एथलेटिक्स के साथ सबसे बड़ा सपोर्ट स्टाफ
स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा की अगुआई वाली 32 सदस्यीय एथलेटिक्स टीम (22 पुरुष, 10 महिला) के साथ सबसे बड़ा सपोर्ट स्टाफ रहेगा। टीम के मुख्य कोच राधाकृष्णन नायर होंगे। एथलेटिक्स दल के साथ पांच कोच, दो फिजियो, एक डॉक्टर और दो अन्य मेडिकल विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं।
मुक्केबाजी टीम के साथ खेल मनोवैज्ञानिक
14 सदस्यीय भारतीय बॉक्सिंग टीम (सात पुरुष, सात महिला) के लिए आठ सदस्यीय सपोर्ट स्टाफ को मंजूरी मिली है। स्वीडन के सैंटियागो नीएवा मुख्य कोच होंगे, जबकि मंदाकिनी चानू कोचिंग स्टाफ की एकमात्र महिला सदस्य हैं। टीम के साथ खेल मनोवैज्ञानिक मैथिली भूपतानी भी रहेंगी।
वेटलिफ्टिंग और तैराकी टीम
मीराबाई चानू की अगुआई वाली 12 सदस्यीय वेटलिफ्टिंग टीम के साथ चार कोच, एक फिजियोथेरेपिस्ट और अन्य अधिकारी रहेंगे। वहीं पांच सदस्यीय तैराकी टीम के साथ निहार अमीन और संदीप सेजवाल को कोच एवं मैनेजर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पैरा खिलाड़ियों के लिए 42 सदस्यीय सपोर्ट स्टाफ
पैरा स्पोर्ट्स दल के लिए 42 सदस्यीय सपोर्ट स्टाफ को मंजूरी दी गई है। इसमें 11 सदस्यीय पैरा एथलेटिक्स टीम के साथ सबसे अधिक तीन अधिकारी रहेंगे।
कम खेलों के कारण पदकों पर असर संभव
लागत में कटौती के कारण इस बार ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन सीमित स्तर पर हो रहा है। प्रतियोगिता में केवल 10 सक्षम और छह पैरा खेल शामिल किए गए हैं। भारत नौ सक्षम खेलों और पांच पैरा खेलों में हिस्सा लेगा। शूटिंग, हॉकी, बैडमिंटन, कुश्ती और क्रिकेट जैसे भारत के पारंपरिक पदक दिलाने वाले खेल इस बार कार्यक्रम का हिस्सा नहीं हैं। ऐसे में भारत के कुल पदक प्रदर्शन पर इसका असर पड़ सकता है। खेल मंत्री मनसुख मांडविया पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि बहु-खेल प्रतियोगिताओं के लिए केवल उन्हीं खिलाड़ियों का चयन किया जाएगा, जिनके पदक जीतने की वास्तविक संभावना होगी।