BPSC नियुक्ति पत्र हाथ में आते ही छलके आंसू, बोले- आज मेरी मेहनत सफल हुई; बेटी के हाथ में नियुक्ति पत्र देख भावुक हुए पिता


डिजिटल डेस्क, पटना। पटना के बापू सभागार में गुरुवार का दिन सैकड़ों युवाओं के लिए सिर्फ नियुक्ति पत्र पाने का दिन नहीं था, बल्कि वर्षों की मेहनत, संघर्ष और इंतजार के पूरा होने का पल था। बीपीएससी 70वीं परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों के चेहरे पर खुशी साफ नजर आई।

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के रहने वाले चंदन तिवारी का चयन ग्रामीण विकास विभाग में आरडीओ के पद पर हुआ है।

नियुक्ति पत्र हाथ में आते ही चंदन भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने काफी संघर्ष और मेहनत की है।

दूसरे राज्य से आए, फिर भी मिला मौका

चंदन ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का आभार जताते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष रही।

उन्होंने कहा कि दूसरे राज्य का निवासी होने के बावजूद उनका चयन बिना किसी भेदभाव के हुआ। चंदन के मुताबिक, ऐसी पारदर्शी व्यवस्था युवाओं के बीच भरोसा पैदा करती है।

उनके लिए नियुक्ति पत्र सिर्फ सरकारी नौकरी का कागज नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत का परिणाम है।

किसी का सपना पूरा हुआ, किसी की आंखें नम

समारोह में सिर्फ चयनित अभ्यर्थी ही भावुक नहीं हुए, बल्कि उनके अभिभावकों के लिए भी यह बेहद खास पल रहा।

नालंदा के चयनित अभ्यर्थी दीपक कुमार सिन्हा ने बीपीएससी में चयन का अवसर देने के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया।

उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में अधिकारियों की बहाली से बिहार आगे बढ़ेगा और तरक्की करेगा।

बेटी के हाथ में नियुक्ति पत्र देख पिता का सीना हुआ गर्व से चौड़ा

मीनल को नियुक्ति पत्र मिलने पर उनकी मां ममता कुमारी की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए बेहद खुशी और गर्व का क्षण है।

वर्षों से देखा सपना उनकी बेटी ने साकार कर दिया। वहीं राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि मुख्यमंत्री के हाथों उनकी बच्ची को नियुक्ति पत्र मिलना पूरे परिवार के लिए गर्व का पल है। उन्होंने बिहार सरकार के प्रयासों के लिए आभार जताया।

एक साथ 2026 युवाओं को मिला नियुक्ति पत्र

बीपीएससी 70वीं परीक्षा में सफल 2026 अभ्यर्थियों को 13 अगस्त को बापू सभागार में नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।

बड़े पैमाने पर हुई नियुक्तियों ने युवाओं के बीच उत्साह बढ़ाया है। परीक्षा का अंतिम परिणाम 20 जून 2026 को जारी किया गया था। कुल 2027 अभ्यर्थियों के चयन की जानकारी दी गई थी।

नौकरी के साथ बिहार के विकास की जिम्मेदारी

समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नवनियुक्त अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारी का अहसास कराया। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी सिर्फ पद, अधिकार और सुविधाओं तक सीमित नहीं है।

प्रशासनिक सेवा में अधिकारियों के फैसलों का सीधा असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ता है। इसलिए अधिकारियों को बिना दबाव और भय के निष्पक्ष निर्णय लेने चाहिए।

मुख्यमंत्री बोले- आपकी ईमानदारी से तय होगी बिहार की तरक्की

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे भविष्य में देश और बिहार के नेतृत्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

उन्होंने ईमानदारी और निष्पक्षता को प्रशासनिक सेवा की सबसे बड़ी ताकत बताया। उनका संदेश साफ था कि अधिकारी जितने ईमानदार होकर काम करेंगे, बिहार उतनी ही तेजी से तरक्की करेगा।

2030 तक एक करोड़ रोजगार का लक्ष्य

राज्य सरकार ने वर्ष 2025 से 2030 के बीच एक करोड़ नौकरी और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है।

इसके लिए सरकारी नियुक्तियों के साथ निजी क्षेत्र, उद्योग और कौशल विकास के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

लगातार हो रही नियुक्तियों से युवाओं में उम्मीद जगी है कि मेहनत के बाद सरकारी सेवा में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं।

नियुक्ति पत्र ने बदली खुशी की तस्वीर

बापू सभागार में गुरुवार को किसी के लिए वर्षों की मेहनत रंग लाई, तो किसी अभिभावक का पुराना सपना पूरा हुआ।

हाथ में नियुक्ति पत्र और चेहरे पर मुस्कान लिए निकले चयनित अभ्यर्थियों के लिए यह दिन यादगार बन गया।

समारोह ने एक संदेश भी दिया—मेहनत के लंबे सफर के बाद मिलने वाली सफलता की खुशी सिर्फ अभ्यर्थी की नहीं, पूरे परिवार की होती है।



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