बिहार में नौकरी के नाम पर 1 करोड़ से अधिक की ठगी, नालंदा का फर्जी भर्ती एजेंट गिरफ्तार


नालंदा: बिहार के नालंदा जिले में एमटीएस (मल्टी टास्किंग स्टाफ) समेत सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने वाले आरोपी को तेल्हाड़ा थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी ने कई युवकों और ग्रामीणों से मोटी रकम वसूली थी.

बिचौलियों की मदद से काम पर लगवाया: प्रारंभिक जांच में पता चला कि आरोपी ने बिचौलियों की मदद से पहले कुछ लोगों को आउटसोर्सिंग के आधार पर काम पर लगवाया, जिससे लोगों का विश्वास जीता और फिर बड़े स्तर पर ठगी की. पीड़ितों की शिकायत पर दर्ज मामले में बुधवार को आरोपी को गिरफ्तार किया गया.

हैरान कर देगा ठगी का तरीका: गिरफ्तार आरोपी की पहचान एकंगरसराय निवासी अमित कुमार के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, अमित कुमार ने सरकारी विभागों में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर ग्रामीणों से लाखों रुपये लिए. शुरुआत में उसने कुछ गांव वालों को विभिन्न सरकारी कार्यालयों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से काम पर लगवा दिया, जिससे लोगों में उसकी विश्वसनीयता बढ़ गई. बाद में इसी भरोसे का फायदा उठाते हुए उसने और कई लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर भारी रकम वसूल ली.

तीन महीने काम किया, नहीं मिला वेतन: जिन लोगों को काम पर लगाया गया था, उन्होंने लगभग तीन महीने तक कार्य किया लेकिन उन्हें कोई वेतन नहीं मिला. जब पीड़ितों को संदेह हुआ तो उन्होंने संबंधित कार्यालयों से संपर्क किया और ठगी का खुलासा हुआ. ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से तेल्हाड़ा थाना पहुंचकर अमित कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई. पुलिस ने तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर छापेमारी कर आरोपी को दबोच लिया.

एक से अधिक थानों में दर्ज हैं मामले: तेल्हाड़ा थानाध्यक्ष अजीत कुमार टिंकू ने बताया कि आरोपी के खिलाफ अन्य थाना क्षेत्रों में भी नौकरी के नाम पर ठगी के मामले दर्ज हैं. सभी मामलों का सत्यापन किया जा रहा है. पूछताछ में अमित कुमार से ठगी के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है.

“प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के खिलाफ अन्य थाना क्षेत्रों में भी नौकरी के नाम पर ठगी करने के मामले दर्ज हैं. मामलों का सत्यापन किया जा रहा है. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं.”अजित कुमार टिंकू, थानाध्यक्ष

पीड़ितों में आक्रोश, जांच जारी: इस ठगी कांड से कई परिवार आर्थिक रूप से प्रभावित हुए हैं. पीड़ितों ने पुलिस से जल्द से जल्द उनके पैसे वापस दिलाने की मांग की है. पुलिस अब इस गिरोह में शामिल अन्य बिचौलियों और सहयोगियों की तलाश कर रही है. मामले की गहन जांच चल रही है ताकि और पीड़ितों को न्याय मिल सके.

सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी: पुलिस ने आम जनता को आगाह किया है कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर किसी को भी पैसे न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें. नालंदा पुलिस इस तरह की ठगी के मामलों पर सख्ती से कार्रवाई कर रही है.

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