पोलैंड के साथ मिलकर हथियार बनाएगा भारत, ‘मेक इन इंडिया’ के तहत होगी बड़ी डिफेंस डील


भारत के ‘मेक इन इंडिया’ मिशन में अब एक बहुत ही ताकतवर ग्लोबल पार्टनर की एंट्री हो गई है. अब भारत और पोलैंड मिलकर बेहद आधुनिक और घातक मिलिट्री हथियार बनाने जा रहे हैं, और सबसे खास बात ये है कि ये सारे हथियार पूरी तरह से भारत की जमीन पर ही तैयार किए जाएंगे. खुद पोलैंड के उप विदेश मंत्री और सेक्रेटरी ऑफ स्टेट व्लादिस्लाव थियोफिल बार्टोसजेव्स्की ने इस बड़ी पार्टनरशिप का ऐलान किया है. इस खबर के सामने आते ही ग्लोबल डिफेंस मार्केट में जबरदस्त हलचल मच गई है, क्योंकि पोलैंड की आधुनिक टेक्नोलॉजी और भारत की मैन्युफैक्चरिंग पावर मिलकर दुनिया भर में तहलका मचाने के लिए तैयार हैं.

भारत पोलेंड के बीच डिफेंस डील की तैयारी

भारत-पोलैंड के बीच ज्वाइंट वेंचर की तैयारी

भारत और पोलैंड अब मिलकर भारत में ही मिलिट्री से जुड़े हथियार और सिस्टम यानी डिफेंस प्लेटफॉर्म बनाने की तैयारी कर रहे हैं. दोनों देशों के बीच इस पार्टनरशिप को लेकर गंभीर बातचीत चल रही है. पोलैंड के उप विदेश मंत्री और सेक्रेटरी ऑफ स्टेट व्लादिस्लाव थियोफिल बार्टोसजेव्स्की ने मंगलवार को खुद इस बात की जानकारी दी है.

बार्टोसजेव्स्की ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, ‘भारत उन खास रक्षा प्लेटफॉर्म में रुचि रखता है, जिन्हें हम बनाते हैं. हम इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि इन्हें भारत में कुछ भारतीय हिस्सेदारी के साथ कैसे बनाया जा सकता है. साथ ही, हम ये भी देख रहे हैं कि कुछ भारतीय प्लेटफॉर्म को पोलैंड में पोलिश भागीदारी के साथ जॉइंट वेंचर के जरिए बनाया जा सकता है’.

मेक इन इंडिया में शामिल होगा पोलैंड

उन्होंने कहा, ‘मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए हम सुरक्षा और रक्षा के क्षेत्र में अपना सहयोग बढ़ाना चाहते हैं. हम केवल रक्षा उपकरण बेचने की बात नहीं कर रहे, बल्कि भारत में कुछ चीजों के उत्पादन के लिए मिलकर कंपनियां शुरू करने की संभावनाओं पर भी चर्चा कर रहे हैं. हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को समझते हैं और चाहते हैं कि इन प्लेटफॉर्म में भारतीय और पोलिश दोनों देशों की भागीदारी हो’.

विज्ञापन

पोलैंड के मंत्री ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते के महत्व पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि इससे दोनों पक्षों के बीच व्यापार को काफी बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने कहा क‍ि दो साल पहले प्रधानमंत्री मोदी की पोलैंड यात्रा के दौरान हमने रणनीतिक साझेदारी पर सहमति बनाई थी. अब इसे लागू करने के लिए एक प्लान तैयार है. सबसे पहले, हम इस बात से खुश हैं कि भारत ने यूरोपीय संघ के साथ विदेशी व्यापार समझौता किया है, जिससे व्यापार में हमारी भागीदारी बढ़ेगी.

क्या है भारत-पोलैंड की प्लानिंग?

यूरोप में बदलते सुरक्षा हालात और रक्षा क्षेत्र पर इसके असर के बारे में बात करते हुए बार्टोसजेव्स्की ने कहा कि पोलैंड भारत को अपनी रक्षा क्षमता बढ़ाने वाले प्रोजेक्ट्स में एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में देखता है.

उन्होंने कहा क‍ि भारत ने अपनी रक्षा इंडस्ट्री को कभी कमजोर नहीं होने दिया, क्योंकि आपकी स्थिति अलग थी लेकिन पोलैंड और बाकी यूरोप में पिछले 30 वर्षों से यह माना जा रहा था कि युद्ध नहीं होगा, इसलिए रक्षा क्षमता और हथियार बनाने वाली फैक्ट्रियों पर पैसा खर्च करने की जरूरत नहीं है. अब स्थिति काफी बदल गई है. हम ऐसे प्रोजेक्ट्स में तेजी से काम कर रहे हैं, कई बार अपने साझेदारों के साथ, और भारत निश्चित रूप से उनमें से एक साझेदार होगा’. उन्होंने बताया कि पोलैंड इस साल के अंत में कई हथियार बनाने वाली कंपनियों और रक्षा क्षेत्र की फर्मों के साथ भारत वापस आने की उम्मीद कर रहा है. इनमें से कुछ कंपनियां पहले से ही भारत में मौजूद हैं.

सोमवार को बार्टोसजेव्स्की ने विदेश मंत्रालय में सचिव सिबी जॉर्ज से मुलाकात की. इस बैठक में भारत-पोलैंड रणनीतिक साझेदारी में बढ़ती गति, राजनीतिक और आर्थिक सहयोग, तकनीक, रक्षा, सांस्कृतिक संबंध, वैश्विक आतंकवाद से लड़ाई और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई.



Leave a Comment