खेल : मेसी के सामने स्पेन की अभेद्य दीवार, International Hindi News


शोल्डर : अर्जेंटीना खिताब का बचाव करने तो स्पेन 16 साल बाद विश्व चैंपियन बनने

न्यूयॉर्क, एजेंसी। गोल-गोल का शोर अब थमने को है। करीब 39 दिन बाद रविवार को ताज किसका इस फैसला होगा। अर्जेंटीना और स्पेन की टीमें न्यू जर्सी के स्टेडियम में देर रात को जब फुटबॉल विश्व कप में बादशाहत साबित करने के लिए टकराएंगी तो दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों को एक रोमांचक जंग देखने को मिलेगी। लियोनेल मेसी की अर्जेंटीना को खिताब का बचाव करने के लिए स्पेन की अभेद्य दीवार को भेदना आसान नहीं होगा। मेसी के करिश्मे से अर्जेंटीना लगातार दो खिताब जीतने वाली तीसरी टीम बनने की कोशिश करेगी तो स्पेन 16 साल बाद फिर से इस ट्रॉफ को चूकने के लिए बेताब होगा। दोनों टीमों ने विपरीत परिस्थितियों में फाइनल तक का सफर तय किया है। नॉकआउट में जहां स्पेनिश टीम बिना किसी बाधा के आगे बढ़ी है वहीं अर्जेंटीना ने पिछड़ने के बाद अंतिम समय में गोल कर जीत दर्ज की है। टीका-टाका के लिए मशहूर स्पेनिश टीम ने सिर्फ एक गोल गंवाया है। गोलकीपर उनाई सिमोन की दीवार को लांघना मेसी के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगा। पहली बार 48 टीमों के इस सबसे बड़े विश्व कप में यूरोपीय चैंपियन स्पेन और दक्षिण अमेरिकी चैंपियन अर्जेंटीना का सफर एक सा नहीं रहा।

दो शैलियों का खेल

यह मुकाबला केवल दो टीमों के बीच नहीं, बल्कि दो अलग-अलग फुटबॉल शैलियों का भी है। अर्जेंटीना ने पूरे टूर्नामेंट में दबाव के क्षणों से निकलकर जीत हासिल की है। स्पेन ने गेंद पर नियंत्रण, मजबूत रक्षापंक्ति और सामूहिक खेल के दम पर यहां तक का सफर तय किया है। स्पेन ने सेमीफाइनल में खिताब की प्रबल दावेदार फ्रांस को हराकर जाहिर कर दिया कि वह किसी के रसूख से घबराने वाली टीम नहीं है। कागजों पर बराबरी के दिख रहे इस मुकाबले में यदि अर्जेंटीना का अनुभव और मेसी का जादू चलता है तो ट्रॉफी दक्षिण अमेरिका जा सकती है। यदि स्पेन ने अपनी लय और अनुशासित खेल बरकरार रखा तो यूरोप की नई बादशाहत स्थापित हो सकती है। यही अनिश्चितता इस फाइनल को यादगार बनाने के लिए काफी है।

मेसी-यामाल पर निगाह

मुकाबले में सभी की निगाह बार्सिलोना के पूर्व नंबर 10 मेसी और वर्तमान में 10 नंबर जर्सी पहनने वाले स्पेन के लामिन यामाल पर रहेगी। फाइनल से पहले दोनों की वायरल हुई दो दशक पुरानी तस्वीर ने इसे और रोचक मोड़ दे दिया है। इसमें मेसी बाथटब में ‘बेबी यामाल’ को नहलाते दिख रहे हैं। बाथटब से विश्व कप फाइनल तक यामाल का सामना अपने से 20 साल बड़े मेसी से होगा। मेसी ने 2021 में बार्सिलोना से विदा ली जब क्लब आर्थिक संकट से जूझ रहा था। यमाल दो साल बाद क्लब से जुड़े। मेसी ने यामाल के बारे में कहा, वह इस समय दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से है। मैं उसे शुभकामना देता हूं। वह 19 साल का है और उसका भविष्य उज्जवल है। उस तस्वीर के बारे में उन्होंने कहा, यह क्रेजी तस्वीर है। वह बच्चा था और अब हम एक-दूसरे के आमने सामने है।

60 साल बाद टक्कर

दोनों टीमें विश्व के फाइनल में पहली जबकि 60 साल बाद वैश्विक टूर्नामेंट में टकराएंगी। इससे पहले एकमात्र भिड़ंत 1966 में हुई थी जिसमें अर्जेंटीना ने स्पेन को 2-1 से पराजित किया था।

आमने-सामने

कुल मैच : 14

अर्जेंटीना जीता : 6

स्पेन जीता : 6

नंबर गेम

-8 साल बाद दोनों किसी मुकाबले में भिड़ेगे, इससे पहले 2018 में मैत्री मैच में स्पेन ने अर्जेंटीना को 6-1 से धोकर उसे 60 साल में सबसे बड़ी हार दी थी

-3 मैच मेसी ने स्पेन के खिलाफ खेले हैं जिसमें से एक जीता और दो हारे हैं। इस दौरान उन्होंने दो गोल किए हैं। पिछली बार वह 2010 में इस टीम के खिलाफ खेले थे

01 रैंकिंग 02

अर्जेंटीना स्पेन

7 गोल गंवाए 1

0 रेड कार्ड 0

9 येलो कार्ड 6

4772 पास दिए 4592

89 फ्री किक 92

गोल्डन बूट की दौड़ में मेसी

मेसी गोल्डन बूट की दौड़ में सबसे आगे हैं। उन्होंने आठ गोल करने के साथ चार में मदद भी की है। उन्हें फ्रांस के युवा कप्तान किलियन एमबापे (8 गोल, तीन में मदद) से कड़ी चुनौती मिल रही है। मेसी का यह अंतिम विश्व कप है और वह करियर में पहली बार गोल्डन बूट जीतकर इसे यादगार बनाना चाहेंगे।

मेसी बनेंगे सबसे उम्रदराज खिलाड़ी

मेसी अगर योजना के अनुसार मैदान पर उतरते हैं, तो वह 39 वर्ष और 25 दिन की उम्र में विश्व कप फाइनल की शुरुआत करने वाले इतिहास के सबसे उम्रदराज आउटफील्ड खिलाड़ी बन जाएंगे।

पहली टीम

अर्जेंटीना लगातार 13 विश्व कप मैचों में दो या उससे अधिक गोल करने वाली पहली टीम है। यह विश्व कप इतिहास का सबसे लंबा सिलसिला है। इस मामले में उसने उरुग्वे (1930-1954, लगातार 11 मैच) को पीछे छोड़ दिया है।

..तो 44 साल में पहली टीम बनेगी अर्जेंटीना

अर्जेंटीना अगर खिताब बचाने में सफल रहती है तो वह पिछले 44 साल में ऐसा करने वाली पहली जबकि कुल तीसरी टीम बनेगी। अभी तक इटली (1934, 1938) और ब्राजील (1958, 1962) ने ही यह उपलब्धि हासिल की है।

..तो स्पेन बनाएगा इतिहास

अगर स्पेन ट्रॉफी जीतती है तो यूरो चैंपियन बनाने के बाद दो बार विश्व कप जीतने वाली पहली टीम होगी। इससे पहले उसने 2008 में यूरो जीतने के बाद 2010 में यह ट्रॉफी जीती थी। उसके अलावा जर्मनी (1972 यूरो, 1974 विश्व कप) ने एक बार यह उपलब्धि हासिल की है।

‘हम अपना सब कुछ झोंक देंगे। मैं कई बार कह चुका हूं कि हार नहीं माननी चाहिए और अंत तक लड़ते रहना है।’ -लियानेल मेसी, कप्तान अर्जेंटीना

‘हम विश्व कप जीतने के इरादे से ही आए हैं। हमें खुद पर यकीन है कि हम जीत सकते हैं। हमने दिग्गजों को हराया है और उसी लय को कायम रखना होगा।’ -रौड्री, कप्तान स्पेन

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‘फैनेटिक्स फेस्ट’ में मेसी संग सेल्फी की होड़

न्यूयॉर्क, एजेंसी। फाइनल से पहले ‘फैनेटिक्स फेस्ट’ में शुक्रवार देर रात को एक मंच पर खेल के दिग्गज जमा थे। इनमें महानतम सुपर बाउल चैंपियन टॉम ब्रैडी, टेनिस के बादशाह नोवाक जोकोविच और बॉस्केटबाल में चार बार ओलंपिक स्वर्ण जीत चुके केविन ड्यूरेंट शामिल थे। इन सभी की जाने से पहले एक ही ख्वाहिश थी ..मेसी के साथ सेल्फी।

यह बताता है कि फुटबॉल के जादूगर लियोनेल मेसी का जादू दिग्गज खिलाड़ियों के भी सिर चढ़कर बोलता है। मेसी जब मंच पर आए तो खचाखच भरे थिएटर में सैकड़ों प्रशंसक ताली नहीं बजा सके क्योंकि उनके हाथों में फोन था। इस महान फुटबॉलर को वह कैमरे में कैद करना चाहते थे। मेसी को इसका इल्म था और उन्होंने मुस्कुराकर सभी का अभिवादन किया। ऐसा लगा कि मेसी ने जाने से पहले ट्रॉफी वाले केस पर एक नजर डाली होगी। वैसे भी ऐसा नहीं है कि उन्हें याद दिलाने की जरूरत है कि क्या दांव पर लगा है। स्पेन के कप्तान रौड्री ने कहा, यह बयां करने के लिए शब्द नहीं है कि बतौर खिलाड़ी मेसी क्या है और अर्जेंटीना के लिए उसके क्या मायने हैं। मेरी नजर में वह दुनिया का महानतम खिलाड़ी है।

विजेता को मिलेंगे 491 करोड़

विश्व विजेता को चमचमाती ट्रॉफी, गोल्ड मेडल और चैंपियनशिप रिंग के साथ ही करीब 491 करोड़ रुपये (51 मिलियन डॉलर) की इनामी राशि मिलेगी। यह पिछले विश्व कप से 348 करोड़ से 93 करोड़ अधिक हैं। फीफा ने इस बार करीब 8400 करोड़ रुपये (871 मिलियन डॉलर) की इनामी राशि बांटने की घोषणा की है।

टीमें होंगी मालामाल

उपविजेता 318

तीसरा स्थान 279

चौथा स्थान 259

5वें-8वें स्थान 182

9वें-16वें स्थान 144

17वें-32वें स्थान 105

33वें-48वें स्थान 86

(नोट : राशि करोड़ रुपये में है)

अमेरिका के खेल इतिहास का सबसे महंगा फाइनल

छह लाख का टिकट नौ में बिका

नई दिल्ली। फीफा विश्व कप फाइनल अमेरिका में अब तक आयोजित किसी भी खेल आयोजन का सबसे महंगा मुकाबला बन गया है। इसकी टिकटों की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। फाइनल का सबसे सस्ता टिकट करीब छह लाख 68 हजार का है। यह रिसेल में नौ लाख रुपये से ऊपर पहुंच गया है।

फाइनल के टिकट की औसत खरीद कीमत करीब 11 लाख रुपये (11,327 डॉलर) है जो टिकपिक के इतिहास में किसी भी खेल आयोजन के लिए अब तक की सबसे अधिक औसत टिकट कीमत है। टिकपिक के सेकेंडरी टिकट मार्केटप्लेस के आंकड़ों के अनुसार, फाइनल के टिकटों की औसत रीसेल कीमत ने अमेरिका के सबसे बड़े खेल आयोजनों, जैसे एनएफएल सुपर बाउल और एनबीए फाइनल्स दोनों को पीछे छोड़ दिया है। इससे साफ है कि अर्जेंटीना और स्पेन में खिताबी मुकाबले को लेकर प्रशंसकों में जबरदस्त उत्साह है। टिकटों की मांग ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच चुकी है। टिकट कीमतों के लगभग सभी प्रमुख पैमानों पर यह विश्व कप 96 साल के इतिहास का सबसे महंगा विश्व कप बन गया है। जब पिछले महीने की शुरुआत हुई थी तो एक टिकट की औसत कीमत करीब 1.56 लाख रुपये थी। जैसे-जैसे टूर्नामेंट आगे बढ़ा यह बढ़कर सेमीफाइनल तक चार लाख रुपये औसत पर पहुंच गई।

सबसे महंगा टिकट 27 लाख का : सबसे महंगा टिकट मेटलाइफ स्टेडियम के सेक्शन 115ए के लिए करीब 27 लाख रुपये (28,479 डॉलर) का है। इससे पहले पहले सबसे महंगा अमेरिकी स्पोर्ट्स इवेंट सैन फ्रांसिस्को 49इआरएस और कैनसस सिटी चीफ्स के बीच 2024 का सुपर बाउल मुकाबला करीब नौ लाख रुपये (9,411 डॉलर) था।

सामान्य प्रश्न

इस फाइनल में कौन सी टीमें खेल रही हैं?

अर्जेंटीना और स्पेन की टीमें फुटबॉल विश्व कप फाइनल में भिड़ेंगी।

मेसी का यह कौन सा विश्व कप है?+

इस फाइनल में ट्रॉफी जीतने पर विजेता को कितनी इनामी राशि मिलेगी?+



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