डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को भारत द्वारा खारिज किए जाने की खबरों पर दोनों देशों ने कड़ा रुख अपनाया है। भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल द्वारा इस रिपोर्ट को पूरी तरह से खारिज करने के कुछ ही घंटों बाद भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी इस खबर को फेक न्यूज करार दिया है। अमेरिकी राजदूत ने स्पष्ट किया कि किसी भी पक्ष ने किसी समझौते को अस्वीकार नहीं किया है।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि फेक न्यूज अलर्ट! किसी ने भी कुछ भी खारिज नहीं किया है।
दोनों पक्षों के बीच बेहद सकारात्मक बैठकें हुई हैं और दोनों ने ही व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। हम लगातार सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। रॉयटर्स – आप इससे बेहतर कर सकते हैं।
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने रिपोर्ट को बताया भ्रामक
इससे पहले केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भी सोशल मीडिया पर इस रिपोर्ट को पूरी तरह से गलत और निराधार बताया था। पीयूष गोयल ने लिखा कि यह खबर पूरी तरह से असत्य, निराधार और भ्रामक है। जून में जब अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर दिल्ली आए थे, तब उनके साथ मेरी शानदार बैठकें हुई थीं।
दोनों पक्ष एक ऐसे समझौते के लिए प्रतिबद्ध हैं जो संतुलित हो, व्यावसायिक रूप से सार्थक हो और दोनों देशों के व्यवसायों, किसानों, श्रमिकों और उपभोक्ताओं को ठोस लाभ पहुंचाए। हमारी टीमें इस उद्देश्य को प्राप्त करने में पूरी तरह जुटी हुई हैं।
आखिरी चरण में है भारत-अमेरिका व्यापार समझौता
पिछले महीने अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम लीडरशिप समिट को संबोधित करते हुए कहा था कि यह ऐतिहासिक व्यापार समझौता अब अपने अंतिम चरण में है।
गोर ने कहा था कि हम इस डील के बिल्कुल आखिरी कदम पर हैं। इस समझौते का अधिकांश काम पूरा हो चुका है। दोनों पक्षों की ओर से बस कुछ ही चीजें बची हैं। आप कह सकते हैं कि यह डील अब अपने आखिरी 1 प्रतिशत हिस्से पर अटकी है। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही इसमें डेढ़ साल का समय लगा हो, लेकिन वह इस समझौते को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।
दोनों देशों के लिए निष्पक्ष होगी यह डील: पीयूष गोयल
इस महीने की शुरुआत में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भी इस सौदे को लेकर सकारात्मक रुख अपनाया था। उन्होंने कहा था कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता एक बेहद निष्पक्ष और न्यायसंगत सौदा है।
पीयूष गोयल ने कहा, “यह एक ऐसा समझौता है जो हमें अमेरिकी बाजार में तरजीही पहुंच प्रदान करेगा। किसी भी मुक्त व्यापार समझौते का मुख्य उद्देश्य यही होता है। हमारे लिए इस डील का प्राथमिक कारक हमारे प्रतिस्पर्धियों, पड़ोसियों और दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों की तुलना में अमेरिकी बाजार में प्राथमिकता हासिल करना है।”