PM मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर ऐतिहासिक यूरेनियम डील फाइनल। बौखलाए खालिस्तानियों ने दिया सिर पकड़ने वाला बेतुका तर्क। भारत की क्लीन एनर्जी क्रांति की पूरी ताजा खबर यहां पढ़ें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर एक बड़े और ऐतिहासिक समझौते पर मुहर लगी है। भारत और ऑस्ट्रेलिया ने असैन्य परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में एक अहम करार किया है, जिसके तहत ऑस्ट्रेलिया भारत को कमर्शियल यूरेनियम का निर्यात करेगा। इस डील से जहां भारत के क्लीन एनर्जी लक्ष्यों को नई रफ्तार मिलेगी, वहीं खालिस्तानी समर्थकों में भारी बौखलाहट है। विरोध प्रदर्शन कर रहे खालिस्तानियों के तर्क इतने बेतुके हैं कि सुनकर कोई भी अपना सिर पकड़ ले।
खालिस्तानियों का बेतुका दावा: अल्पसंख्यकों के खिलाफ होगा यूरेनियम का इस्तेमाल
मेलबर्न में गवर्नमेंट हाउस के बाहर पीएम मोदी के दौरे का विरोध कर रहे खालिस्तानी समर्थकों ने एक बेहद हास्यास्पद और तर्कहीन नैरेटिव गढ़ने की कोशिश की है। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि ऑस्ट्रेलिया द्वारा भारत को दिया जाने वाला यूरेनियम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए नहीं, बल्कि “अल्पसंख्यकों के खिलाफ इस्तेमाल किया जाएगा।” एक खालिस्तानी ने कहा, “भारत को यूरेनियम नहीं मिलना चाहिए। वे भारत में मौजूद अल्पसंख्यकों के खिलाफ इस यूरेनियम का इस्तेमाल करेंगे।”
परमाणु ऊर्जा का इस्तेमाल बिजली उत्पादन के लिए होता है। इसे किसी समुदाय विशेष के खिलाफ हथियार के रूप में कैसे इस्तेमाल किया जा सकता है, यह विज्ञान और सामान्य समझ, दोनों से परे है। अंतरराष्ट्रीय संधियों और इस द्विपक्षीय समझौते में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि यह यूरेनियम “विशेष रूप से शांतिपूर्ण उद्देश्यों” और ऊर्जा उत्पादन के लिए ही इस्तेमाल होगा।
ऑस्ट्रेलिया-भारत यूरेनियम डील की असलियत और अहमियत
खालिस्तानियों के प्रोपेगेंडा से इतर, 9 जुलाई को पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज के बीच हुए इस करार के असली मायने कुछ इस प्रकार हैं।
भारत ने 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। ऑस्ट्रेलिया, जिसके पास दुनिया के सबसे बड़े यूरेनियम भंडार हैं, इस लक्ष्य को पूरा करने में एक अहम साझेदार बनेगा।
जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता में कमी। इस डील से भारत को कोयले और अन्य प्रदूषणकारी ईंधनों पर अपनी निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
भारत सरकार ने हाल ही में ‘शांति एक्ट’ लागू किया है, जो परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में निजी और विदेशी निवेश (49% तक) की अनुमति देता है। यह डील इस दिशा में एक गेम-चेंजर साबित होगी।
जब कुछ चंद खालिस्तानी बाहर अपनी बौखलाहट दिखा रहे थे उसी वक्त पीएम मोदी मेलबर्न स्टेडियम में हजारों की संख्या में भारतीय समुदाय को संबोधित कर रहे थे। ऑस्ट्रेलियाई पीएम भी उनके साथ थे। प्रवासी भारतीयों के कार्यक्रम ‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज की उपस्थिति में मोदी ने कहा कि उन्हें खुशी है कि शिक्षा, कौशल एवं नवोन्मेष के क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच साझेदारी गहरी और मजबूत हो रही है।
पीएम मोदी के दौरे के अन्य प्रमुख अपडेट्स
यूरेनियम डील के अलावा भी यह दौरा रणनीतिक और आर्थिक रूप से बेहद सफल रहा। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच कुल 18 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं।
- एक नया ‘संयुक्त रक्षा और सुरक्षा सहयोग घोषणापत्र’ अपनाया गया है, जिससे दोनों देशों की सेनाओं के बीच तालमेल और समुद्री सुरक्षा मजबूत होगी।
- दोनों देशों ने ‘व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते’ को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने का फैसला किया है।
- पीएम मोदी ने ऑस्ट्रेलियाई व्यवसायों को भारत में निवेश का न्योता दिया। इसके अलावा, ऑस्ट्रेलिया की विक्टोरिया यूनिवर्सिटी को गुरुग्राम में अपना कैंपस खोलने का अप्रूवल लेटर भी सौंपा गया।
- बिना किसी दोहरे मापदंड के दोनों देशों ने आतंकवाद की कड़ी निंदा की और इसके खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का संकल्प लिया।
ऑस्ट्रेलिया के साथ यूरेनियम डील भारत के विकास और ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक मील का पत्थर है। खालिस्तानी तत्वों द्वारा वैश्विक मंच पर भारत की छवि खराब करने के लिए गढ़े जा रहे मनगढ़ंत और हास्यास्पद दावे, जमीनी हकीकत और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के सामने पूरी तरह से खोखले साबित हो रहे हैं।