भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
IMD ने आज, 27 जुलाई 2026 के लिए देश के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, कई इलाकों में बहुत भारी से अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है। कोलकाता समेत दक्षिण बंगाल में आज भी चेतावनी जारी रहेगी। अगर आपकी कार या घर को बारिश और पानी से नुकसान पहुंचा है, तो क्लेम पाने के लिए यह गाइड आपके बहुत काम आएगी।
सबसे पहले अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें: बिजली का मेन स्विच बंद कर दें, कीमती सामान को ऊंचाई पर रखें और नुकसान का वीडियो या फोटो सबूत के तौर पर जरूर बना लें। पानी में डूबी कार का इंजन स्टार्ट करने की गलती बिल्कुल न करें; ‘हाइड्रोलॉक’ की वजह से इंजन पूरी तरह बर्बाद हो सकता है। कार को टो (Tow) करवाकर ही ले जाएं, क्योंकि उसे चलाने से नुकसान बढ़ सकता है और क्लेम मिलने में दिक्कत आ सकती है। बीमा कंपनी को 24 से 48 घंटों के भीतर सूचना दें और हेल्पलाइन नंबर अपने पास रखें। क्विक टिप्स: इंजन स्टार्ट न करें; फोटो-वीडियो लें; तुरंत सूचना दें।

IMD अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार का इंश्योरेंस क्लेम कैसे लें
कोशिश करें कि नेटवर्क गैरेज में कैशलेस सुविधा का ही इस्तेमाल करें; अगर आप खुद भुगतान करते हैं, तो रीइम्ब्रर्समेंट के लिए स्टैम्प वाले बिल और इनवॉइस जरूर लें। वर्कशॉप से कहें कि वे प्री-ऑथराइजेशन के लिए फोटो और एस्टीमेट ऑनलाइन अपलोड करें। अपनी पॉलिसी, आरसी (RC), लाइसेंस और वीडियो तैयार रखें। क्लेम के दौरान स्टैंडर्ड डिडक्टिबल्स (कटौती) लागू होंगे और रिन्यूअल के समय आमतौर पर नो-क्लेम बोनस (NCB) खत्म हो जाता है। इंजन प्रोटेक्ट एड-ऑन पानी घुसने और हाइड्रोलॉक को कवर करता है; इसके बिना क्लेम मिलना मुश्किल हो सकता है।
अगर मरम्मत का खर्च कार की वैल्यू (IDV) के 75 प्रतिशत से ज्यादा है, तो ‘कंस्ट्रक्टिव टोटल लॉस’ की मांग करें। नियम के मुताबिक, सूचना मिलने के 72 घंटों के भीतर बीमा कंपनी को सर्वेयर नियुक्त करना होगा। सर्वे रिपोर्ट मिलने के 30 दिनों के भीतर उन्हें सेटलमेंट ऑफर करना चाहिए। अगर मामला नहीं सुलझता, तो आप ‘बीमा भरोसा’ या इंश्योरेंस ओम्बुड्समैन (लोकपाल) के पास शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
IMD अलर्ट: घर और सामान के नुकसान पर क्लेम टिप्स
स्टैंडर्ड फायर एंड स्पेशल पेरिल्स वाली होम पॉलिसी में बाढ़ और जलभराव से होने वाला नुकसान कवर होता है। घर के सामान (Contents) का कवर तभी मिलता है जब आपने उसे पॉलिसी में चुना हो; अपना शेड्यूल जरूर चेक करें। अचानक पाइप या टैंक फटने से हुआ नुकसान कवर होता है, लेकिन धीरे-धीरे होने वाली सीलन (seepage) आमतौर पर कवर नहीं होती। पानी के निशान (waterlines) की फोटो लें, खराब हुए सामान की लिस्ट बिलों के साथ बनाएं और तुरंत कंपनी को सूचित करें। क्विक टिप्स: पानी के निशान, सामान की लिस्ट, तुरंत क्लेम।
इंश्योरेंस क्लेम गाइड: इमरजेंसी फंड बनाम FD रिटर्न
| इन्वेस्टमेंट | अनुमानित दर | 5 साल | 10 साल | 15 साल |
|---|---|---|---|---|
| सेविंग्स अकाउंट | 3.5% | ₹1,18,769 | ₹1,41,060 | ₹1,67,420 |
| फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) | 7.0% | ₹1,40,255 | ₹1,96,715 | ₹2,75,911 |
आज के अलर्ट को देखते हुए सावधानी बरतें, हर नुकसान का रिकॉर्ड रखें और समय सीमा का पालन करें। पानी में डूबी कार को स्टार्ट न करें; कैशलेस टोइंग और वर्कशॉप की मदद लें। सर्वेयर की डेडलाइन पर नजर रखें, फैसले के लिए कंपनी पर दबाव बनाएं और जरूरत पड़ने पर शिकायत करें। एक छोटा इमरजेंसी फंड भी क्लेम प्रोसेस होने तक मरम्मत के खर्चों को संभालने में काफी मददगार साबित होता है।