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बांग्लादेश ने ऑनलाइन ड्रग्स तस्करी पर मौत की सजा का कानून पास किया. गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने बिल पेश किया. डिजिटल सबूतों पर भी सजा मिलेगी. 20 लाख टका तक जुर्माना लगेगा. इतना ही नहीं अब नारकोटिक्स विभाग को बंदूक रखने की छूट भी होगी.
तारिक रहमान (रॉयटर्स)
बांग्लादेश ने एक ऐसा कानून पास किया है, जिसकी गूंज पूरी दुनिया में है. अब वहां इंटरनेट और डिजिटल तरीके से ड्रग्स की तस्करी करने पर सजा-ए-मौत दी जाएगी. यानी अगर कोई ऑनलाइन ड्रग्स का धंधा करता पाया गया तो सीधे फांसी पर लटका दिया जाएगा. भारत में साइबर नेटवर्क के जरिए ड्रग्स बेचने पर अभी तक सीधे तौर पर मौत की सजा का कोई अलग प्रावधान नहीं है.
सोमवार को बांग्लादेश की संसद में नारकोटिक्स कंट्रोल संशोधन बिल को मंजूरी दे दी गई. गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने इस बिल को पेश किया, जिसे सभी सांसदों की सहमति से पास कर दिया गया. इस नए बिल में तकनीक और इंटरनेट का इस्तेमाल करके किए जाने वाले नशे के कारोबार को एक बहुत बड़ा और गंभीर अपराध घोषित किया गया है, ताकि डिजिटल दुनिया में फैल रहे नशे के जाल को तोड़ा जा सके.
सोशल मीडिया और क्रिप्टो करेंसी पर शिकंजा
इस नए कानून के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति ड्रग्स खरीदने, बेचने या उसका विज्ञापन देने के लिए इंटरनेट, वेबसाइट, सोशल मीडिया, मोबाइल ऐप या किसी भी ऑनलाइन तरीके का इस्तेमाल करता है, तो उसे अपराधी माना जाएगा. यही नहीं, अगर नशे के इस काले कारोबार में ई-वॉलेट, डिजिटल पेमेंट या क्रिप्टो करेंसी से पैसों का लेन-देन किया जाता है, तो उस पर भी यह कड़ा कानून लागू होगा. अदालतें ऐसे डिजिटल खातों और संपत्तियों को हमेशा के लिए बंद या जब्त कर सकती हैं.
ड्रग्स की बरामदगी के बिना भी मिलेगी सजा
इस नए बिल की सबसे बड़ी और अहम बात यह है कि अब पुलिस को सजा दिलाने के लिए आरोपी के पास से भौतिक रूप से ड्रग्स बरामद करने की कोई जरूरत नहीं होगी. अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ ड्रग्स से जुड़े पुख्ता डिजिटल सबूत मिल जाते हैं, तो उसी आधार पर मुकदमा चलेगा. दोषी पाए जाने पर मौत की सजा या जेल के साथ-साथ 20 लाख टका तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है. वहीं, अंतरराष्ट्रीय गिरोह से जुड़े होने पर यह जुर्माना 50 लाख टका तक हो सकता है.
नारकोटिक्स विभाग को मिले हथियार
ऑनलाइन ड्रग्स माफियाओं से कड़ाई से निपटने के लिए बांग्लादेश सरकार ने अपने ‘नारकोटिक्स कंट्रोल विभाग’ की ताकत काफी बढ़ा दी है. अब इन जांच अधिकारियों को अपने पास बंदूक रखने की पूरी छूट दे दी गई है. इसके साथ ही, अपराधियों और नशे की खेप को पकड़ने के लिए खास डॉग स्क्वॉड बनाने की भी मंजूरी दी गई है. जिन इलाकों में ड्रग्स का कारोबार ज्यादा है, वहां अलग से विशेष अदालतें भी बनाई जाएंगी. गृह मंत्री ने एक कड़वा सच भी स्वीकार किया. उन्होंने माना कि कई बार पुलिस या जांच एजेंसियों के अपने ही लोग इस नशे के धंधे में मिले होते हैं. उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जो भी पुलिस अधिकारी या सरकारी कर्मचारी ऐसे मामलों में संलिप्त पाया जाएगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.
कहां-कहां ऐसे कानून
- सिंगापुर: दुनिया में ड्रग्स को लेकर सबसे सख्त कानून सिंगापुर में है। यहाँ एक तय मात्रा जैसे 15 ग्राम हेरोइन या 500 ग्राम गांजा से ज्यादा पकड़े जाने पर सीधे फांसी की सजा अनिवार्य है.
- चीन, उत्तर कोरिया और वियतनाम: इन देशों में भी ड्रग्स माफियाओं को बड़ी संख्या में मौत की सजा दी जाती है. जिनमें फायरिंग स्क्वॉड से गोली मारना भी शामिल है.
- इंडोनेशिया और मलेशिया: इंडोनेशिया में ड्रग्स तस्करी के लिए मौत की सजा का कड़ा प्रावधान है. मलेशिया में भी यह सजा दी जाती है, हालांकि हाल ही में वहां जजों को सजा तय करने में थोड़ी छूट दी गई है.
- ईरान और सऊदी अरब: दुनिया में ड्रग्स के मामलों में सबसे ज्यादा मौत की सजा इन्हीं दो देशों में दी जाती है.
- कुवैत, इराक और मिस्र: इन देशों में भी नशे के बड़े कारोबारियों को मौत की सजा दी जाती है.
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Gyanendra Kumar Mishra is a senior journalist with nearly 20 years of experience in the media industry. He is currently associated with News18 Hindi (hindi.new…और पढ़ें