2000 अफसरों को नियुक्ति पत्र वितरण (ETV Bharat)
पटना: बिहार के लिए रोजगार मुद्दा बन चुका है. प्रशांत किशोर में 10000 लोगों को नौकरी दिलाने की बात कही तो बिहार सरकार भी तत्पर हो गई और युवाओं को मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र दिये. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार रोजगार को लेकर प्रतिबद्ध है और 10 लाख युवाओं को रोजगार दिया जा चुका है.
बीएससी अभ्यर्थियों को मिला नियुक्ति पत्र: 70वीं बीपीएससी परीक्षा के जरिए चयनित अधिकारियों के लिए आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उन्हें प्रशासनिक सेवा की जिम्मेदारियों और जनता के प्रति जवाबदेही का अहसास कराया. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी पद सिर्फ अधिकार और सुविधाएं पाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह जनता की सेवा करने और राज्य के विकास में योगदान देने का अवसर देता है.उन्होंने अधिकारियों से पूरी ईमानदारी, निर्भीकता और बिना किसी दबाव के काम करने की अपील की.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (ETV Bharat)
अधिकारियों के कंधों पर है बड़ी जिम्मेदारी: मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में 70वीं बीपीएससी के माध्यम से चयन का एक बड़ा रिकॉर्ड बना है. उन्होंने नवनियुक्त अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि उनके कंधों पर अब बड़ी जिम्मेदारी है.जिस फाइल पर वे हस्ताक्षर करेंगे, उसका सीधा असर किसी न किसी परिवार के जीवन पर पड़ेगा. इसलिए हर निर्णय लेते समय उन्हें यह समझना होगा कि उनके फैसले से आम लोगों के जीवन में क्या बदलाव आएगा.
अच्छे अधिकारी गांव की तस्वीर बदल सकते हैं: मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप जिस भी फाइल पर साइन करेंगे, उससे किसी न किसी परिवार का भला हो सकता है. आपके जीवन में भी इस नौकरी के माध्यम से बदलाव आएगा, लेकिन उससे ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि आपके फैसलों से समाज और राज्य में कितना सकारात्मक बदलाव आता है.
बिहार में जारी है बहाली…
पटना के बापू सभागार में BPSC से चयनित 2,027 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। सभी नवनियुक्त अधिकारियों एवं उनके परिवारजनों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
सरकारी नौकरी लोकसेवा और जनकल्याण का माध्यम है। नवनियुक्त अधिकारी ईमानदारी, निष्पक्षता और… pic.twitter.com/fQfMi0NTWl
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) August 13, 2026
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक पद पर रहते हुए अधिकारी को सिर्फ सरकारी प्रक्रिया पूरी करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए. आम लोगों की समस्याओं को समझना और उनका समाधान करना भी अधिकारी की जिम्मेदारी है. एक सही फैसला किसी जरूरतमंद परिवार को राहत दे सकता है, किसी युवा का भविष्य बना सकता है और किसी गांव की तस्वीर बदल सकता है.
अधिकारी किसी के दबाव में काम ना करें: मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को ईमानदारी का महत्व समझाते हुए कहा कि बिहार की तरक्की सीधे तौर पर प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यशैली से जुड़ी है. उन्होंने कहा कि अधिकारी जितने ईमानदार और जिम्मेदार होकर काम करेंगे, बिहार उतनी ही तेजी से आगे बढ़ेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक पद पर रहते हुए कई तरह के दबाव सामने आ सकते हैं.
“अधिकारियों को भयमुक्त होकर निर्णय लेने की क्षमता विकसित करनी होगी. जनता के हित में सही निर्णय लेने के लिए अधिकारियों का स्वतंत्र और निष्पक्ष होना बेहद जरूरी है. पद अपने साथ अधिकार जरूर देता है, लेकिन उसके साथ सेवा का भाव भी देता है। अधिकारी तभी बेहतर तरीके से सेवा कर पाएंगे, जब वे किसी दबाव में आए बिना कानून और जनहित के आधार पर निर्णय लेंगे.”- सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री, बिहार
बापू सभागार में कार्यक्रम (ETV Bharat)
अधिकारी अहंकार से दूर रहें: अधिकारियों से कहा कि उन्हें अपने पद को लेकर अहंकार नहीं, बल्कि सेवा की भावना रखनी चाहिए.उन्होंने कहा कि अधिकारी जनता के सेवक हैं और उनकी प्राथमिकता आम लोगों की समस्याओं का समाधान होना चाहिए. उन्होंने कहा कि बिहार की उन्नति के लिए सरकार और प्रशासन को मिलकर काम करना होगा. इसके लिए जरूरी है कि अधिकारी गांव से लेकर शहर तक लोगों की समस्याओं को समझें और योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचाएं.
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