सम्राट चौधरी ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट किया है कि न्यायिक जाँच के अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर बिहार सरकार द्वारा दिवंगत भरत तिवारी के परिवार को आर्थिक सहायता एवं एक परिजन को सरकारी नौकरी प्रदान की जाएगी।
Samrat Choudhary on Bharat Tiwari Encounter: बिहार की सियासत में भूचाल पैदा करने वाले आरा के भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ी घोषणा की है। सीएम ने कहा है कि भरत तिवारी के एक परिजन को सरकारी नौकरी और आर्थिक सहायता दी जाएगी। हालांकि, भरत तिवारी के भाई ने कहा है कि उन्हें न्याय चाहिए। जिन लोगों ने भरत तिवारी को मारा उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई से ही न्याय मिलेगा। हाईकोर्ट के रिटायर न्यायाधीश की अध्यक्षता में इस मामले की जांच की जा रही है। पुलिस एनकाउंटर के नाम पर भरत तिवारी पर पहली गोली चलाने वाले एसटीएफ जवान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। भरत के पिता काशीनाथ तिवारी की शिकायत पर इसमें हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
सीएम ने सोशल मीडिया के माध्यम से यह जानकारी दी। सम्राट चौधरी ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट किया है कि न्यायिक जाँच के अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर बिहार सरकार द्वारा दिवंगत भरत तिवारी के परिवार को आर्थिक सहायता एवं एक परिजन को सरकारी नौकरी प्रदान की जाएगी। पिछले दिनों भाजपा सांसद मनोज तिवारी के सहयोग से भरत तिवारी के परिजन मुख्यमंत्री से मिले थे। सीएम ने उन्हें त्वरित कार्रवाई करते हुए उचित कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
सीएम सम्राट चौधरी के ऐलान पर भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी ने फौरी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि यह हमारे परिवार की मांग नहीं है। उन्होंने इस ऐलान की जानकारी नहीं होने की बात कही। साफ शब्दों में कहा कि हमारे परिवार को न्याय मिलना चाहिए। भरत तिवारी की मौत के लिए जो लोग जिम्मेदार हैं उनके खिलाफ सरकार कानूनी कार्रवाई करे। अभी तक एक आरोपी की गिरफ्तारी हुई है। अन्य आरोपियों को जल्द से जल्द कानून के शिकंजे में लाया जाए।
बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में भरत भूषण तिवारी को 17 जून 2026 को मार गिराया था। पुलिस की ओर से भरत तिवारी को पांच गोलियां मारी गईं। एक दिन पहले भरत तिवारी का वीडियो वायरल हुआ था जिसमें उसने पुलिस पर पिस्तौल तान रखा था। भरत तिवारी एनकाउंटर की सत्ताधारी दलों के नेताओं ने आलोचना की। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, बिहार के मंत्री अशोक चौधरी समेत कई नेताओं ने एनकाउंटर को फेक बताया। इस एनकाउंटर का सड़क से लेकर सदन तक विरोध हुआ। इस मामले में तत्कालीन एसडीपीओ राजेश शर्मी पर गंभीर आरोप लगे हैं।