धनबाद मेयर चुनाव की लड़ाई अब क्रिकेट की राजनीतिक पिच पर, मनोज सिंह और विनय सिंह के खिलाफ संजीव सिंह ने खोला मोर्चा


डिजिटल डेस्क, धनबाद। धनबाद नगर निगम चुनाव-2026 के दौरान जो राजनीतिक लड़ाई थी वह अब क्रिकेट की राजनीतिक पिच पर आ गई है। मेयर चुनाव जितने के बाद संजीव सिंह ने धनबाद क्रिकेट एसोसिएशन पर कब्जा जमाने की लड़ाई तेज कर दी है। वह धनबाद क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज सिंह और महासचिव विनय कुमार सिंह को हटाना और खुद अध्यक्ष बनना चाहते हैं। बड़ा सवाल यह है कि क्या संजीव सिंह खेल की राजनीति में भी सफल हो पाएंगे? 

जानकार बताते हैं कि धनबाद नगर निगम के मेयर चुनाव में धनबाद क्रिकेट एसोसिएशन के महासचिव विनय कुमार सिंह ने संजीव सिंह का साथ नहीं दिया था। हालांकि, संजीव सिंह के अपने मौसा हैं विनय कुमार सिंह। विनय कुमार सिंह ने मेयर प्रत्याशी इंदू देवी का साथ दिया था। इंदू देवी, संजीव सिंह की अपनी सगी चाची और मौसी हैं।

चुनाव जितने के बाद संजीव सिंह अब विनय कुमार सिंह को अपनी ताकत दिखाना चाहते हैं। वह धनबाद क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज सिंह और महासचिव विनय कुमार सिंह को हटाकर स्वयं अध्यक्ष बनना चाहते हैं। धनबाद क्रिकेट एसोसिएशन में मनोज सिंह और विनय कुमार सिंह के विरोधियों को गोलबंद करने में लगे हैं। इसमें कुछ सफलता भी मिली है। 

मेयर संजीव सिंह ने शुक्रवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर  धनबाद क्रिकेट संघ (डीसीए) की वर्तमान प्रबंध समिति पर तीखा हमला बोला, कहा है कि 124 सदस्यों द्वारा अविश्वास जताए जाने के बाद मौजूदा कमेटी अल्पमत में आ गई है। ऐसे में किसी भी प्रकार का नीतिगत निर्णय लेना न केवल अनुचित बल्कि अनैतिक भी है। उन्होंने कहा कि डीसीए में व्याप्त परिवारवाद, पक्षपातपूर्ण निर्णय, वित्तीय गड़बड़ी और संगठन पर कब्जे के खिलाफ शुरू हुई मुहिम को उनका पूरा समर्थन है।

मेयर ने कहा कि करीब 200 सदस्यीय डीसीए में 124 सदस्यों ने 21 जून 2026 को विशेष आमसभा बुलाने की मांग करते हुए वर्तमान कमेटी के खिलाफ हस्ताक्षरयुक्त पत्र सौंपा था। डीसीए संविधान के अनुसार एक माह के भीतर विशेष आमसभा बुलाना अनिवार्य है, लेकिन इसके बजाय 26 जून को प्रबंध समिति की बैठक कर सहायक सचिव धर्मेंद्र कुमार को समिति से बाहर कर दिया गया तथा संयुक्त सचिव बालशंकर झा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई केवल इसलिए की गई क्योंकि दोनों पदाधिकारियों ने अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन किया था।

मेयर ने कहा कि जब वर्तमान कमेटी के पास बहुमत ही नहीं है, तब उसे ऐसे निर्णय लेने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने मांग की कि कमेटी शीघ्र विशेष आमसभा बुलाकर विश्वास मत हासिल करे, अन्यथा स्वयं भंग होकर नए चुनाव कराए। मेयर ने कहा कि वह, धनबाद में क्रिकेट के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं और डीसीए की गतिविधियों पर उनकी पैनी नजर है।

उन्होंने कहा कि जिन मुद्दों को लेकर सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं, उनके साथ वह पूरी मजबूती से खड़े हैं। साथ ही चेतावनी दी कि सदस्यों को बरगलाने वालों की पहचान की जा रही है और डीसीए को किसी की जेबी संस्था नहीं बनने दिया जाएगा।उन्होंने कहा कि संगठन में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक व्यवस्था बहाल होने तक यह लड़ाई जारी रहेगी।
 



Leave a Comment