गाजियाबाद में भारी बारिश से गुरुवार को हालात बिगड़ गए। वर्षा जनित हादसों में दो बच्चों समेत कुल 4 लोगों की मौत हो गई। ये घटनाएं इंदिरापुरम, लोनी बॉर्डर, मसूरी थानाक्षेत्र और विजयनगर क्षेत्र में हुईं।
गाजियाबाद में गुरुवार को भारी बारिश से कई इलाकों में सैलाब जैसा मंजर नजर आया। बारिश से जुड़ी घटनाओं में दो बच्चों समेत कुल 4 लोगों की मौत हुई है। इंदिरापुरम के ज्ञानखंड में सफाई के दौरान ट्रांसफार्मर में करंट उतरने से एक युवक की मौत हो गई। लोनी के अंकुर विहार में भारी बारिश के बाद नाले के तेज बहाव से एक अज्ञात शख्स की लाश सड़क पर तैरती पाई गई। सर्वोदय नगर में घर में बारिश से हुई जलभराव में 3 साल की एक बच्ची की डूबकर मौत हो गई। वहीं मसूरी थानाक्षेत्र के ढबारसी गांव में जलभराव में 9 साल के बच्चे की डूबकर मौत हो गई।
इंदिरापुरम में करंट से युवक की मौत
इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के ज्ञानखंड एक पार्क में एक बड़ी घटना हुई। जलभराव के दौरान ट्रांसफार्मर से उतरे करंट की चपेट में आकर एक युवक की मौत हो गई। युवक पास की एक सोसाइटी में चौकीदार का काम करता था। स्थानीय लोगों ने उसे पानी में पड़ा हुआ देख बिजली विभाग में फोन कर शटडाउन कराया। युवक को अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
तैरता शव देख मचा हड़कंप
वहीं लोनी बॉर्डर थानाक्षेत्र में गुरुवार को सुबह करीब 10 बजे सड़क पर एक तैरती लाश पाई गई।बताया जाता है कि लोनी बार्डर थाना क्षेत्र स्थित इंद्रापुरी कॉलोनी में गुरुवार को बारिश के कारण पानी भरा था। भारी बारिश के कारण नालों से पानी बाहर आ रहा था। करीब 10 बजे नाले से पानी के साथ 45 साल के एक शख्स की लाश तैरती पाई गई। राहगीरों ने तुरंत पुलिस को लाश मिलने की सूचना दी। पुलिस ने लाश पोस्टमार्टम के लिए भेजी है। लाश की पहचान नहीं हो पाई है।
सड़क में समाई कार, सैलाब सा मंजर
वहीं वसुंधरा सेक्टर-13 में निर्माणाधीन साइट में पानी भरने से सड़क की साइड पटरी धंस गई। इससे उसमें खड़ी स्कूटी और कार समा गई। ग्रुप हाउसिंग भूखंड पर मेट्रो सुइट्स की बहुमंजिला इमारत बन रही है। भारी बारिश से गाजियाबाद के कई इलाकों में सैलाब सा मंजर नजर आया। जल भराव से वाहन रेंगते नजर आए।
जलभराव से बच्ची की मौत
वहीं गाजियाबाद के विजयनगर क्षेत्र की सर्वोदय नगर कॉलोनी में भारी बारिश के कारण जलभराव से 3 साल की बच्ची की मौत हो गई। हादसे को लेकर लोगों का गुस्सा भड़क उठा। लोगों ने मुआवजे और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर एनएच-नौ पर जाम लगा दिया। मशक्कत और मुआवजे के आश्वासन के बाद रात करीब आठ बजे परिजन और ग्रामीण शांत हुए।
मूलरूप से फर्रुखाबाद जिले के सिरौली गांव निवासी सुमित ठाकुर पिछले करीब एक वर्ष से सर्वोदय नगर की गली नंबर-16 में किराये पर रह रहे हैं। वह सब्जी की ठेली लगाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। परिवार में पत्नी खुशबू देवी और छह वर्षीय बड़ी बेटी आरवी के अलावा तीन वर्षीय छोटी बेटी मानवी उर्फ पल्लवी थी। सुमित के अन्य रिश्तेदार भी आसपास किराये के मकानों में रहते हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, लगातार बारिश के कारण सर्वोदय नगर की अधिकांश गलियां जलमग्न थीं। कई घरों में भी पानी भर गया था। लोगों का कहना है कि कॉलोनी में जल निकासी की व्यवस्था पहले से ही बदहाल है। नालियां ओवरफ्लो होने से सड़क और नाली का अंतर खत्म हो गया था। इसी बीच गुरुवार शाम करीब चार बजे मानवी खेलते-खेलते घर से बाहर निकल गई। गली में भरे पानी के बीच उसे यह अंदाजा नहीं हो सका कि कहां सड़क है और कहां नाली। उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चली गई।
ओझल होने पर तलाश शुरू की, बच्ची पानी में पड़ी मिली
कुछ देर बाद बच्ची के दिखाई नहीं देने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। इसी दौरान आसपास के लोगों की नजर पानी में उतरा रही बच्ची पर पड़ी। लोगों ने तुरंत उसे बाहर निकाला और आनन-फानन में अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। मां खुशबू देवी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया, जबकि पिता सुमित ठाकुर भी बदहवास हो गए। इसके अलावा मोहल्ले के लोगों में मातम पसर गया।
लोगों का हंगामा
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए। लोगों ने नगर निगम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कॉलोनी में हर वर्ष बारिश के दौरान गंभीर जलभराव होता है। कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो नालियों की सफाई कराई गई और न ही जल निकासी की कोई स्थायी व्यवस्था की गई। लोगों का कहना था कि यदि समय रहते जलभराव की समस्या का समाधान किया गया होता तो यह दर्दनाक हादसा नहीं होता।
लोगों ने जाम की सड़क
मासूम की मौत से गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने मुआवजे व नगर निगम के दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर शाम करीब पांच बजे एनएच-नौ पर जाम लगा दिया। अचानक जाम लगने से हाईवे पर वाहनों की कतारें लग गईं और यातायात प्रभावित हो गया। सूचना मिलते ही विजयनगर पुलिस और स्थानीय अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची। हालांकि, करीब एक घंटे बाद पुलिस ने समझा-बुझाकर लोगों को हाईनवे से हटाकर एक तरफ कर दिया, लेकिन हंगामा जारी रहा।
आश्वासन पर माने लोग
सूचना पर नगर निगम के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। गुस्साए लोगों ने पानी की उचित निकासी और मृतक बच्ची के परिजनों को मकान व आर्थिक मदद की मांग की। वहीं, आसपास वार्डों के पार्षद भी मौके पर पहुंच गए। सभी ने समझा-बुझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग अपनी मांग पर अड़े रहे। घंटों चले हंगामे के बीच संबंधित अधिकारियों ने हरसंभव मदद का आश्वासन दिया, तब जाकर रात करीब आठ बजे लोग माने और बच्ची के पोस्टमार्टम व अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हो सकी।
वहीं गाजियाबाद के मसूरी थानाक्षेत्र के ढबारसी गांव में जलभराव ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। बताया जाता है कि नौ साल का शादाब गुरुवार शाम करीब साढ़े सात बजे किसी काम से घर से निकला था। रास्ते में पैर फिसलने से वह पानी से भरे प्लॉटिंग क्षेत्र में जा गिरा। शादाब ने खुद को बचाने के लिए हाथ-पांव मारे और चीख-पुकार मचाई। आसपास के लोग घटनास्थल की ओर दौड़े लेकिन जब तक उसे पानी से बाहर निकाला गया, तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं।
जवाबदेही तय करने की मांग
इस घटना से प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बरसात से पहले नालों पर अतिक्रमण, सफाई और जल निकासी की व्यवस्था को लेकर कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन विभागों ने कोई कदम नहीं उठाया। ग्रामीणों ने क्षेत्र के नालों और जल निकासी मार्गों को अतिक्रमण मुक्त कराने, स्थायी जल निकासी व्यवस्था विकसित करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।