पहलगाम का जल्द होने वाला है इंसाफ? हाफिज सईद के खिलाफ भारत की बड़ी तैयारी, National Hindi News


22 अप्रैल 2025 में आतंकवादियों ने जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हमला कर दिया था। उस दौरान 26 लोगों की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। NIA इस घटना की जांच कर रही है। जबकि, भारतीय सेना पहले ही ऑपरेशन सिंदूर कर चुकी है

जम्मू और कश्मीर के पहलगाम आतंकवादी हमले की जांच जारी है। इसी बीच जांच कर रही NIA यानी नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने आतंकी हाफिज सईद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। हाल ही में उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। उसे भारत और अमेरिका की तरफ से आतंकवादी घोषित किया जा चुका है। खास बात है कि मुंबई में साल 2008 में हुए हमलों का भी उसे मास्टरमाइंड माना जाता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लश्कर ए तैयबा प्रमुख के खिलाफ NIA ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। खबरें हैं कि 8 जुलाई को एनआईए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ने आदेश जारी किया था। जबकि, 6 जुलाई को ही जांच एजेंसी ने हाफिज सईद के खिलाफ पूरक आरोप पत्र या चार्जशीट दाखिल की थी।

क्या बोली अदालत

अदालत ने अपने आदेश में कहा, ‘निष्पक्ष, पूर्ण और प्रभावी जांच के लिए आरोपी की गिरफ्तारी और हिरासत में पूछताछ आवश्यक है। इसलिए उसके खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाता है और कानून के अनुसार उसके क्रियान्वयन के लिए इसे एनआईए, जम्मू के उप महानिरीक्षक को भेजा जाता है।’

सईद दुनिया के मोस्ट वॉन्टेड वैश्विक आतंकवादियों में से एक है। उसे मुख्य रूप से 1980 के दशक के समय गठित लश्कर-ए-तैयबा के सह-संस्थापक और प्रमुख के रूप में जाना जाता है। उसने लश्कर-ए-तैयबा की स्थापना की, जो दक्षिण एशिया के सबसे बड़े और सक्रिय आतंकी संगठनों में से एक है और विशेष रूप से भारत को निशाना बनाने वाली गतिविधियों के लिए कुख्यात रहा है।

उसकी वैश्विक आतंकी गतिविधियों के कारण भारत और अमेरिका के अलावा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने भी सईद को वैश्विक आतंकवादी घोषित कर रखा है।

ये भी आरोप

जम्मू स्थित विशेष एनआईए अदालत में दाखिल पूरक आरोपपत्र में 76 वर्षीय सईद को व्यक्तिगत हैसियत के साथ-साथ प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा और उससे जुड़े संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) के प्रमुख के रूप में आरोपी बनाया गया है। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

अदालत के आदेश के अनुसार, एनआईए ने अदालत को बताया कि पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के सरगोधा निवासी, फरार आतंकवादी हाफिज सईद पहलगाम आतंकवादी हमले के मामले में आरोपी है। साथ ही कहा कि वह जानबूझकर गिरफ्तारी से बच रहा है। एनआईए ने मामले में आगे की कार्रवाई और जांच के दौरान उसके खिलाफ कानूनी कदम उठाने के लिए उसके विरुद्ध गैर-जमानती वारंट जारी करने का अनुरोध किया।

युद्ध छेड़ने के लगाए थे आरोप

NIA ने 6 जुलाई को कहा था, ‘आरोपपत्र में अभियुक्त के खिलाफ भारत के विरुद्ध युद्ध छेड़ने तथा सीमा पार से भारत के खिलाफ साजिश रचने के आरोपों से संबंधित दंडात्मक धाराएं भी लगाई गई हैं।’ बयान के अनुसार, पूरक आरोपपत्र में पाकिस्तान की साजिश, सईद की भूमिका और एनआईए की बारीकी से वैज्ञानिक जांच और जमीनी पड़ताल के जरिए इकट्ठा किए गए सबूतों की जानकारी दी गई है।



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