बिहार में हिंदी ने रोक दी 200 से ज्यादा सिपाहियों के प्रमोशन की राह, एग्जाम में बिंदी ने बिगाड़ा ‘खेल’ – bihar police constables more than 200 failed in hindi test now not become asi


Bihar Police: बिहार पुलिस विभाग में प्रमोशन के लिए हुई विभागीय परीक्षा हुई। इस परीक्षा में 391 सिपाही हिन्दी में फेल हो गए। इनमें से 200 से ज्यादा सिपाही तो हिंदी में फेल हो गए।

bihar police constables more than 200 failed in hindi test
बिहार पुलिस के 200 से ज्यादा सिपाही हिंदी टेस्ट में फेल
पटना: हिंदी हमारी मात्र भाषा है। इस वजह से अक्सर लोग हिंदी को सबसे सरल समझते हैं। हालांकि कई बार हिंदी में शब्दों के साथ लगने वाली बिंदी की गलती से शब्द के अर्थ का अनर्थ हो जाता है। कुछ ऐसा ही बिहार पुलिस विभाग की प्रमोशन के लिए हुई परीक्षा में देखने को मिला है, जहां बिंदी ने 200 से ज्यादा सिपाहियों का पूरा ‘खेल’ ही बिगाड़ दिया। इन सिपाहियों ने प्रमोशन के लिए परीक्षा दी थी, लेकिन हिंदी विषय में फेल हो गए। परीक्षा में कुल 391 सिपाही फेल हुए। जबकि 200 से अधिक सिपाही केवल हिन्दी विषय में फेल हुए हैं।

हिंदी में 200 से ज्यादा सिपाही फेल

विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, राज्यभर में सिपाही से एएसआई बनने की प्रमोशन परीक्षा का आयोजन किया गया था। लिखित परीक्षा हुई। इस परीक्षा में 200 से ज्यादा सिपाही हिंदी में फेल हो गए। लिखित एग्जाम में कोई सिपाही मैं और में अंतर नहीं कर पाया तो कोई हैं और है। नतीजा जब जारी हुआ तो 391 सिपाही फेल हो गए। इनमें 200 से ज्यादा केवल हिंदी में फेल थे। ये सिपाही अब एएसआई नहीं बन सकेंगे। इन्हें बिहार पुलिस विभाग ने अयोग्य करार दे दिया है।

बिहार पुलिस विभाग की ओर से बताया गया कि फेल होने वाले सिपाहियों की अब पहले की तरह अपनी वर्तमान पोस्ट पर काम करना होगा। उन्हें अगली बार परीक्षा में फिर से शामिल होने का मौका मिलेगा।

परीक्षा में पास हुए कुल 1545 सिपाही

मिली जानकारी के मुताबिक, बिहार में सिपारियों के प्रमोशन के लिए हुई परीक्षा में कुल 1545 सिपाही पास हुए हैं। अब इन सभी का प्रमोशन होगा। ये सभी सिपाही एएसआई के पद पर प्रमोट होकर काम करेंगे। बता दें, प्रमोशन के लिए विभागीय स्तर पर हिन्दी की परीक्षा उतीर्ण होना अनिवार्य है।

मुजफ्फरपुर के 6 सिपाही हिंदी में फेल

विभागीय परीक्षा में पास होने वाले 1545 सिपाहियों में मुजफ्फरपुर जिले के 41 सिपाही शामिल हैं, जो एएसआई के पद पर प्रमोद हुए हैं। वहीं मुजफ्फरपुर जिले के ही 6 सिपाही हिंदी में फेल हुए हैं।

सुधेंद्र प्रताप सिंह

लेखक के बारे मेंसुधेंद्र प्रताप सिंहसुधेंद्र प्रताप सिंह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में प्रिंसिपल डिजिटल कंटेट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। वह 2020 में नवभारत टाइम्स की डिजिटल विंग से जुड़े। वर्तमान में राज्य टीम में बिहार-झारखंड और राजस्थान के लिए काम करते हैं। पत्रकारिता की शुरुआत अखबार में रिपोर्टिंग से की। बीते 14 सालों से डिजिटल मीडिया में काम कर रहे हैं। नवभारत टाइम्स में जुड़ने से पहले वह न्यूज18 में सीनियर सब एडिटर की भूमिका में कार्यरत थे।

बिहार की राजनीति, क्राइम, करंट अफेयर्स और ऑफ बीट खबरों पर नजर रखना सुधेंद्र प्रताप की पहली प्राथमिकता रहती है।

विशेषज्ञता- राजनीति, क्राइम, एनलिसिस, सियासी उठा पटक को कवर करना।

पत्रकारिता अनुभव: अखबार और डिजिटल मीडिया में 14 साल से कार्यरत
सुधेंद्र प्रताप सिंह ने साल 2012 में लोकल न्यूज पेपर से पत्रकारिता की शुरुआत की। इसके बाद कल्पतरु एक्सप्रेस अखबार में संपादकीय डेस्क पर काम किया। हिंदुस्तान समाचार पत्र में रिपोर्टिंग की। इसके बाद 2014 में आईबीएन खबर डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। फिर न्यूज18 हिंदी में सेंट्रल डेस्‍क पर काम किया। वर्तमान में नवभारत टाइम्‍स वेबसाइट के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

सुधेंद्र प्रताप सिंह ने साल 2008 में प्रतिष्ठित डॉ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा से अंग्रेजी में पोस्‍ट ग्रेजुएशन (MA) किया है।इसके बाद साल 2011 में केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा से पत्रकारिता एवं जनसंचार में पोस्‍ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा किया है।और पढ़ें