Yogi Government Private School Teachers: प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को लेकर अब योगी आदित्यनाथ सरकार बड़ी राहत देने की तैयारी कर रही है। स्कूल अब शिक्षकों को बिना उचित कारण बताए नहीं हटा सकेंगे।
हाइलाइट्स
- प्राइवेट स्कूलों में लागू होगी शिक्षक सेवा नियमावली
- प्राइवेट स्कूल शिक्षक सेवा नियमावली कमिटी गठित
- अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षमा में 7 सदस्यीय कमिटी

बनाई गई सात सदस्यीय कमिटी
प्राइवेट सेकेंडरी स्कूल शिक्षकों के लिए सरकार की ओर से सेवा नियमावली तैयार किए जाने की दिशा में पहल हुई है। इसको लेकर अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा की अध्यक्षता में सात सदस्यीय कमिटी बनाई गई है। कमिटी की देखरेख में सेवा नियमावली बनाई जाएगी। इसके बाद बिना वाजिब कारण किसी भी प्राइवेट स्कूल शिक्षक को नौकरी से नहीं हटाया जा सकेगा। नियमावली के तैयार होकर प्रदेश में लागू होने के बाद प्राइवेट स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों को बड़ी राहत मिलेगी।
मैनेजमेंट की मनमानी पर लगेगी रोक
सरकार की ओर से प्राइवेट स्कूल शिक्षकों के लिए नियमावली तैयार किए जाने के बाद स्कूल मैनेजमेंट की मनमानी पर रोक लगेगी। साथ ही, प्राइवेट स्कूलों में योग्य शिक्षकों की तैनाती भी हो सकेगी। क्वालिफायड और योग्य शिक्षक की प्राइवेट स्कूलों में शिक्षण कार्य कर सकेंगे। नियमावली लागू होने के बाद शिक्षकों को नियुक्ति पत्र देना होगा। साथ ही, आधार लिंक बैंक खाते में वेतन देना होगा। नियमावली में छुट्टियों से लेकर उनकी सेवा को सुरक्षित रखने का भी प्रावधान होगा।
प्राइवेट माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों की सेवा नियमावली बनाए जाने को लेकर सात सदस्यीय कमिटी बनाने का आदेश माध्यमिक शिक्षा विभाग के उप सचिव चंद्र प्रकाश मिश्र की ओर से जारी किया गया है। कमिटी में सदस्य सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव बनाए गए हैं। माध्यमिक शिक्षक संघ की ओर से सरकार के फैसले का स्वागत किया गया है।
क्वालिटी एजुकेशन पर जोर
योगी सरकार ने क्वालिटी एजुकेशन पर भी जोर दिया है। सरकार के समक्ष कई ऐसे मामले आए हैं, जहां प्राइवेट स्कूलों में अभिभावकों से फीस तो मोटी वसूली जाती है, लेकिन शिक्षकों की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया जाता है। स्कूल मैनेजमेंट की ओर से वे क्वालिफायड और योग्य शिक्षकों की जगह मानमाने तरीके से कम गुणवत्ता वाले शिक्षकों की नियुक्ति कर ली जाती है। मैनेजमेंट पैसे बचाने के लिए शिक्षकों को कई प्रकार की सुविधाओं से वंचित रखता है। सेवा नियमावली लागू होने के बाद रजिस्टर्ड प्राइवेट माध्यमिक स्कूलों में यह संभव नहीं हो सकेगा।
