ब्रह्मोस के बाद चीन के मुंह पर एक और तमाचा! चीन के खजाने पर भारत की चोट – india australia rare earth minerals uranium supply deal china dependency end


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चीन के मुंह पर एक और तमाचा! जिस खजाने पर इतराते हैं जिनपिंग, अब उसी पर चोट

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Rare Earth Minerals Deal: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों की यात्रा पर हैं. पीएम मोदी सबसे पहले इंडोनेशिया गए. उसे बाद वे ऑस्‍ट्रेलिया पहुंचे हैं. इसके बाद पीएम मोदी न्‍यूजीलैंड के दौरे पर जाएंगे. उनकी यह यात्रा कई मायनों में अहम है. खासकर चीन के संदर्भ में. भारत और इंडोनेशिया के बीच ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल डील पर सहमति बनी है, जिसको लेकर बीजिंग तिलमिलाया हुआ है. अब भारत और ऑस्‍ट्रेलिया के बीच ऐसे करार होने की संभावना है, जिससे चीन के माथे पर पसीना आना तय है.

चीन के मुंह पर एक और तमाचा! जिस खजाने पर इतराते हैं जिनपिंग, अब उसी पर चोटZoom

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑस्‍ट्रेलिया के दौरे पर हैं. इस दौरान भारत और ऑस्‍ट्रेलिया के बीच रेयर अर्थ मिनरल्‍स के साथ ही यूरेनियम की सप्‍लाई को लेकर डील हो सकती है. (फोटो: Reuters)

Rare Earth Minerals Deal: अमेरिका की डोनाल्‍ड ट्रंप सरकार ने जबसे ‘इंडो-पैसिफिक’ स्‍ट्रैटजी से इंडो हटाया है, हिन्‍द-प्रशांत क्षेत्र के देशों ने आपसी कूटनीति को नई दिशा देने की शुरुआत कर दी है. इसे धार देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रशांत महासागर क्षेत्र या उससे कनेक्‍टेड तीन देशों की यात्रा पर हैं. उनकी इस यात्रा को खासतौर से चीन के बढ़ते प्रभुत्‍व के खिलाफ डेटरेंट के तौर पर देखा जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया के बाद अब ऑस्‍ट्रेलिया पहुंचे हैं. पीएम मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल डील पर सहमति बनी है. इससे चीन बौखला गया है. चीनी मीडिया इसे स्‍ट्रैटजिक शिफ्ट के तौर पर देख रही है. अब भारत और ऑस्‍ट्रेलिया के बीच रेयर अर्थ मिनरल्‍स को लेकर करार होने की संभावना है. इसके अलावा यूरेनियम सप्‍लाई को लेकर भी डील हो सकती है. चीन का रेयर अर्थ मिनरल्‍स पर फिलहाल एकाधिकार है. हाल के महीनों में चीन ने इसके निर्यात पर नकेल कसा है, जिससे भारत भी प्रभावित हुआ है. ऐसे में भारत-ऑस्‍ट्रेलिया के बीच रेयर अर्थ मिनरल्‍स (Rare Earth Minerals) की संभावित डील चीन की मनमानी पर रोक लगाने की दिशा में अहम साबित हो सकता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार 9 जुलाई 2026 को मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज के साथ द्विपक्षीय शिखर वार्ता करेंगे. इस बैठक में दोनों देशों के बीच रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग, व्यापार, क्रिटिकल मिनरल्स, एनर्जी पार्टनरशिप और रणनीतिक संबंधों को और मजबूत बनाने पर व्यापक चर्चा होने की उम्मीद है. दोनों नेताओं के बीच यूरेनियम निर्यात से जुड़े समझौते को आगे बढ़ाने पर भी विशेष फोकस रहने की संभावना है. दोनों देशों के बीच निवेश, सप्लाई चेन और टेक्‍नोलॉजी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा होने की संभावना है.

यूरेनियम सप्‍लाई एजेंडे में सबसे ऊपर

ऑस्ट्रेलियाई मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, भारत को यूरेनियम निर्यात से संबंधित समझौते को अंतिम रूप दिया जा सकता है. हालांकि, भारत और ऑस्ट्रेलिया ने वर्ष 2014 में असैन्य परमाणु सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन अब तक यूरेनियम निर्यात सीमित रहा है. इसकी प्रमुख वजह यह सुनिश्चित करना रही है कि परमाणु ईंधन का उपयोग केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों, विशेष रूप से ऊर्जा उत्पादन, के लिए ही किया जाए. संभावित समझौते को लेकर पूछे जाने पर प्रधानमंत्री अल्बनीज ने कहा कि इस विषय पर वह प्रधानमंत्री मोदी के साथ संयुक्त रूप से जानकारी साझा करेंगे और दोनों देश कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करने वाले हैं.

हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक साझेदार

भारत और ऑस्ट्रेलिया के आर्थिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं. भारत ऑस्ट्रेलिया का पांचवां सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, जबकि ऑस्ट्रेलिया में लगभग दस लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं. दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक साझेदार के रूप में भी सहयोग बढ़ा रहे हैं. रक्षा, समुद्री सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में साझेदारी दोनों देशों की प्राथमिकताओं में शामिल है. ऑस्ट्रेलिया पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री मोदी इंडोनेशिया के दौरे पर थे, जहां दोनों देशों के बीच कृषि, रक्षा और ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल प्रणाली सहित कई महत्वपूर्ण समझौतों पर सहमति बनी. ऑस्ट्रेलिया यात्रा के बाद प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार को न्यूजीलैंड रवाना होंगे और वहां से भारत लौटेंगे.

रेयर अर्थ मिनरल्‍स पर नजर

भारत और ऑस्‍ट्रेलिया के बीच होने वाले संभावित रेयर अर्थ मिनरल्‍स डील पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं. खासकर चीन की इसपर विशेष नजर है. बीजिंग का रेयर अर्थ मिनरल्‍स पर फिलहाल एकाधिकार है. रेयर अर्थ मिनरल्‍स EV के साथ ही स्‍मार्टफोन और डिफेंस सेक्‍टर के लिए काफी महत्‍वपूर्ण होते हैं. इसके बिना इनका उत्‍पादन संभव नहीं है. इसके अलावा सेमी-कंडक्‍टर में भी रेयर अर्थ मिनरल्‍स की भूमिका काफी अहम होती है. ऐसे में भारत का रेयर अर्थ मिनरल्‍स के सेक्‍टर में आत्‍मनिर्भर बनने और दूसरे विकल्‍प पर विचार करना जरूरी हो गया है. भारत और ऑस्‍ट्रेलिया के बीच यदि इसपर डील पक्‍की होती है तो यह चीन के मुंह पर करारा तमाचा होगा.

ब्रह्मोस से खौफ में चीन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच जकार्ता में हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद भारत ने स्वदेशी एयर-लॉन्च्ड अस्त्र मिसाइल की बिक्री पर सहमति जताई, जबकि ब्रह्मोस मिसाइल की बिक्री के लिए दोनों देशों ने एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए. दक्षिण-पूर्व एशिया में यह भारत का तीसरा मिसाइल निर्यात समझौता है, जिसे क्षेत्र में भारत की बढ़ती सामरिक मौजूदगी के रूप में देखा जा रहा है. इंडोनेशिया मलक्का, लोंबोक, सुंडा और ओम्बाई-वेटर जैसे चार प्रमुख समुद्री जलडमरूमध्यों पर स्थित है, जो हिंद महासागर और प्रशांत महासागर को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण वैश्विक समुद्री व्यापार मार्ग हैं. चीनी मीडिया भारत-इंडोनेशिया के बीच ब्रह्मोस डील को रीजन में स्‍ट्रैटजिक शिफ्ट के तौर पर देख रही है.

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Manish Kumar

बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें



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