HighlightsBharat Bhushan Tiwari’s death: घटना के बाद बिहार पुलिस ने एक थाना प्रभारी सहित चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था।Bharat Bhushan Tiwari’s death: कार्रवाई उस कथित वीडियो के सामने आने के बाद की गई थी।Bharat Bhushan Tiwari’s death: हथियारबंद संदिग्ध सुरक्षाकर्मियों की ओर पिस्तौल ताने दिखाई दे रहा था।
पटनाःबिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर पोस्ट किया हे। सीएम ने पोस्ट में कहा कि न्यायिक जाँच के अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर बिहार सरकार द्वारा दिवंगत भरत तिवारी के परिवार को आर्थिक सहायता एवं एक परिजन को सरकारी नौकरी प्रदान की जाएगी। भोजपुर जिले में कथित मुठभेड़ के दौरान भारत भूषण तिवारी की मौत हो गई थी। भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौती गांव निवासी भारत भूषण तिवारी की 17 जून को कथित पुलिस मुठभेड़ के दौरान मौत हो गई थी। घटना के बाद बिहार पुलिस ने एक थाना प्रभारी सहित चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया था।
बिहार में भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरूवार को ऐलान किया है कि भरत तिवारी के एक परिजन को सरकारी नौकरी और आर्थिक सहायता दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने यह फैसला न्यायिक आयोग जांच के अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर लिया है. इसकी जानकारी बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए दी.
दरअसल, भरत तिवारी का एनकाउंटर 17 जून, 2026 को हुआ था. मामले में गठित जांच आयोग ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट सौंप दी है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि न्यायिक जांच के अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर बिहार सरकार द्वारा दिवंगत भरत तिवारी के परिवार को आर्थिक सहायता एवं एक परिजन को सरकारी नौकरी प्रदान की जाएगी.’
उल्लेखनीय है कि 17 जून, 2026 को बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में पुलिस कार्रवाई के दौरान भरत भूषण तिवारी की मौत हो गई थी. इसके बाद पुलिस ने दावा किया था कि भरत तिवारी ने अवैध हथियार से पुलिस टीम पर हमला किया था, जिसके जवाब में उन्हें आत्मरक्षा में गोली चलानी पड़ी.
हालांकि, उनके परिवार और कुछ ग्रामीणों ने इस दावे पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि यह एक कथित एनकाउंटर था. इसे लेकर बिहार में राजनीति भी अपने चरम पर रही. इसके बाद भरत तिवारी के परिजनों ने बीते 24 जुलाई को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की थी. पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास, एक अणे मार्ग में हुई इस मुलाकात के दौरान भरत तिवारी की मां आशा देवी समेत परिवार के अन्य सदस्य पहुंचे थे. मुख्यमंत्री ने मुलाकात के दौरान भरत तिवारी के परिजनों को भरोसा दिलाया कि मामले में न्याय सुनिश्चित किया जाएगा.
बता दें कि भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में तत्कालीन एसडीपीओ, थानेदार समेत कुछ पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है. भरत तिवारी के परिवार ने एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए आरोप लगाया है कि आत्मसमर्ण करने के बावजूद उसे गोली मारी गई. मामला बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर जांच के लिए न्यायिक आयोग का गठन किया गया.
आयोग की जिम्मेदारी पटना हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस विनोद कुमार सिन्हा को सौंपी गई है. जांच के दौरान भरत तिवारी के परिवार के सदस्यों, प्रत्यक्षदर्शियों, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से पूछताछ की गई है. आयोग घटना से जुड़े सभी साक्ष्यों की जांच कर रहा है. न्यायिक जांच आयोग ने मुख्यमंत्री को अपनी अंतरिम जांच रिपोर्ट सौंपी है, जिसके आधार पर मुख्यमंत्री ने दिवंगत भरत तिवारी के परिवार को आर्थिक सहायता एवं एक परिजन को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है.
न्यायिक जाँच के अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर बिहार सरकार द्वारा दिवंगत भरत तिवारी के परिवार को आर्थिक सहायता एवं एक परिजन को सरकारी नौकरी प्रदान की जाएगी।
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) August 13, 2026