इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ब्रेंडन मैकुलम की जगह आरसीबी के मौजूदा हेड कोच एंडी फ्लावर को टेस्ट टीम का मुख्य कोच बनाने की पूरी कोशिश कर रहा है। हालांकि, फ्लावर का आईपीएल का भारी-भरकम कॉन्ट्रैक्ट इस राह में सबसे बड़ी रुकावट है।

एंडी फ्लावर का इंग्लैंड क्रिकेट में स्वर्णिम इतिहास
एंडी फ्लावर का इंग्लैंड क्रिकेट के साथ इतिहास बेहद पुराना और बेहद सफल रहा है। उन्होंने साल 2007 में पीटर मूर के सहायक कोच के रूप में इंग्लैंड सेटअप में कदम रखा था। 2009 में मूर के हटने के बाद वे अंतरिम डायरेक्टर बने और फिर उसी साल उन्हें पूर्णकालिक टीम डायरेक्टर नियुक्त कर दिया गया। उनका 5 साल से अधिक का यह कार्यकाल इंग्लिश टेस्ट इतिहास के सबसे स्वर्णिम दौर में से एक माना जाता है। उनके मार्गदर्शन में इंग्लैंड ने 2009 में घर पर एशेज जीती थी और इसके बाद 2010-11 में ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर में ऐतिहासिक शिकस्त दी थी, जो ऑस्ट्रेलिया में इंग्लैंड की आखिरी एशेज जीत है। फिर 2013 में भी उन्होंने घर पर एशेज जीती थी।
उनके मार्गदर्शन में ऐतिहासिक एशेज जीतों के साथ-साथ साल 2010 में फ्लावर की देखरेख में ही इंग्लैंड ने अपना पहला आईसीसी खिताब, टी20 वर्ल्ड कप जीता था। इसके बाद अगस्त 2011 में इंग्लैंड ने भारत को 4-0 से हराकर दुनिया की नंबर-1 टेस्ट टीम बनने का गौरव भी हासिल किया था। साल 2013-14 में ऑस्ट्रेलिया के हाथों मिली 5-0 की करारी एशेज हार के बाद फ्लावर का हेड कोच के रूप में कार्यकाल समाप्त हो गया था, हालांकि वे अगले कुछ सालों तक अन्य भूमिकाओं में ईसीबी से जुड़े रहे थे।
आरसीबी के लिए किसी बड़े भूकंप से कम नहीं होगा एंडी फ्लावर का जाना
इंग्लैंड का कोच बनने के बाद फ्लावर ने दुनिया भर की टी20 लीग्स में डेटा और व्यावहारिक सोच के दम पर खुद को सबसे आधुनिक और सफल टी20 कोच के रूप में स्थापित किया। बिना किसी खिताब वाली आरसीबी ने साल 2023 में उन्हें तीन साल के लिए अपने साथ जोड़ा था, जिसके बाद उन्होंने टीम की किस्मत पूरी तरह बदल दी। साल 2024 में उन्होंने एक कमजोर टीम को संभाला और चिन्नास्वामी स्टेडियम में सुपरस्टार संस्कृति को खत्म करते हुए निस्वार्थ आक्रामक क्रिकेट को बढ़ावा दिया। इसके बाद 2025 की मेगा नीलामी में उन्होंने डायरेक्टर मो बोबैट के साथ मिलकर केवल विराट कोहली को रिटेन किया और अपनी पसंद की एक बेहद संतुलित टीम बनाई। फ्लावर की इसी रणनीति के दम पर आरसीबी ने आईपीएल इतिहास की सबसे संपूर्ण टीम बनकर लगातार दो बार आईपीएल का खिताब अपने नाम किया। हाल ही में आरसीबी का नया टेकओवर हुआ है, ऐसे में नए मालिक अपनी सफलता के सबसे बड़े स्तंभ को किसी भी कीमत पर खोना नहीं चाहेंगे। अगर फ्लावर ईसीबी का रुख करते हैं, तो यह बेंगलुरु के लिए एक विनाशकारी झटका होगा।
