प्रो. एम. जगदीश कुमार का खास इंटरव्यू कर स्टूडेंट्स के लिए क्वालिटी कंटेंट वाले ऑथेंटिक आर्टिकल्स लिखे हैं। इसके अलावा ABVP और NSUI जैसे छात्र संगठनों के प्रवक्ताओं का इंटरव्यू लिया है। सीबीएसई, रीट, नीट, यूपीएससी जैसी परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन करने वाले टॉपर्स से बातचीत कर रिपोर्ट तैयार करते रहे हैं। ताकि उनके टिप्स और सलाह से बाकी युवाओं के करियर को बेहतर बनाने में मदद मिल सके।

दिल्ली में जन्मे अमन कुमार की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है। इसके बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी के डॉ. भीमराव आंबेडकर कॉलेज से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में B.A. ऑनर्स की डिग्री हासिल की। फिर डीयू के साउथ कैंपस से हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। उसके बाद गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, हिसार से मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स किया है। ये डिग्रियां अमन को हिंदी पत्रकारिता की वो एक्सपर्टीज देती हैं जो जर्नलिज्म के बेसिक प्रिंसिपल (5 Ws+1H) यानी क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे के पैमानों के आधार पर न्यूज राइटिंग के लिए जरूरी हैं

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