विनायक दामोदर सावरकर (वीर सावरकर) को भारत रत्न देने की मांग को लेकर महाराष्ट्र विधानसभा में गुरुवार (09 जुलाई) को जोरदार चर्चा हुई. भारत रत्न देने में हो रही देरी पर सत्ताधारी दल के विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने ही सवाल खड़े कर दिए. जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने स्पष्ट किया कि सावरकर को भारत रत्न देने संबंधी प्रस्ताव इस सत्र में लाना अनजाने में छूट गया.
उन्होंने कहा, ”कार्य संचालन सलाहकार समिति की बैठक में इस विषय पर दलों के नेताओं के साथ चर्चा नहीं हो सकी, जिसके कारण प्रस्ताव नहीं लाया जा सका.” हालांकि उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगले विधानसभा सत्र में यह प्रस्ताव जरूर लाया जाएगा और इसके लिए सावधानी बरती जाएगी.
शेतकऱ्यांची फसवणूक आणि कायद्यातील पळवाटा यामुळे निर्माण झालेले गंभीर संकट आज विधानसभेत ठामपणे मांडत कठोर कायदेशीर उपाययोजनांची मागणी केली. pic.twitter.com/qWGH0Ve0CH
— Sudhir Mungantiwar (@SMungantiwar) July 10, 2026
बीजेपी MLA सुधीर मुनगंटीवार ने जताई सरकार से नाराजगी
इससे पहले बीजेपी विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने सरकार से नाराजगी जताते हुए कहा, ”पिछले विधानसभा सत्र में सरकार ने सावरकर को भारत रत्न देने के लिए जल्द प्रस्ताव लाने का आश्वासन दिया था, लेकिन इस सत्र में उस वादे का पालन नहीं किया गया.” उन्होंने ये भी कहा, ”अगर सत्ता में आने के बाद आपकी विचारधारा बदल गई है, तो मैं यह मसला दोबारा कभी नहीं उठाऊंगा, लेकिन आपके काम उस विचारधारा से मेल नहीं खाते जिसे आप मानते हैं.
विधानसभा स्पीकर ने स्थिति की स्पष्ट
इसके जवाब में विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने सदन में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रस्ताव का छूटना पूरी तरह अनजाने में हुआ और अगले सत्र में इसे सदन के समक्ष लाने का पूरा ध्यान रखा जाएगा.
बता दें कि बीजेपी लंबे वक्त से वीर सावरकर को भारत रत्न देने का मसला उठा रही है. बीजेपी ने साल 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान घोषणापत्र में ये प्रस्ताव रखा था कि वो केंद्र की सरकार से सावरकर को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित करने की मांग उठाएगी. अब प्रदेश में भी बीजेपी और एनडीए सहयोगियों की ही सरकार है, ऐसे में प्रस्ताव पास न होने पर बीजेपी के विधायक नाराज दिख रहे हैं.
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