जागरण संवाददाता, जयपुर। अनुकंपा नियुक्ति और संपत्ति के लालच में जयपुर की 24 वर्षीय युवती ने अपने ताऊ और चचेरे भाई के साथ मिलकर अपनी 45 वर्षीय मां नीरज शर्मा की हत्या करवा दी। आरोप है कि उसने सात लाख रुपये की सुपारी दी। उसने हत्या को इस तरह से अंजाम देने को कहा जिससे पुलिस को यह सड़क दुर्घटना लगे।
पुलिस के अनुसार, मृतका के पति का निधन एक साल पहले हो गया था। बाद उन्हें अनुकंपा के आधार पर एलडीसी की सरकारी नौकरी मिली थी। आरोपति उस नौकरी और परिवार की पूरी संपत्ति खुद हथियाना चाहती थी।
पुलिस ने इस मामले में बेटी आयुषी, उसके ताऊ और चचेरे भाई सहित सात आरोपितों को सोमवार रात को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने वह स्कार्पियो भी बरामद कर ली, जिससे महिला को कुचला गया था। घटना तीन जुलाई शाम की है।
बता दें कि नीरज शर्मा अपने 16 वर्षीय बेटे को ट्यूशन छोड़कर आ रही थी, इसी दौरान तेज रफ्तार स्कार्पियो ने उनको कुचल दिया। हादसे के बाद स्कार्पियो चालक गाड़ी लेकर फरार हो गया था। पुलिस ने इसे सड़क दुर्घटना मानकर पोस्टमार्टम के बाद शव स्वजन को सौंप दिया था।
पुलिस उपायुक्त रंजीता शर्मा ने बताया कि हादसे की जांच के दौरान मृतका के बड़े भाई ने बताया कि भांजी आयुषी ने उन्हें फोन कर कहा था कि मम्मी की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। इतना कह कर उसने फोन रख दिया। मेरी बहन नीरज पिछले कुछ दिनों से परेशान चल रही थी।
नीरज ने पहले बताया भी था कि बेटी आयुषी, सास, जेठ मिलकर परेशान करते हैं। मेरी संपत्ति हड़पने के लिए कई बार जान से मारने की धमकी दे चुके हैं। मुझे शक है कि मेरी बहन की हत्या करवाई गई है। इसके बाद पुलिस ने जांच की दिशा बदली।
आसपास के सीसीटीवी फुटेज जांचने के साथ ही आरोपितों से सख्ती से पूछताछ की। पूछताछ में सामने आया कि आयुषी अपने पिता के स्थान पर मृतक आश्रित के रूप में नौकरी करना चाहती थी, लेकिन मां ने खुद वह नौकरी ले ली। इससे तनाव पैदा हुआ। इसके बाद आरोपत ने नौकरी और संपत्ति, दोनों पर कब्ज़ा करने के लिए अपने ताऊ और चचेरे भाई के साथ मिलकर अपनी मां को रास्ते से हटाने की साज़िश रची।